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विमान से यात्रा करने वालों के लिए कौन-कौन से नियम बदले हैं?

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने उड़ानों के दौरान पहले से पैक स्नैक्स और खाने-पीने का सामान सर्व करने की इज़ाज़त दे दी है. कोरोना को देखते हुए नए नियमों में ये भी  साफ कर दिया है कि अगर कोई यात्री सफ़र के दौरान मास्क पहनने से इनकार करता है तो उसका नाम नो-फ्लाई लिस्ट में डाला जा सकता है.

खाने-पीने की छूट

महीनों की पाबंदी के बाद एयरलाइन्स को अब फ्लाइट में खाना परोस सकेंगी. डॉमेस्टिक फ्लाइट्स में प्री-पैक्ड खाना, स्नैक्स और ड्रिंक्स सर्व किए जा सकेंगे. इंटरनैशनल उड़ान में गरमागरम खाना और थोड़ी मात्रा में ड्रिंक्स यात्रियों को मिल सकेगी. लेकिन ये खाना, स्नैक्स और ड्रिंक्स नियमों के मुताबिक़ पहले से पैक होने चाहिए. सभी ट्रैवल क्लास में ट्रे, प्लेट्स आदि पूरी तरह डिस्पोजल होंगी. माने उनका दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. क्रू मेंबर्स हरेक बार खाना आदि परोसने से पहले नए ग्लव्स पहनेंगे.

उड़ान के दौरान उपलब्धता के आधार पर यात्रियों को एंटरटेनमेंट सिस्टम के इस्तेमाल की इजाजत भी दी गई है. यात्रियों को साफ और कीटाणुरहित ईयरफोन दिए जाने की बात कही गई है. एयरलाइंस को हर उड़ान के बाद सभी टच प्वाइंट्स को साफ और डिसइनफेक्ट करना होगा.

मास्क के नियम

डायरेक्टर जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन अरुण कुमार ने बताया कि मास्क पहनने से इनकार करने वाले पैसेंजर्स के नाम नो-फ्लाई लिस्ट में डाले जा सकते हैं. ऐसे लोगों पर कितने वक्त के लिए उड़ान पर रोक लगाई जाएगी, यह उनके व्यवहार और केबिन क्रू की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा. वैसे, अभी तक इस तरह का एक भी मामला सामने नहीं आया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, DGCA के एक अधिकारी ने बताया कि खाने, पीने या अन्य किसी कारण के लिए मास्क उतारना अपवाद होगा. वे यात्री, जो मास्क पहनने से इनकार करेंगे और दूसरे यात्रियों को खतरे में डाल सकते हैं, उन्हें नो-फ्लाई लिस्ट में रखा जा सकता है.

मेडिकल एक्सपर्ट्स और केंद्र सरकार के मुताबिक़ कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए मास्क एहतियाती उपायों में से एक है.

नो फ्लाई लिस्ट के क्या नियम हैं?

उड़ान के दौरान हंगामा करने वाले यात्रियों को सबक सिखाने के लिए सरकार ने नो फ्लाई लिस्ट का नियम बना रखा है. किसी भी यात्री के आपत्तिजनक व्यवहार पर फ्लाइट का pilot-in-command नोटिस लेता है. इसके बाद एयरलाइन की एक अंतरिम कमेटी बनती है. 30 दिन के भीतर कमेटी को शिकायत का निपटारा करना होता है. अगर बैन लगाना है तो वो कितने दिन का होगा, ये भी इसी दौरान तय करना होता है.

इस नियम के तहत आपत्तिजनक व्यवहार के तीन लेवल होते हैं-

# लेवल 1 में उस शिकायत को रखा जाता है, जिसमें बातों से आपत्तिजनक व्यवहार किया गया हो. इस लेवल में बैन करने की समय सीमा होती है तीन महीने.

# लेवल 2 में आपत्तिजनक व्यवहार होता है शारीरिक. और इसके लिए यात्री को 6 महीने के लिए बैन किया जा सकता है.

# लेवल 3 में उस व्यवहार को गिना जाता है, जिसमें यात्री के व्यवहार से किसी की जान को ख़तरा पैदा हो गया हो. इस लेवल में अगर यात्री पर बैन होता है तो कम से कम 2 साल के लिए बैन होगा.

यात्री के अधिकार क्या हैं?

No Fly List में लिस्टेड होने के बाद यात्री इस आदेश के ख़िलाफ़ अपील कर सकता है. जिस तारीख़ को ऑर्डर आया है, उससे 60 दिन के भीतर यात्री अंतरिम कमेटी में अपील दायर कर सकता है. उसकी अपील पर सुनवाई के बाद फ़ैसले पर पुनर्विचार भी किया जा सकता है.


विडियो- क्या वाकई मास्क पहनना ज़रूरी है या सरकार की कोई साज़िश है?

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