Submit your post

Follow Us

'द कारवां' की ये रिपोर्ट अमित शाह के लिए इन दिनों की सबसे बड़ी चुनौती है

जज हरगोपाल लोया की मौत पर सवाल उठाती 'द कारवां' की रिपोर्ट चर्चा का केंद्र बनी हुई है. हम यहां उस रिपोर्ट के तथ्य आपके सामने रख रहे हैं. 'दी लल्लनटॉप' इस मामले में कोई पक्ष नहीं ले रहा है. पाठक अपने विवेक से काम लें.

अमित शाह भाजपा की इलेक्शन मशीन के सर्वेसर्वा हैं. इसीलिए जब दिसंबर 2014 में उन्हें सोहराबुद्दीन शेख के कथित फर्ज़ी एनकाउंटर मामले में क्लीन चिट दी गई तो वो उनके और भाजपा के लिए शर्तिया तौर पर राहत की सबसे बड़ी खबर थी. लेकिन गुजरात विधानसभा चुनाव से ऐन पहले न्यूज़ मैगज़ीन ‘द कारवां’ (अंग्रेज़ी वाले इसे कैरेवैन कहते हैं) की एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, कि सोहराबुद्दीन का जिन्न दोबारा बाहर आ सकता है.

अब तक माना जाता रहा है कि सीबीआई की विशेष अदालत में सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई कर रहे जज बृजगोपाल हरकिशन लोया की मौत एक दिसंबर, 2014 को दिल का दौरा पड़ने से हो गई थी. 20 नवंबर, 2017 को ‘द कारवां’ में छपी निरंजन टाकळे की रिपोर्ट के मुताबिक बृजगोपाल लोया की मौत संदेहास्पद है. इस दावे के लिए उन्होंने अपनी जांच और बृजगोपाल लोया के परिवार से बातचीत को आधार बनाया है. ‘द कारवां’ की रिपोर्ट की खासम-खास बातें हम यहां दे रहे हैं-

सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी कौसर बी. इल्ज़ाम है कि इन दोनों मौतों के पीछे पुलिस का ही हाथ था
सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी कौसर बी. इल्ज़ाम है कि इन दोनों मौतों के पीछे पुलिस का ही हाथ था.

पिछले जज के तबादले की वजह से सुनवाई से जुड़े थे बृजगोपाल

# सुप्रीम कोर्ट के निर्देश थे कि सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई शुरू से आखिर तक एक ही जज करे. बावजूद इसके 25 जून, 2014 को मुंबई में इस मामले की सुनवाई कर रहे जज जे.टी. उत्पट का तबादला कर दिया गया. उत्पट ने अदालत में हाज़िर न होने के लिए अमित शाह को लताड़ा था. उत्पट की जगह लाए गए थे बृजगोपाल हरकिशन लोया.

# बृजगोपाल एक साथी जज सपना जोशी की बेटी की शादी में मुंबई से नागपुर आए थे. लोया परिवार का कहना है कि बृजगोपाल शादी में जाना नहीं चाहते थे, लेकिन अपने दो साथी जजों के कहने पर वो शादी में शामिल हुए. 30 नवंबर, 2014 की रात लोया ने अपनी पत्नी शर्मिला से फोन पर बात की. ये मौत से पहले उनकी आखिरी बातचीत थी. 1 दिसंबर, 2014 की सुबह लोया परिवार को बरदे नाम के किसी जज ने बृजगोपाल की मौत की खबर दी और कहा कि उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए लातूर के गातेगांव भेजा जा रहा है. बृजगोपाल यहीं से आते थे.

बृजगोपाल की मौत पर सबसे खुल कर उनकी बहन अनुराधा बियानी ने की है.
बृजगोपाल की मौत पर सबसे खुलकर बात उनकी बहन अनुराधा बियानी ने की है. उन्होंने बंबई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहित शाह पर बृजगोपाल पर दबाव बनाने का इल्ज़ाम लगाया है (फोटोः ‘द कारवां’ के यूट्यूब वीडियो से स्क्रीनग्रैब)

# मुंबई से बृजगोपाल की पत्नी और उनके बच्चों के साथ गातेगांव आए जजों में से एक लगातार उन्हें मीडिया से बात करने से मना करते रहे थे.

बीमार जज को एम्बुलेंस नसीब नहीं हुई

# लोया परिवार को बताया गया कि बृजगोपाल को एक ऑटो में बैठाकर रवि भवन (जहां वो रुके थे) से दांडे हॉस्पिटल ले जाया गया था और वहां से फिर मेडिट्रीना हॉस्पिटल. मेडिट्रीना हॉस्पिटल ने बृजगोपाल को ब्रॉट डेड बताया था. माने अस्पताल पहुंचने तक उनकी मौत हो चुकी थी. बृजगोपाल की बहन अनुराधा बियानी का कहना है कि दांडे हॉस्पिटल की ईसीजी मशीन उस रात खराब थी. वो यह भी पूछती हैं कि जिस रवि भवन में महाराष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री रुकते रहते हैं, वहां एक जज की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाने के लिए ऑटो क्यों करना पड़ा? किसी गाड़ी का इंतज़ाम कैसे नहीं हुआ?

# बृजगोपाल सीबीआई कोर्ट के जज थे. बावजूद इसके उनका शव एम्बुलेंस में अकेले उनके पैतृक शहर आया, उसके साथ कोई नहीं आया.

बृजगोपाल

बृजगोपाल के परिवार का आरोप है कि उनके शव पर खून के धब्बे थे (फोटोःट्विटर)

संघ कार्यकर्ता जिसे सब मालूम था

# ईश्वर बाहेती नाम के एक संघ (RSS) कार्यकर्ता ने बृजगोपाल के पिता को उनकी मौत की खबर दी. बाहेती ने ही बृजगोपाल की बहन सरिता मंधाने को लातूर के सारडा हॉस्पिटल जाकर कहा कि नागपुर जाने का कोई तुक नहीं, शव वहां से एंबुलेंस के ज़रिए आ ही रहा है. लोया परिवार को बृजगोपाल का मोबाइल फोन बाहेती के ज़रिए ही मिला जबकि ये काम पुलिस का था. ये अपने आप में संदेह पैदा करता है. बाहेती ने ‘द कारवां’ के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है.

बृजगोपाल के शरीर पर खून के धब्बे थे?

# अनुराधा और उनके पिता का कहना है कि बृजगोपाल की कमीज़ की कॉलर, बाएं कंधे और कमर वाले हिस्से पर खून के धब्बे थे. पैंट की क्लिप भी टूटी हुई थी. अनुराधा पेशे से डॉक्टर हैं. उनका कहना है कि पोस्टमॉर्टम के दौरान शरीर से खून नहीं रिसता. क्योंकि फेफड़े और दिल काम नहीं कर रहे होते. तो वो खून कहां से और क्यों आया? और फिर नागपुर मेडिकल कॉलेज ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बृजगोपाल के कपड़ों को ‘ड्राय’ (सूखा हुआ) क्यों बताया?

डीजी वंजारा. सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में अमित शाह के सहआरोपी. ये भी बरी हुए थे.
डीजी वंजारा. सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में अमित शाह के सहआरोपी. ये भी बरी हुए थे.

पोस्टमॉर्टम को लेकर सवाल

# बृजगोपाल असामयिक मौत मरे थे. लेकिन उनकी लाश का पोस्टमॉर्टम करने से पहले उनके परिवार की अनुमति नहीं ली गई थी. परिवार को पंचनामे की कॉपी भी नहीं दी गई. पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के हर पन्ने पर एक दस्तखत ‘मैयताचा चुलतभाउ’ का है. मराठी में इसका मतलब होता है मरने वाले का चचेरा भाई. लोया परिवार को आज तक नहीं मालूम कि ये चचेरा भाई कौन था.

# पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक बृजगोपाल को सीने में सुबह चार बजे के करीब दर्द उठा, जिसके बाद सुबह 6.15 पर उनकी मौत हो गई. जबकि लोया परिवार को बताया गया था कि बृजगोपाल को आधी रात को सीने में दर्द उठा था. लोया परिवार का ये भी दावा है कि उन्हें बृजगोपाल की मौत से संबंधित फोन रिपोर्ट में दर्ज मौत के समय से सवा घंटा पहले से आ रहे थे. तकरीबन सुबह 5.00 बजे से.

सोहराबुद्दीन शेख के भाई रुबाबुद्दीन शेख. ये सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में शिकायतकर्ता हैं. आज भी गनमैन लेकर चलते हैं (फोटोःफेसबुक)
सोहराबुद्दीन शेख के भाई रुबाबुद्दीन शेख. ये सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में शिकायतकर्ता हैं. आज भी गनमैन लेकर चलते हैं (फोटोःफेसबुक)

# मेडिकल कॉलेज के एक कर्मचारी के हवाले से टकळे का दावा है कि ‘ऊपर’ के अधिकारियों के निर्देश थे कि बृजगोपाल का शव काटकर इस तरह दोबारा सिल दिया जाए. ऐसा दिखाने के लिए कि पोस्टमार्टम हुआ है. मेडिकल कॉलेज के इस कर्मचारी का ये भी दावा है कि उसे बृजगोपाल की मौत के बारे में आधी रात को ही मालूम चल गया था.

# पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ”coronary artery insufficiency” (कोरोनरी धमनी का फेल हो जाना) लिखा है. ये समस्या धूम्रपान, ऊंचे कॉलेस्ट्रॉल लेवल, मोटापे, डायबिटीज़ या बढ़ती उम्र से पैदा होती है. एक कारण अनुवांशिकी भी है. रोज़ दो घंटा टेबल टेनिस खेलने वाले बृजगोपाल इनमें से किसी भी कैटेगरी में फिट नहीं बैठते थे. उनके माता पिता की उम्र 80 और 85 साल है. दोनों में से किसी को दिल की बीमारी नहीं है.

जस्टिस मोहित शाह (दाएं) पर अनुराधा बियानी ने बृजगोपाल को घूस की पेशकश करने का इल्ज़ाम लगाया है
जस्टिस मोहित शाह (दाएं) पर अनुराधा बियानी ने बृजगोपाल को घूस की पेशकश करने का इल्ज़ाम लगाया है.

बंबई हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस पर इल्ज़ाम

# अनुराधा बियानी का कहना है कि बंबई हाईकोर्ट के तब के चीफ जस्टिस मोहित शाह ने बृजगोपाल को ‘मनमाफिक’ फैसला सुनाने के बदले 100 करोड़ की घूस की पेशकश की थी. अनुराधा के मुताबिक जस्टिस शाह का कहना था अगर बृजगोपाल दिसंबर के अंत तक फैसला सुना दें तो किसा का ध्यान उस तरफ नहीं जाएगा क्योंकि तब एक बड़ी ‘एक्सप्लोसिव’ खबर आने की संभावना है.

# बृजगोपाल के पिता और भांजी का कहना है कि वो सुनवाई के दौरान बहुत तनाव में थे. और सब कुछ छोड़कर रिटायर हो जाना चाहते थे. बृजगोपाल के बेटे अनुज ने लोया परिवार को एक खत लिखकर कहा था कि अगर उसे या उसके परिवार को कुछ होता है तो जस्टिस शाह और ‘कुछ और’ लोग दोषी होंगे.

बृजगोपाल की बहन सरिता मंधाने और पिता हरकिशन लोया. दोनों का कहना है कि बृजगोपाल मामले की सुनवाई के दौरान बहुत दबाव में थे
बृजगोपाल की बहन सरिता मंधाने और पिता हरकिशन लोया. दोनों का कहना है कि बृजगोपाल मामले की सुनवाई के दौरान बहुत दबाव में थे (फोटोः ‘द कारवां’ के यूट्यूब वीडियो से स्क्रीनग्रैब)

# बृजगोपाल की मौत के बाद सोहराबुद्दीन के कथित फर्ज़ी एनकाउंटर के मामले की सुनवाई एमबी गोसावी ने की. गोसावी ने दो दिन केस की सुनवाई करके 17 दिसंबर, 2014 को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया. 30 दिसंबर, 2014 को गोसावी ने अमित शाह को बरी कर दिया. इसी दिन महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायर होने का ऐलान कर दिया.

पहले ‘द वायर’ और अब ‘द कारवां’ की रिपोर्ट ने गुजरात चुनाव से ऐन पहले अमित शाह के लिए एक नई चुनौती पेश कर दी है. खासकर ‘द कारवां’ की रिपोर्ट सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में गंभीर सवाल खड़े करती है. अगर यकीनन रिपोर्ट के दावे सच्चे हैं तो इन पहलुओं की विस्तार से जांच होनी चाहिए. क्योंकि जब सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के साथ ‘कथित’ और ‘फर्ज़ी’ जुड़ा था, तब वो गुजरात के गृहमंत्री भर थे. आज शाह देश की सत्ताधारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. आज उनके और भाजपा के पास खोने को पहले से कहीं ज़्यादा है.


** यहां लिखी बातें ‘द कारवां’ के लेख पर आधारित है. जब नए तथ्य सामने आएंगे, हम ये स्टोरी संपादित करेंगे. 22 नवंबर, 2017 को ‘द कारवां’ के पॉलिटिकल एडिटर हरतोष सिंह बल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. यहां उनसे पूछा गया कि उन्होंने ये रिपोर्ट गुजरात चुनाव से ऐन पहले क्यों छापी. हरतोष सिंह बल का जवाब ये था कि हर कुछ महीने में चुनाव होता है और भाजपा उनमें हिस्सा लेती है. इसलिए रिपोर्ट छपने के समय को लेकर विवाद न हो.



और पढ़ेंः

90 के दशक में ही अमित शाह ने कहा था, नरेंद्र भाई पीएम बनने के लिए तैयार हो जाइए

अमित शाहः गांधीवादी मां के लाल की लाइफ के 11 अनजाने फैक्ट्स

अहमद पटेल के जीतने की पूरी कहानी, जिसमें अमित शाह को मुंह की खानी पड़ी

अमित शाह को भाजपा सरकार के नियम की वजह से मुंह की खानी पड़ी!

क्या आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर फर्जी था?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

Xiaomi ने सरकार को कैसे लगा दिया 653 करोड़ का चूना?

Xiaomi ने सरकार को कैसे लगा दिया 653 करोड़ का चूना?

Xiaomi भारत में सबसे ज्यादा मोबाइल बेचने वाली चीनी कंपनी है.

नरसिंहानंद का एक और घटिया बयान, 'जिसने एक बेटा पैदा किया, उस मां को औरत मत मानना'

नरसिंहानंद का एक और घटिया बयान, 'जिसने एक बेटा पैदा किया, उस मां को औरत मत मानना'

नरसिंहानंद ने कहा, "मुसलमानों से हिंदुओं को मरवाओगे क्या?"

सुब्रमण्यन स्वामी Air India-Tata डील के खिलाफ HC पहुंचे, 'टाटा के पक्ष में धांधली' का आरोप

सुब्रमण्यन स्वामी Air India-Tata डील के खिलाफ HC पहुंचे, 'टाटा के पक्ष में धांधली' का आरोप

स्वामी की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 6 जनवरी को सुनाएगा फैसला

कपड़े महंगे होंगे या नहीं? जानिए सरकार ने क्या फैसला लिया है

कपड़े महंगे होंगे या नहीं? जानिए सरकार ने क्या फैसला लिया है

GST काउंसिल ने टेक्सटाइल पर टैक्स 12% करने का फैसला टाला

14 साल बाद इरफ़ान की वो फ़िल्म आ रही है, जिसकी शूटिंग के दौरान वो मरते-मरते बचे थे

14 साल बाद इरफ़ान की वो फ़िल्म आ रही है, जिसकी शूटिंग के दौरान वो मरते-मरते बचे थे

इरफान की आखिरी फिल्म आ रही है.

लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट में किसका हाथ? खुफिया एजेंसी और CM चन्नी कर रहे अलग-अलग बात

लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट में किसका हाथ? खुफिया एजेंसी और CM चन्नी कर रहे अलग-अलग बात

ब्लास्ट में हाई क्वालिटी विस्फोटक का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है.

'स्पाइडरमैन: नो वे होम' ने पहले दिन करोड़ों की कमाई का वो जाला बुना कि बड़े-बड़े रिकॉर्ड फंस गए

'स्पाइडरमैन: नो वे होम' ने पहले दिन करोड़ों की कमाई का वो जाला बुना कि बड़े-बड़े रिकॉर्ड फंस गए

एक दिन में ही कई रिकॉर्ड टूट गए, अभी तो वीकेंड पड़ा है.

'स्पाइडर मैन : नो वे होम' का ऐसा भौकाल है कि एडवांस खिड़की पर रिकॉर्ड टूट गए

'स्पाइडर मैन : नो वे होम' का ऐसा भौकाल है कि एडवांस खिड़की पर रिकॉर्ड टूट गए

ब्लैक में टिकट खरीदने का ज़माना लौट आया है बॉस!

आतंकी हमले में जम्मू-कश्मीर के 14 पुलिसकर्मी घायल, 2 शहीद, PMO ने डिटेल्स मांगी

आतंकी हमले में जम्मू-कश्मीर के 14 पुलिसकर्मी घायल, 2 शहीद, PMO ने डिटेल्स मांगी

हमला श्रीनगर से जुड़े इलाके में हुआ है.

जानिए CDS बिपिन रावत के साथ हेलिकॉप्टर में कौन-कौन सवार था?

जानिए CDS बिपिन रावत के साथ हेलिकॉप्टर में कौन-कौन सवार था?

क्रैश हुए हेलिकॉप्टर में कुल 14 लोग मौजूद थे