# बड़ी तोप डोप चीज़ है:
इंडियन क्रिकेट टीम के यूसुफ़ पठान डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं. होने को इसमें उनका अपराध कम माना गया और भूल ज़्यादा क्यूंकि डोप टेस्ट से पहले यूसुफ़ पठान ने खराब तबियत के चलते एक टेबलेट ले ली थी जिसमें ऐसा तत्व था जिसकी मौजूदगी खिलाड़ियों के शरीर में नहीं होनी चाहिए. इसी डोपिंग के चलते अभी कुछ रोज़ पहले ही विंटर ओलंपिक्स में पूरे देश (रूस) पर प्रतिबंध लगा था.
और ये तो केवल हाल की दो बड़ी घटनाएं हैं, अन्यथा तो डोपिंग और खेल का रिश्ता जन्मों-जन्मों का है. आप लोग आए दिन ही ये खबर पढ़ते होंगे कि फलाना डोप टेस्ट में फेल हुआ, ढिमका का डोप टेस्ट के चक्कर में पदक छीन लिया.खेलों के साथ डोपिंग का रिश्ता इसलिए इतना मज़बूत है क्यूंकि ये तत्त्व खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार करते हैं. और डोपिंग खेलों में इल्लीगल इसलिए हैं क्यूंकि जिसने डोप लिया उसे अन्य खिलाड़ियों की तुलना में एडवांटेज मिल जाता है. तो आप पूछेंगे कि इसे सभी खिलाड़ियों के लिए वैध क्यूं नहीं कर दिया जाता? इसलिए क्यूंकि ये अन्यथा भी इल्लीगल हैं. और अन्यथा इल्लीगल इसलिए हैं क्यूंकि इसके फायदे बहुत कम और नुकसान बहुत अधिक हैं. इसको पीकर मृत्यु हो जाना तो इसका सबसे माइल्ड नुकसान है.
# दो डोप बैलों की जोड़ी:
बहरहाल, अभी तक इंसानों की पहुंच तक सीमित यह व्यसन लगता है कि जानवरों को भी अपना निशाना बना चुका है. भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) ने जल्लीकट्टू के आयोजकों से साफ़-साफ़ कह दिया है कि इस बार जल्लीकट्टू के आयोजन से पहले बैलों का निकोटिन और कोकेन परीक्षण ज़रूरी हो.
जल्लीकट्टू तमिलनाडू का एक बहुत लोकप्रिय खेल है जो वहां के एक बड़े त्यौहार पोंगल के दौरान आयोजित होता है. इसमें एक बैल कम से कम दस से पन्द्रह अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेता है.कोई बड़ी बात नहीं अगर इन खेलों में प्रदर्शन सुधारने के लिए बैलों को निकोटिन और कोकेन खिलाया जाता रहा हो.
# कैसे पता चले लेकिन ये कोकेन?
उधर आयोजकों का कहना है कि, मुश्किल ये है कि डोप टेस्ट किए कैसे जाएं? इससे पहले हुए आयोजनों में बैलों पर शराब वाले टेस्ट तो आसानी से कर लिए जाते थे, लेकिन ये डोप-टेस्ट टेढ़ी खीर है. हां एक और अच्छी बात बोर्ड(AWBI) के दिशानिर्देशों में शामिल है - इंश्योरेंस!बोर्ड ने कहा है कि जिस दिन जल्लीकट्टू आयोजित होता है, उस एक दिन के लिए बैल, बैल मालिकों और प्रतिभागियों के लिए 'एक दिन का बीमा' अनिवार्य होना चाहिए.
# ये बैल पहले भी आईं थीं लाइम लाइट फाइट में
पिछली बार भी जल्लीकट्टू को लेकर काफी विवाद हुआ था. पहले तो इसे 'निरीह प्राणियों पर अत्याचार' मानकर प्रतिबंधित किया गया, फिर प्रतिबंध फिर हटाया दिया गया. कमल हसन से लेकर रजनीकांत तक के स्टेंड सामने आए थे. ये भी पढ़ें: गुजरात: इस कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने पुलिस को ही गुंडागर्दी का लाइसेंस दे दिया था नरेंद्र मोदी के 6 पर्सनल किस्से और सातवां जो मैं आपको पूरा नहीं बताऊंगा क्या गोधरा कांड की शुरुआत एक स्टेशन पहले हो गई थी? गोधरा के नाम से अगर दंगे याद आते हैं, तो ये तस्वीरें देखिए गुजरात चुनाव: कौन है वो शख्स, जिसके आगे ‘गिड़गिड़ा’ रहे हैं मुख्यमंत्री विजय रुपानी! गुजरात के इस जिले में नौ बार से एक कांग्रेसी नेता बीजेपी को छका रहा है गुजरात का वो जिला, जहां से निकला नारा गुजरात चुनाव का सबसे हॉट टॉपिक बन गया कहानी उस रेप केस की, जिसे लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर हमला बोला है पीएम मोदी से जुड़ी एक चीज, जो अमित शाह को नापसंद है!
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