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ईरान ने अमेरिका को भेजी 7 सख्त शर्तें, तेहरान का दावा- 'वॉशिंगटन को माननी पड़ेगी हमारी बात'

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने कहा कि ईरान अमेरिका की सभी कमजोरियों से वाकिफ है. उन्होंने यह भी कहा कि वेस्ट एशिया में व़ॉशिंगटन के दखल को पूरी तरह से खत्म करेंगे.

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ईरान ने कहा कि वो अमेरिका की सभी कमजोरियों से वाकिफ. (Courtesy: PTI/ITG)

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  • ईरान ने अमेरिका से बातचीत फिर से शुरू करने के लिए सात शर्तें रखीं जिनमें अमेरिकी नौसेना का ब्लॉकेड हटाना, ईरानी फ्रीज संपत्ति की वसूली और पूरे वेस्ट एशिया में युद्ध रोकना शामिल है।
  • ईरान की ये शर्तें वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष और अमेरिका के सैन्य हस्तक्षेपों के कारण सामने आई हैं, जिसके चलते मध्यस्थता के लिए कतर और पाकिस्तान को जोड़ा गया है।
  • अगर अमेरिका इन शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो ईरान ने निर्णायक जंग के लिए अपनी तैयारियों को बढ़ा दिया है और संबद्ध मिसाइल परीक्षण भी किए हैं।

ईरान ने अमेरिका से बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए 7 शर्तें रख दी हैं. वेस्ट एशिया में जंग खत्म करने के लिए ईरान ने ये शर्तें कतर और पाकिस्तान के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचाई हैं. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने कहा कि जंग खत्म करने के लिए अमेरिका को इन शर्तों को मानना होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शर्तें नहीं मानी गईं तो ईरान निर्णायक जंग के लिए पूरी तरह तैयार है.

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अमेरिका को ईरान की चेतावनी

मोहसिन रेजाई ने कतरी न्यूज चैनल अल जजीरा को एक इंटरव्यू दिया. चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और कतर एक बार फिर ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं. रेजाई ने साफ कहा कि वॉशिंगटन अगर इन शर्तों को नहीं मानता है, तो ईरान किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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मोहसिन रेजाई. (Courtesy: @PressTV/ X)

ईरानी अधिकारी से शर्तों को खुलासा करने की गुजारिश की गई. इस पर उन्होंने लंबे समय तक शांति बनाए रखने के लिए कम से कम तीन शर्तें बताईं. इनमें अमेरिका नेवी का ब्लॉकेड हटाना, ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को बहाल करना और पूरे वेस्ट एशिया में, खासकर लेबनान से यमन तक के मोर्चे पर युद्ध रोकना शामिल है.

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20 सितंबर को मोहन रेजाई ने X पर भी चेतावनी भरे लहजे में कहा,

"ईरान ने अमेरिकी सरकार के सामने बातचीत शुरू करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं. तेहरान का संदेश साफ है और इसे लेकर हमें कोई शंका नहीं है. अगर वॉशिंगटन अपनी ही पैदा की गई मुश्किलों से निकलना चाहता है और उनमें और ज्यादा नहीं फंसना चाहता है, तो उसके पास ईरान के अधिकारों और शर्तों को मानने के अलावा कोई चारा नहीं है."

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मोहसिन रेजाई का पोस्ट. (Courtesy: @ir_rezaee/ X)
ईरान परमाणु बम बनाएगा?

ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर मोहसिन रेजाई ने कहा कि परमाणु नीति को लेकर तेहरान का रुख नहीं बदला है. उन्होंने कहा कि ईरान आज भी सुप्रीम लीडर्स का धार्मिक फतवा मानता है. परमाणु बम यानी बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले हथियारों को धार्मिक रूप से मना (हराम) बताया गया है.

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उन्होंने बताया कि ईरान ने 'परमाणु अप्रसार संधि' (Nuclear Non-Proliferation Treaty) से हटने का फैसला नहीं किया है. उन्होंने चेतावनी दी कि वॉशिंगटन के कदम देखकर तेहरान परमाणु पर अपने पुराने फैसले पलट सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका युद्ध बढ़ाता है, तो उनकी तैयारी पहले के मुकाबले बहुत अच्छी है.

'अमेरिका की सभी कमजोरियों से वाकिफ'

उन्होंने बताया कि ईरान ने हाल ही में एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के पास एंटी-शिप क्लस्टर मिसाइल का परीक्षण किया. उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका की सभी कमजोरियों से वाकिफ है. वेस्ट एशिया में अमेरिका का दखल खत्म कर देगा. मोहसेन रेजाई के मुताबिक, ईरान के निशाने पर सबसे पहले अमेरिकी नौसेना के एसेट्स हैं.

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