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अर्धसैनिक बल की कैंटीनों में विदेशी सामान की बिक्री पर पहले रोक लगाई, फिर तुरंत हटा ली

गृह मंत्रालय ने 13 मई को घोषणा की थी कि देशभर की 1700 सेंट्रल पुलिस या सीएपीएफ कैंटीन में एक जून से सिर्फ स्वदेशी उत्पादों की ही बिक्री होगी. इसके बाद केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (KPKB) ने 1000 से अधिक गैर-स्वदेशी वस्तुओं की एक लिस्ट जारी की थी. कैंटीन संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली संस्था ने सोमवार, 1 जून को एक हजार विदेशी उत्पादों के कैंटीन में बेचे जाने पर पाबंदी लगाने का फैसला किया था. इसके चंद घंटे बाद ही गृह मंत्रालय ने आदेश जारी कर गैर-स्वदेशी यानी विदेशी उत्पादों की लिस्ट को होल्ड करने को कह दिया. साथ ही कहा कि नई लिस्ट जल्द जारी की जाएगी.

क्या है पूरा मामला

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में घोषणा की थी कि सीआरपीएफ और बीएसएफ जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के सभी कैंटीन में 1 जून से केवल स्वदेशी उत्पाद ही बेचे जाएंगे. अमित शाह ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी.

 ये ट्वीट देखिए

ट्वीट में गृहमंत्री ने लिखा था-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थानीय उत्पादों को चुनने और आत्मनिर्भर होने की अपील के बाद गृह मंत्रालय द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि 1 जून, 2020 से CAPF कैंटीन में सिर्फ स्वदेशी वस्तुएं ही बेंची जाएंगी.

इसके बाद केपीकेबी कैंटीनों से सात कंपनियों के कुल 1000 से ज्‍यादा विदेशी उत्‍पादों को डी-लिस्ट कर दिया गया था. इसमें LG के इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट, टाइमेक्स, हॉर्लिक्स से लेकर फुटवियर और कई ब्रांडेड उत्पाद शामिल थे.

लेकिन सोमवार, 1 जून को जारी अपने बयान में CRPF के महानिदेशक एपी माहेश्वरी ने कहा-

केन्द्रीय पुलिस कल्याण भंडार द्वारा 29 मई, 2020 को कुछ उत्पादों की डी-लिस्टिंग के संबंध में एक सूची जारी की गई थी.  यह सूची सीईओ के स्तर पर गलत तरीके से जारी हो गई थी. इसे वापस ले लिया गया है और गलती के लिए कार्रवाई शुरू की जा रही है.

डी-लिस्टिंग का फैसला देशभर में पैरामिलिट्री फोर्स की कैंटीन का संचालन करने वाली संस्था ने लिया था. इन कैंटीनों में एक जून से केवल स्वदेशी उत्पाद बेचे जाने थे. यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस बयान के बाद उठाया गया, जिसमें कहा गया था कि केवल ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को ही सभी केपीकेबी कैंटीनों में बेचा जाएगा.

प्रॉडक्ट को तीन श्रेणियों में बांटा गया था

केपीकेबी ने सभी उत्पादों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया था.

पहली श्रेणी– उत्पाद विशुद्ध रूप से भारत में निर्मित उत्पाद

दूसरी श्रेणी– कच्चा माल आयातित, लेकिन उत्पाद भारत में निर्मित

तीसरी श्रेणी– विशुद्ध रूप से आयातित उत्पाद

केंद्रीय पुलिस कैंटीन से सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, एनएसजी और असम राइफल्स में काम करने वाले लगभग 10 लाख कर्मियों के 50 लाख परिवार के सदस्य इन कैंटीनों से सामान खरीदते हैं.



वीडियो देखें: मोदी सरकार 2.0 के पहले साल में नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान और खेती के लिए क्या नए फैसले लिए?

 

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