IAEA के दावे ने बढ़ाई अमेरिका और इजरायल की टेंशन, ईरान फिर से परमाणु बम बना रहा?
International Atomic Energy Agency के चीफ Rafael Grossi ने बताया कि ईरान के पास जो क्षमताएं हैं, उसके आधार पर वह फिर से अपना Nuclear Programme कार्यक्रम शुरू कर सकता है.

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA के चीफ राफेल ग्रॉसी (Rafael Grossi) की मानें तो ईरान कुछ महीनों के भीतर फिर से यूरेनियम संवर्धन (Uranium enrichment) शुरू कर सकता है. उनके इस बयान से अमेरिकी दावे सवालों के घेरे में आ गए हैं, जिसमें कहा गया था कि उनके हमले में ईरान के परमाणु फैसिलिटीज पूरी तरह से तबाह हो गए हैं.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक IAEA चीफ राफेल ग्रॉसी ने CBS News को दिए एक इंटरव्यू में कहा,
वियना स्थित अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख ग्रॉसी ने कहा कि फोर्डो, नतांज और इस्फहान में परमाणु फैसिलिटीज पर अमेरिकी हमलों से ईरान की यूरेनियम को संवर्धित करने की क्षमता को काफी नुकसान पहुंचा है. लेकिन मूल समस्या बनी हुई है. क्योंकि उन्होंने जो तकनीकी विशेषज्ञता विकसित की है, वह अब स्थायी है. राफेल ग्रॉसी ने कहा,
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिकी हमले से पहले ईरान ने अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कहीं और शिफ्ट कर दिया था. IAEA चीफ ने इस बारे में बताया,
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इजरायल ने 13 मई को ईरान के खिलाफ हवाई हमले शुरू किए थे ताकि उन्हें परमाणु हथियार बनाने से रोक सके. बाद में अमेरिका भी इस लड़ाई में शामिल हो गया. अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर बंकर बस्टर बम बरसाए थे. इसके बाद उन्होंने दावा किया कि ईरान के परमाणु क्षमता को बहुत भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे उबरने में उनको कई सालों का समय लग जाएगा.
वीडियो: अमेरिका की ईरान स्ट्राइक फेल? अब इजरायल क्या धमकी दे रहा

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