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सलमान खान की इस फिल्म के बाद बॉलीवुड में पंकज त्रिपाठी का भौकाल बढ़ जाएगा

पकंज त्रिपाठी. यानी ‘मिर्जापुर’ वाले ‘कालीन भईया’. ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के ‘सुल्तान कुरैशी’. ‘सेक्रेड गेम्स 2’ के ‘गुरुजी’. पंकज उन एक्टर्स में से हैं, जिन्हें लोग उनके किरदार और डायलॉग्स के लिए याद रखते हैं. जैसे फिल्म ‘स्त्री’ का डायलॉग- ‘वो स्त्री है, कुछ भी कर सकती है’ या ‘मसान’ में खीर की तारीफ- ‘जो खीर नहीं खाया, वो मनुष्य योनी का पूर्णतया फायदा नहीं उठाया’.

पंकज त्रिपाठी छोटे से रोल में भी जबरदस्त वाहवाही बटोर लेते हैं, लेकिन अभी तक उनके हिस्से में साइड कैरेक्टर ही आए हैं. लेकिन ‘कागज’ फिल्म में वो लीड रोल में नजर आने वाले हैं. और ये फिल्म सलमान खान बना रहे हैं.

‘कागज’ को सलमान खान की प्रोडक्शन कंपनी ‘सलमान खान फिल्म्स’ और ‘धर्मा प्रोडक्शन’ मिलकर बना रही हैं. डायरेक्ट कर रहे हैं सतीश कौशिक. पंकज के मुताबिक, फिल्म में वो लीड रोल में होंगे. उन्होंने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में बताया कि ‘कागज’ की कहानी लाल बिहारी नाम के उस किसान की है, जिसे सरकार मृत घोषित कर देती है.

इंटरव्यू में उन्होंने कहा-

एक बढ़िया फिल्म का हिस्सा बनकर एक्टिंग को लेकर मेरी भूख तृप्त हो सकेगी. इंस्ट्री में मेरा सफर शुरू हुआ था, तब से मैं अच्छे किरदार निभाना चाहता था. लेकिन मैंने कभी सोचा नहीं था कि फिल्म में मुझे लीड रोल करने को मिलेगा. पिछले 10 सालो में बॉलीवुड में ‘हीरो’ का कॉन्सेप्ट बदला है. अब कहानी और किरदार पर ज्यादा फोकस होता है.

कौन हैं लाल बिहारी

उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ जिले के खलीलाबाद में रहने वाले लाल बिहारी 1975 में जब एक बैंक लोन का आवेदन देने राजस्व विभाग पहुंचे, तो पता चला कि दफ्तर के कागजों वो मर चुके हैं. उनकी सारी प्रॉपर्टी उनके रिश्तेदारों के नाम कर दी गई थी. दरअसल उनके एक रिश्तेदार ने अफसरों को घूस खिलाकर उन्हें मरा साबित कर दिया था. ताकि लाल बिहारी की जमीन हथिया सकें. इसके बाद शुरू हुआ लाल बिहारी का संघर्ष. खुद को जिंदा साबित करने के लिए उन्होंने 19 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी. 1994 में उन्हें इंसाफ मिला. सरकार ने उन्हें ऑफिशियली जिंदा माना. लाल बिहारी सोशल एक्टिविस्ट हैं. उन्होंने सरकार के कागजों में मृत लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए 2004 में मृतक संघ की स्थापना की थी.

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डायरेक्टर सतीश कौशिक के साथ लाल बिहारी.

फिल्म में पंकज त्रिपाठी के अलावा मोनल गुज्जर और अमर उपाध्याय जैसे एक्टर्स भी काम कर रहे हैं.

‘कागज’ के अलावा इस साल पंकज गुंजन सक्सेना की बायोपिक में काम कर रहे हैं. फिल्म में वो जाह्नवी कपूर के पिता का रोल निभाएंगे. कृति सेनन की फिल्म ‘मिमी’ में भी नजर आने वाले हैं. और ‘मिर्जापुर 2’ तो आने वाला है ही.


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