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ओडिशा सरकार ने ऐसा क्या किया कि कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में सुसाइड की धमकी दे दी?

ओडिशा सरकार ने ऐसा क्या किया कि कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में सुसाइड की धमकी दे दी?

ओडिशा सरकार के फैसले की वजह से राज्य विधानसभा को हाल में 8 बार स्थगित करना पड़ा. ये फैसला है कम छात्रों वाले स्कूलों के मर्जर यानी आपस में विलय करने का. ओडिशा सरकार का कहना है कि ये फैसला छात्रों के हित में है. इसे राज्य में शिक्षा की स्थिति को बेहतर करने के लिए … और पढ़ें ओडिशा सरकार ने ऐसा क्या किया कि कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में सुसाइड की धमकी दे दी?

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जरूरतमंद छात्रों को फीस में छूट और फ्री में लैपटॉप देंगे दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेज

जरूरतमंद छात्रों को फीस में छूट और फ्री में लैपटॉप देंगे दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेज

दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों ने कुछ कोर्सेज के फीस में कटौती करने का फैसला किया है. इसके अलावा छात्रों से वन-टू-वन संवाद, जरूरतमंद छात्रों को लैपटॉप और इंटरनेट डेटा कार्ड देने का फैसला भी किया गया है. पिछले दिनों दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने आर्थिक तंगी की वजह से पढ़ाई में हो रही दिक्कत … और पढ़ें जरूरतमंद छात्रों को फीस में छूट और फ्री में लैपटॉप देंगे दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेज

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रंगरूट: SSC GD 2018 में पैरामिलिट्री के लिए निकली भर्ती की नियुक्तियां अभी तक क्यों नहीं हो पाई?

21 जुलाई 2018. स्टाफ सेलेक्शन कमीशन यानी SSC ने कॉन्स्टेबल GD (जनरल ड्यूटी) की एक भर्ती निकाली. बोलचाल की भाषा में इसे SSC GD 2018 कहा गया. ये भर्ती पैरामिलिट्री फोर्सेज (CRPF, ITBP, BSF, CISF, NIA और असम राइफल्स) में सिपाहियों के 54 हजार पदों पर भर्ती के लिए निकाली गई थी. जिसे बाद में बढ़ाकर 60210 पदों के लिए कर दिया गया. भर्ती के तीन चरण होते हैं, रिटन एग्जाम, फिजिकल टेस्ट और मेडिकल टेस्ट. तीनों स्टेज पास कर चुके कैंडिडेट्स को अब तक यानी नवंबर 2020 तक नियुक्ति नहीं मिली है. ऐसे में इन अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. 12 नवंबर को दिल्ली में राजघाट पर भर्ती से जुड़े कैंडिडेट्स ने प्रदर्शन भी किया. देखिए वीडियो.

रंगरूट: SSC GD 2018 में पैरामिलिट्री के लिए निकली भर्ती की नियुक्तियां अभी तक क्यों नहीं हो पाई?

21 जुलाई 2018. स्टाफ सेलेक्शन कमीशन यानी SSC ने कॉन्स्टेबल GD (जनरल ड्यूटी) की एक भर्ती निकाली. बोलचाल की भाषा में इसे SSC GD 2018 कहा गया. ये भर्ती पैरामिलिट्री फोर्सेज (CRPF, ITBP, BSF, CISF, NIA और असम राइफल्स) में सिपाहियों के 54 हजार पदों पर भर्ती के लिए निकाली गई थी. जिसे बाद में बढ़ाकर 60210 पदों के लिए कर दिया गया. भर्ती के तीन चरण होते हैं, रिटन एग्जाम, फिजिकल टेस्ट और मेडिकल टेस्ट. तीनों स्टेज पास कर चुके कैंडिडेट्स को अब तक यानी नवंबर 2020 तक नियुक्ति नहीं मिली है. ऐसे में इन अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. 12 नवंबर को दिल्ली में राजघाट पर भर्ती से जुड़े कैंडिडेट्स ने प्रदर्शन भी किया. देखिए वीडियो.

भैरंट

एग्जाम के दो दिन पहले तक ICAI क्यों बदल रहा है छात्रों का एग्जाम सेंटर?

एग्जाम के दो दिन पहले तक ICAI क्यों बदल रहा है छात्रों का एग्जाम सेंटर?

#icai_exams #icai_postpon #icai_denies_equality #icai_denies_justice ये वो हैशटैग हैं जो पिछले 15-20 दिनों से रह-रहकर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं. इन सब में जो कॉमन है वो है ICAI यानी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया. ICAI ही वो संस्थान है जो CA यानी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के एग्जाम कराती है. तो हुआ ये है … और पढ़ें एग्जाम के दो दिन पहले तक ICAI क्यों बदल रहा है छात्रों का एग्जाम सेंटर?

भैरंट

SSC GD 2018: नियुक्ति का इंतजार कर रहे 85 हजार अभ्यर्थी क्या मांग कर रहे हैं?

SSC GD 2018: नियुक्ति का इंतजार कर रहे 85 हजार अभ्यर्थी क्या मांग कर रहे हैं?

21 जुलाई 2018. स्टाफ सेलेक्शन कमीशन यानी SSC ने कॉन्स्टेबल GD (जनरल ड्यूटी) की एक भर्ती निकाली. बोलचाल की भाषा में इसे SSC GD 2018 कहा गया. ये भर्ती पैरामिलिट्री फोर्सेज (CRPF, ITBP, BSF, CISF, NIA और असम राइफल्स) में सिपाहियों के 54 हजार पदों पर भर्ती के लिए निकाली गई थी. जिसे बाद में … और पढ़ें SSC GD 2018: नियुक्ति का इंतजार कर रहे 85 हजार अभ्यर्थी क्या मांग कर रहे हैं?

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रंगरूट: Mina और Meena अलग हैं? ये कंफ्यूजन खत्म क्यों नहीं हो रहा?

शेक्सपियर बाबा कह गए हैं कि नाम में क्या रखा है. गुलाब को गुलाब न कहें तो क्या फर्क पड़ता है. लेकिन यहां तो नाम के चक्कर में ही घमासान मचा पड़ा है. नाम भी क्या, एक स्पेलिंग के चलते बड़े पदों पर भर्ती के लिए एग्जाम कराने वाली UPSC का विरोध शुरू हो गया है. क्या है यह मामला, और आखिर इसका समाधान क्या है? देखिए वीडियो में.

 

रंगरूट: Mina और Meena अलग हैं? ये कंफ्यूजन खत्म क्यों नहीं हो रहा?

शेक्सपियर बाबा कह गए हैं कि नाम में क्या रखा है. गुलाब को गुलाब न कहें तो क्या फर्क पड़ता है. लेकिन यहां तो नाम के चक्कर में ही घमासान मचा पड़ा है. नाम भी क्या, एक स्पेलिंग के चलते बड़े पदों पर भर्ती के लिए एग्जाम कराने वाली UPSC का विरोध शुरू हो गया है. क्या है यह मामला, और आखिर इसका समाधान क्या है? देखिए वीडियो में.

 
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CA कराने वाली संस्था ICAI ने अब नियमों में क्या बड़ा बदलाव किया?

सीए बनने में लगने वाला बरसों का वक्त अब कुछ कम हो जाएगा. इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (Institute of Chartered Accountants of India- ICAI) ने एक नया नियम लागू किया है. आइए जानते हैं कि इससे सीए करने वालों को क्या सहूलियतें होंगी. सीए कराने वाली संस्था ICAI के नए नियम के अनुसार, अब सीए फाउंडेशन कोर्स के लिए 10वीं पास स्टूडेंट्स भी आवेदन कर सकते हैं. हालांकि यह प्रोविजनल एडमिशन होगा और तब तक फाइनल नहीं होगा, जब तक 12वीं का एग्जाम पास नहीं कर लेते. इससे पहले नियम था कि केवल 12वीं पास स्टूडेंट्स ही सीए फाउंडेशन कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते थे. नया नियम छात्रों को अब 6 महीने पहले चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) बनने में मदद करेगा. पूरी खबर देखिए वीडियो में.

   

CA कराने वाली संस्था ICAI ने अब नियमों में क्या बड़ा बदलाव किया?

सीए बनने में लगने वाला बरसों का वक्त अब कुछ कम हो जाएगा. इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (Institute of Chartered Accountants of India- ICAI) ने एक नया नियम लागू किया है. आइए जानते हैं कि इससे सीए करने वालों को क्या सहूलियतें होंगी. सीए कराने वाली संस्था ICAI के नए नियम के अनुसार, अब सीए फाउंडेशन कोर्स के लिए 10वीं पास स्टूडेंट्स भी आवेदन कर सकते हैं. हालांकि यह प्रोविजनल एडमिशन होगा और तब तक फाइनल नहीं होगा, जब तक 12वीं का एग्जाम पास नहीं कर लेते. इससे पहले नियम था कि केवल 12वीं पास स्टूडेंट्स ही सीए फाउंडेशन कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते थे. नया नियम छात्रों को अब 6 महीने पहले चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) बनने में मदद करेगा. पूरी खबर देखिए वीडियो में.

   
भैरंट

भतेरे कोचिंग संस्थानों का दावा, NEET टॉपर उनका छात्र, पर शोएब ने लल्लनटॉप को क्या बताया?

भतेरे कोचिंग संस्थानों का दावा, NEET टॉपर उनका छात्र, पर शोएब ने लल्लनटॉप को क्या बताया?

नीट परीक्षा का रिजल्ट आ चुका है. शोएब आफताब ने इस परीक्षा में टॉप किया है. उन्हें 720 में से 720 अंक मिले हैं. उनके अलावा आकांक्षा सिंह को भी 720 नंबर मिले. शोएब ने कोटा में रहकर तैयारी की. लॉकडाउन में भी कोटा में ही रहे. शोएब के टॉप करने के बाद कई संस्थानों … और पढ़ें भतेरे कोचिंग संस्थानों का दावा, NEET टॉपर उनका छात्र, पर शोएब ने लल्लनटॉप को क्या बताया?

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रंगरूट: UPSC के क्वेश्चन पेपर में अगर ये बड़ी गलती न होती, तो इतनी भद्द न पिटती

आईएएस का पेपर हिन्दी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में छपता है. पेपर इंग्लिश में ही सेट किया जाता है. इसका अनुवाद हिन्दी में करके दूसरी तरफ छापा जाता है. मगर अक्सर ट्रांसलेशन में गड़बड़ी हो जाती है, जो फजीहत की वजह बनती है. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ. UPSC ने Civil Disobedience Movement (सिविल डिसओबिडिएन्स मूवमेंट) का अनुवाद असहयोग आंदोलन लिख दिया. जबकि ये दोनों चीजें अलग-अलग हैं. Civil Disobedience Movement को हिन्दी में सविनय अवज्ञा आंदोलन कहते हैं. देखिए वीडियो.

रंगरूट: UPSC के क्वेश्चन पेपर में अगर ये बड़ी गलती न होती, तो इतनी भद्द न पिटती

आईएएस का पेपर हिन्दी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में छपता है. पेपर इंग्लिश में ही सेट किया जाता है. इसका अनुवाद हिन्दी में करके दूसरी तरफ छापा जाता है. मगर अक्सर ट्रांसलेशन में गड़बड़ी हो जाती है, जो फजीहत की वजह बनती है. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ. UPSC ने Civil Disobedience Movement (सिविल डिसओबिडिएन्स मूवमेंट) का अनुवाद असहयोग आंदोलन लिख दिया. जबकि ये दोनों चीजें अलग-अलग हैं. Civil Disobedience Movement को हिन्दी में सविनय अवज्ञा आंदोलन कहते हैं. देखिए वीडियो.

झमाझम

IAS के क्वेश्चन पेपर में इस बार ऐसा क्या हो गया कि भसड़ मची पड़ी है?

IAS के क्वेश्चन पेपर में इस बार ऐसा क्या हो गया कि भसड़ मची पड़ी है?

The sheer suddenness of the move! The unexpected nature of the move! The unpredictability of the move! ये अल्फ़ाज़ एक न्यूज एंकर के मुंह से निकलकर मीम मटीरियल बन गए. और अब यही अल्फ़ाज़ संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) की आईएएस (IAS) परीक्षा के प्रीलिम्स 2020 के पेपर पर भी फिट किए जा रहे हैं. क्यों? … और पढ़ें IAS के क्वेश्चन पेपर में इस बार ऐसा क्या हो गया कि भसड़ मची पड़ी है?