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IIT के 900 से ज्यादा स्टूडेंट्स को कैसे लगा दी गई कोरोना वैक्सीन?

कोरोना वैक्सीन को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच रार दिनोंदिन तेज हो रही है. इस सबके बीच गुजरात में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सवाल उठे हैं. मामला IIT गांधीनगर का है. स्क्रॉल बेवसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, हाल ही में यहां IIT के 900 से ज्यादा स्टूडेंट्स को कोरोना के टीके लगाए गए. जाहिर है, ये स्टूडेंट्स 45 साल से कम के हैं. 45 साल की उम्र सीमा सरकार ने कोरोना वैक्सीन लगवाने वालों के लिए तय कर रखी है. सवाल ये उठ रहा कि केंद्र के निर्देशों को दरकिनार कर वैक्सीन कैसे दे दी गई? क्या वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराते वक्त इसका कोई वेरिफिकेशन नहीं होता?

कई राज्य मांग कर रहे हैं कि कोरोना के लिए टीकाकरण की उम्र को घटाया जाए. कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र ने 25 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका देने की इज़ाज़त मांगी. लेकिन केंद्र सरकार ने इनकार कर दिया. कई और राज्य 18 साल से ऊपर वालों के लिए वैक्सीनेशन की छूट मांग रहे हैं. इस सबके बीच ये चौंकाने वाला मामला सामने आया है.

कैंपस के बाहर के लोगों को भी वैक्सीन

IIT गांधीनगर में टीकाकरण को लेकर 30 मार्च से 2 अप्रैल के बीच दो आधिकारिक ई-मेल भी भेजे गए थे. बेवसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें बताया गया था कि ये वैक्सीन कोविशील्ड की होंगी. इस मामले की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने बेवसाइट से दावा किया कि इस दौरान फैकल्टी मेंबर्स, स्टाफ, छात्रों के अलावा IIT परिसर के बाहर रहने वालों को भी टीके दिए गए. नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने दावा किया कि कम से कम 940 छात्र, 250 फैकल्टी मेंबर्स और अन्य स्टाफ को टीके दिए गए. टीके यूनिवर्सिटी की डिस्पेंसरी के डॉक्टरों और नर्सों ने लगाए. वैक्सीन की व्यवस्था गांधीनगर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने की.

गांधीनगर के म्युनिसिपल कमिश्नर रतनकंवर एच गढ़विचारन ने बताया कि इस मामले को देखना होगा. सरकारी निर्देशों के मुताबिक़ सिर्फ फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 साल के अधिक उम्र के लोगों को ही वैक्सीन दी जा सकती है. दी लल्लनटॉप ने भी IIT से इस मामले को लेकर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन पर बात नहीं हो सकी.

रजिस्ट्रेशन के वक्त चेक का क्या इंतजाम?

कोरोना का टीका लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है. इसके लिए कोविन वेबसाइट या आरोग्य सेतु ऐप पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है. cowin.gov.in वेबसाइट पर साफ़ लिखा है कि 45 साल के अधिक उम्र के सभी लोग ही रजिस्टर कर सकते हैं. ऐसा नहीं है कि साइट पर सिर्फ बता भर दिया गया है. रजिस्ट्रेशन करवाते वक्त भी आईडी और किस साल जन्म हुआ है, ये सब पूछा जाता है. इन कॉलम को भरे बिना टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं होता. ऐसे में IIT गांधीनगर में 45 साल के कम उम्र के लोगों को वैक्सीन कैसे लगा दी गई, ये जांच का विषय है.

Covid Vaccination
बिना उम्र बताए आप वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकते. (तस्वीर: cowin.gov.in/home)

गुजरात में लापरवाही नई बात नहीं

मार्च में गुजरात के सूरत से एक रिपोर्ट आई थी. इसके मुताबिक़ कुछ लोगों को बिना वैक्सीन दिए ही वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दे दिया गया था. इसको लेकर विस्तार से आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

अभी हाल ही में राजकोट से भी लापरवाही सामने आई थी, जिसमें कोरोना वायरस टेस्ट का टारगेट पूरा करने के लिए खाली टेस्ट किट ही लैब में भेजी जा रही थीं ताकि रिपोर्ट नेगेटिव आए. इसके लिए सैंपलों पर नाम और मोबाइल नंबर भी फर्जी लिखे जाते थे. मामले का खुलासा होने पर 3 स्वास्थ्यकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया. इस ख़बर को लेकर विस्तार से आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं.


विडियो- वैक्सीन लगवाने बाद भी लोग कोरोना पॉजिटिव क्यों हो रहे हैं, पता चल गया!

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