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खाने का पैसा मांगने पर यूपी पुलिस ने 10 लोगों को फर्जी केस में लपेटा, फिर खुद ही फंस गए

उत्तर प्रदेश का एटा जिला. यहां पुलिस पर आरोप है कि खाना खाने के पैसे मांगने की वजह से पुलिसवालों ने ढाबा मालिक और उसके स्टाफ को गलत केस में फंसाकर जेल में डाल दिया. ढाबा मालिक ने डीएम से शिकायत की. अब एडिशनल SP की जांच के बाद एक इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. एटा के एडिशनल SP राहुल कुमार ने अपनी जांच में पाया कि इंस्पेक्टर और दो हेड कांस्टेबल ने पिछले महीने झूठा मामला बनाकर ढाबे पर कुछ ग्राहकों सहित 10 व्यक्तियों को फंसाया था.

अब पुलिसकर्मियों के खिलाफ IPC की कई धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है. जिसमें 384 (जबरन वसूली), 342 (गलत तरीके से जेल भेजना), 336 (खतरे या जीवन की सुरक्षा) और 211 (अपराध का झूठा आरोप) सहित कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ है.

क्या है पूरा मामला?

प्रवीण कुमार कभी टाटा केमिकल में इंजीनियर हुआ करते थे. तीन साल पहले एक सड़क हादसे में उन्होंने अपना पैर गंवा दिया. दूसरा पैर भी ठीक से काम नहीं करता. इलाज में काफी पैसे खर्च होने के बाद घर की स्थिति काफी खराब हो गई थी. इसके बाद प्रवीण ने अपने रिश्तेदार से जमीन किराए पर लेकर, पांच महीने पहले ही ढाबा शुरू किया. उनकी मां और भाई ढाबे के काम में उनकी मदद करते हैं. प्रवीण कुमार ने बताया कि उनका ढाबा एटा से पांच किलोमीटर दूर आगरा रोड पर खुशाल गढ़ गांव के पास है.

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ढाबा मालिक प्रवीण ने इस मामले की शिकायत डीएम से की थी.

चार फरवरी को ढाबे पर संतोष और शैलेंद्र नाम के सिपाही खाना खाने आए. प्रवीण के भाई ने सिपाहियों से खाना खाने के पैसे मांगे. इसके बाद सिपाही गुस्सा हो गए. अगले दिन पुलिस ने प्लानिंग के तहत होटल पर दबिश दी. 11 लोगों को होटल से उठाकर ले गई. ये भी आरोप है कि इसमें से एक व्यक्ति को पुलिस ने एक लाख रुपए लेकर छोड़ दिया. वहीं 10 लोगों को झूठे केस लगाकर जेल भेज दिया.

ढाबा मालिक प्रवीण ने बताया,

पुलिस वाले खाना खाने के पैसे नहीं देते थे. चार फरवरी को सिपाही शैलेंद्र यादव और संतोष यादव खाना खाने आए. पैसे मांगने पर भैया से मारपीट की. भैया को उठाकर ले गए. उनके पास 80 लीटर अल्कोहल दिखा दिया, होटल पर फर्जी मुठभेड़ दिखाई कि गोली चली है. दो किलो गांजा, सब दिखा दिया. अभी सभी जेल में हैं. लगभग 10-11 लोगों को उठाए थे. एक है बॉबी यादव. उनके बारे में बताते हैं कि एक लाख लेकर छोड़ दिया.

बिहार के चंपारण के रहने वाले राहुल कुमार सिंह का कहना है कि जब पुलिस आई वे ढाबे पर खाना खा रहे थे. राहुल को जमानत मिल चुकी है, लेकिन उनके दोस्त अभी भी जेल में हैं. उन्होंने बताया,

वे हमें पूछताछ के बहाने ढाबे से ले गए, लेकिन पुलिस स्टेशन के अंदर, उन्होंने हमारी पिटाई की. हमारा सामान ले गए. उन्होंने पुलिस स्टेशन परिसर के अंदर देसी हथियारों को हमसे बरामद दिखा दिया. पुलिसकर्मियों ने गांजे का भी इंतजाम किया. और हमसे बरामद हुआ दिखा दिया. मैं लगभग 40 दिनों तक जेल में रहा और मेरे दोस्त अभी भी अंदर हैं.

SHO इंद्रेश पाल सिंह को पिछले हफ्ते ही सस्पेंड कर दिया गया था. औचक निरीक्षण के दौरान जब्त की गई 1,400 कार्टन शराब स्ट्रॉन्ग रूम से गायब मिली थी.

अलीगढ़ रेंज के IG पीयूष मोदिया ने बताया कि मामले की जांच अलीगढ़ ट्रांसफर कर दी है. शैलेंद्र और संतोष कुमार को निलंबित करने का आदेश दिया है.

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एडिशनल एसपी राहुल कुमार जिन्हें जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

इस पूरे मामले की जांच करने वाले एडिशनल एसपी क्राइम राहुल कुमार ने बताया,

पहले से ही नामजद थाना अध्यक्ष इंद्रेश पाल सिंह और दो सिपाही शैलेंद्र और संतोष के खिलाफ झूठे तरीके से गांजा, कारतूस, कट्टे और अल्कोहल लगाकर 10 लोगों को जेल भेजने की शिकायत मिली है. जिन्हें जेल भेजा गया है उनका आपस में कोई संबंध नहीं है. कोई बिहार का है तो कोई किसी और गांव का. शिकायत मिली है कि यहां का एक शराब माफिया है, बंटू यादव, उसने थाने पर आकर गांजा और शराब उपलब्ध कराया. उसी गांजे और अल्कोहल को इन लोगों से बरामद दिखाया गया है.

एडिशनल एसपी ने आगे बताया,

पूछताछ के दौरान मैंने ढाबे के पास खेतों में काम करने वाले कई लोगों से बात की. तथाकथित मुठभेड़ में किसी ने गोलियों की आवाज नहीं सुनी. हमने 10 व्यक्तियों के बैकग्राउंड की भी जांच की और पाया कि दो व्यक्तियों को छोड़कर किसी के खिलाफ कोई मामला नहीं है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक प्रवीण कुमार का कहना है कि सिपाही संतोष कुमार ने मुझे अदालत परिसर में धमकाया. मैं इसकी शिकायत एटा के एसएसपी से करूंगा.

ये मामला दिखाता है कि जिस पुलिस पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वो चंद पैसों के लिए कैसे झूठ केस में फंसाकर एक नहीं बल्कि 10-11 लोगों को जेल भेज देती है. अब देखना होगा कि इन आरोपी पुलिसवालों की कितनी जल्दी गिरफ्तारी होती है.


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