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उन्नाव रेप केस : अखिलेश और प्रियंका जो कर रहे, वो योगी आदित्यनाथ के लिए खतरे की घंटी है

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उन्नाव रेप मामले में पीड़िता की मौत के बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विधानसभा के सामने धरने पर बैठ गए हैं. अखिलेश के साथ प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल भी धरने पर बैठे. धरना दे रहे अखिलेश ने मीडिया से कहा-

उन्नाव मामले में बेटी की मौत इस देश के लिए काला दिन है. यूपी में ये पहला मामला नहीं है जब बेटियों के साथ अन्याय हुआ है. इससे पहले भी मुख्यमंत्री आवास पर न्याय मांगने के लिए बेटी ने आत्मदाह करने की कोशिश की, जिसके बाद जाकर केस दर्ज हुआ. एक और मामले में तो पीड़िता ने पूरा परिवार खो दिया. उन्नाव वाले इस नए मामले में भी बीजेपी के दो नेताओं का हाथ है. सोचिए वो बेटी कितना लड़ी होगी, ज़िंदा जलाए जाने के बाद वो दौड़ी. लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.

यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा था कि कानून व्यवस्था सुधरेंगी, लेकन कहां व्यवस्था सुधरी. संविधान की शपथ लेने के बाद भी एक मुख्यमंत्री बेटी की जान नहीं बचा पा रहे. इस पार्टी की सरकार में ना बेटियां सुरक्षित हैं, ना उनका सम्मान सुरक्षित है. इस प्रदेश से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों बने हैं, उसके बावजूद इस प्रदेश की ऐसी हालत है. जो अच्छे काम हुए सब रोक दिए गए. बेटियों के लिए जो नंबर चालू किया 1090 उसे बंद कर दिया. 100 नंबर को 112 कर दिया. लेकिन क्या तब भी व्यवस्था बदली. इस मामले में सिर्फ आरोपी ही दोषी नहीं, पूरी की पूरी सरकार दोषी है. जब तक ये सरकार नहीं हटेगी तब तक बेटियों को न्याय नहीं मिलेगा.

वहीं दूसरी तरफ पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उन्नाव पहुंच गईं हैं. यहां पीड़िता के घर पहुंच उन्होंने पीड़िता के परिवार वालों से मुलाकात की.

इससे पहले भी प्रियंका गांधी ने उन्नाव में महिला के साथ रेप और जलाए जाने के बाद सरकार पर हमला बोला. उन्होंने लगातार दो ट्वीट में उन्नाव पीड़िता का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने लिखा-

‘मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उन्नाव पीड़िता के परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत दे. यह हम सबकी नाकामयाबी है कि हम उसे न्याय नहीं दे पाए.

दूसरे ट्वीट में प्रियंका गांधी ने सरकार से बेटियों की सुरक्षा को लेकर सवाल किए-

 

आपको बता दें कि उन्नाव गैंगरेप की पीड़िता का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 6 दिसंबर की देर रात निधन हो गया. इससे पहले 95 फीसदी जल चुकी पीड़िता को 5 दिसंबर की रात एयरलिफ्ट करके लखनऊ से दिल्ली लाया गया था.

क्या है पूरा मामला?

रेप पीड़ित लड़की को उसी के गांव के आरोपी शिवम ने शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए. फिर उसने उसका वीडियो भी बनाया. वीडियो के ज़रिए आरोपी ने पीड़िता को ब्लैकमेल किया. मानसिक यातनाएं दी. इसके बाद दिसंबर 2018 में आरोपी शिवम ने दूसरे दोस्त शुभम के साथ मिलकर पीड़िता के साथ गैंग रेप किया.

फिर जब मामले में गिरफ्तारी हुई और जब एक साल बाद आरोपी जमानत पर छूटे तब पांच लोगों के साथ मिलकर आरोपियों ने पीड़िता को जला दिला. पुलिस ने शिवम, उसके पिता रामकिशोर, शुभम, हरिशंकर और उमेश बाजपेयी को गिरफ्तार किया है.

ये भी पढ़ें:-उन्नाव रेप पीड़िता की मौत के बाद पिता और भाई ने जो बोला, वो दिल दहलाने वाला


हैदराबाद एनकाउंटर: रेप के आरोपी पुलिस फायरिंग में मारे गए, लेकिन ये सवाल पीछे छूट गए!

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