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सरकार विदेशी कोचों की सैलरी क्यों काटना चाहती है?

केंद्र सरकार कोरोना वायरस से उपजे इकॉनोमिक क्राइसिस के कारण विदेशी कोचिंग स्टाफ और हाई-परफॉरमेंस डायरेक्टर्स के तनख्वाह में कटौती करने की सोच रही है. ये कोच अलग-अलग नेशनल टीमों के साथ जुड़े हुए हैं. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट मुताबिक़ यह प्रस्ताव 23 जून को खेल मंत्री किरण रिजिजू और फेडरेशन के टॉप के अधिकारियों के बीच हुई मीटिंग में रखा गया.

स्पोर्ट्स बॉडीज़ ने एक मत से इसका विरोध किया था. इसके पीछे उनका तर्क था कि ऐसा करने से ओलंपिक साल में कोचों का सामूहिक पलायन हो सकता है. स्पोर्ट्स बॉडीज़ ने मांग की है कि कोचों के कॉन्ट्रैक्ट 2022 तक बढ़ा दिए जाएं क्योंकि साल भर में भारत को तीन बड़े इवेंट्स में भाग लेना है. 2021 ओलंपिक, 2022 का कॉमनवेल्थ गेम्स और फिर एशियन गेम्स.

इन कोचों की सैलरी कितनी है?

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने 40 विदेशी कोच और हाई-परफॉरमेंस डायरेक्टर्स को अपने पेरोल पर रखा हुआ है. इनके तनख्वाह तीन लाख रुपये महीने से लेकर 11.35 लाख रुपये तक है. हरेक ओलंपिक टीम से एक विदेशी कोच जुड़ा होता है. 31 अगस्त, 2020 को सभी कोच के कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने वाले हैं क्योंकि टोक्यो ओलंपिक पोस्टपोन कर दिए गए और ओलंपिक साइकिल तय वक्त से पहले ही खत्म हो गया.

ओलंपिक अब 23 जुलाई से 8 अगस्त, 2021 के बीच कराए जा सकते हैं. ऐसे में फेडरेशन सभी कोच के लिए एक्सटेंशन मांग रहा है. फेडरेशन के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बताया कि खेल मंत्रालय से मसले को लेकर बातचीत चल रही है लेकिन हम मंत्रालय के सुझाव से चकित हैं.

फेडरेशन का क्या कहना है?

अधिकारियों के मुताबिक़, फेडरेशन ने मंत्रालय से कहा है कि सैलरी में थोड़ी सी भी कटौती से कोच छोड़कर जा सकते हैं. ऐसे में इतने कम वक्त में उनकी जगह अच्छा रिप्लेसमेंट खोजना मुश्किल है. ऐसे में सरकार को फेडरेशन के सपोर्ट में आना चाहिए. बेलआउट पैकेज की घोषणा करनी चाहिए क्योंकि कई खेलों में कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप मिलने में दिक्कत आती है. अगर वे ऐसा नहीं कर सकते तो कम से कम जो हमारे पास है उसे तो नहीं छीनना चाहिए. अगर कोई कोच हमें छोड़ देते हैं तो ओलंपिक के नजदीक हम कम कम बजट में कहां से दूसरा कोच खोज लाएंगे?

फेडरेशन से अपना कैलेंडर बनाने और घरेलू टूर्नामेंट होने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा गया है. कोरोना वायरस के हालात में अगर सुधार दिखता है तो कुछ फेडरेशन सितंबर बाद टूर्नामेंट आयोजित करने की योजना पर काम रहे हैं.


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