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क्या अमित शाह ने करवाई अनुज लोया की प्रेस कॉन्फ्रेंस?

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है. सच जानिए.

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अमित शाह सोहरबुद्दीन एनकाउंटर मामले में अभियुक्त थे. जज लोया इसी मामले की सुनवाई कर रहे थे.
जज ब्रजगोपाल हरकिशन लोया. वो विशेष सीबीआई जज, जिनकी अदालत में हिंदुस्तान के सबसे हाई प्रोफाइल केस में से एक (सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस) चला. लेकिन उनके नाम की चर्चा न ज़िंदगी में उतनी रही, न उनकी 'रहस्यमयी' मौत के समय उतनी हुई, जितनी अब है. मीडिया का एक धड़ा लोया की मौत को संदिग्ध बताता है, दूसरा कहता है कि कुछ गलत नहीं हुआ. और फिर सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में न्यायपालिका में गड़बड़ की बात करते हैं. लोया यहां भी मुद्दा बन जाते हैं. जज लोया के परिवार पर उनकी मौत के आगे 'संदिग्ध' और 'दुखद लेकिन असंदिग्ध' लगाने का अच्छा खासा दबाव है. इसी सब से तंग आकर जज लोया के बेटे अनुज ने 14 जनवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें लोया परिवार के कुछ दोस्त भी शामिल हुए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुज ने पत्रकारों से कहा कि वो उनका परिवार बहुत तकलीफ में हैं और उनके परिवार को अकेले छोड़ दिया जाए, हैरेस न किया जाए. वो अपने पिता की मौत को संदिग्ध नहीं मानते. इसके बाद उनके पारिवारिक मित्र बताए जाने वाले एक सज्जन ने यही सब दोहराया. साथ में ये भी जोड़ा कि कुछ एनजीओ, राजनैतिक पार्टियां और वकील उनपर दबाव डाल रहे हैं कि जज लोया की मौत को संदिग्ध बताएं. लेकिन मामला रफा दफा होने की जगह फिर खड़ा हो गया. पहले आप बयान देख लें - इस वीडियो में 3 मिनट 20 सेकंड पर जाइए. अंग्रेज़ी में जो सुनाई आएगा, वो कुछ-कुछ ऐसा सुनाई देगा,
''...therfore we have come here, we approached Mr Amit Shah and through him, this press conference is conducted...''
एकबारगी सुनने पर यही लगता है कि इस वाक्य में एक बेहद अहम कीवर्ड था - अमित शाह. अगर ये सही था, तो पूरा तर्जुमा यूं बना,
''...तो हम यहां आए, मिस्टर अमित शाह से मिले, और उन्हीं के सहयोग से ये प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है...''
ट्विटर पर ऐसा बहुत सारे लोगों को लगा. कांग्रेस नेता शकील अहमद का ट्वीट आपने ऊपर देखा ही. हम यहां नीले तिलकधारी कुछ और उदाहरण दे रहे हैं-   amit shah myth सबकी सुई अमित शाह पर अटक गई. क्योंकि अमित शाह सोहराबुद्दीन शेख फर्ज़ी मुठभेड़ केस में अभियुक्त थे. तो इस बात पर लाज़मी तौर से ऐतराज जताया जाने लगा कि एक जज का परिवार एक ऐसे अभियुक्त की मदद क्यों लेगा, जिस पर बिना साक्ष्य ही सही, जज पर दबाव डालने और अंततः उनकी मौत के पीछे होने का संदेह हो. अटकलें लगने लगीं कि कहीं लोया का परिवार सचमुच दबाव में तो नहीं. amit shah myth 3 'अमित शाह' नहीं 'अमीत सर' असल बात ये थे कि लगभग सभी से (शुरुआत में हम से भी) सुनने में गलती हुई थी. लोया परिवार के दोस्त दरअसल अमीत सर कह रहे हैं, जो अमित शाह जैसा सुनाई देता है. अमीत सर माने लॉ फर्म नाइक एंड नाइक के अमीत बी नाइक. नाइक एंड नाइक मुंबई की टॉप लॉ फर्म में गिनी जाती है. अमिताभ बच्चन भी इसके क्लाइंट हैं. अनुज की प्रेस कॉन्फ्रेंस नाइक एंड नाइक के दफ्तर में ही हुई थी. लोया की मौत पर संदेह को लेकर लोगों की अपनी-अपनी राय है. लेकिन एक बात तय है. अनुज की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के पीछे अमित शाह नहीं थे. प्रत्यक्ष तो कतई नहीं. और न ही उनका नाम वहां लिया गया.
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