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केरल में क्यों बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले, केंद्र की टीम ने बताए ये कारण

केरल में लगातार बढ़ रहे कोरोना केस पूरे देश को चिंता में डाले हुए हैं. इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की 6 सदस्यीय टीम केरल रवाना की थी. इसी टीम का काम ये पता लगाना था कि केरल में कोरोना केस किन वजहों से बढ़ रहे हैं. अब टीम ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. इसमें केरल सरकार पर सवाल उठाए गए हैं कि वो कोरोना संकट के नियंत्रण से संबंधित केंद्र सरकार के नियम-कायदों का पालन नहीं कर रही है, जो राज्य में महामारी के बढ़ने की मुख्य वजहों में से एक है. रिपोर्ट के मुताबिक, केरल प्रशासन और सरकार की घोर लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है.

क्या कहती है NCDC की रिपोर्ट?

आजतक की रिपोर्टर मिलन शर्मा के मुताबिक, NCDC की रिपोर्ट कहती है कि केरल में 90 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिव मरीज होम आइसोलेशन में हैं, जहां जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है. NCDC का कहना है कि केरल में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग काफी कम हो रही है. इसके लिए केरल के एक जिले मल्लापुरम को उदाहरण की तरह पेश किया गया है. जिले के हर परिवार में औसतन 5 सदस्य हैं. NCDC का कहना है कि जिले का केस कॉन्टैक्ट रेशो 1:20 होना चाहिए था, जो इस समय केवल 1:1.15 है. इसका मतलब ये है कि कोरोना मरीजों के शुरुआती संपर्कों को भी ट्रेस नहीं किया जा रहा है. बता दें कि ट्रेसिंग की कमी के कारण गंभीर और हल्के लक्षण वाले मरीजों के समूह का पता नहीं चलता. इसका सीधा असर आइसोलेशन से जुड़ी प्लानिंग पर पड़ता है.

Coronavirus
खुद को लगातार बदल रहा है कोरोना वायरस.

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि केरल में कंटेनमेंट और माइक्रो क्लस्टर जोन केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार नहीं बनाए जा रहे हैं. ज्यादातर मामलों में इलाकों के आसपास बफर जोन नहीं बनाए गए हैं. इसी तरह क्लस्टर जोन के लिए सीमा नियंत्रण और घेराबंदी सख्त तरीके से नहीं की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, मामलों में बढ़ोतरी लगातार जारी है, लेकिन टेस्टिंग बहुत धीमी रफ्तार से चल रही है. यहां तक कि कई जिलों में तो आरटी-पीसीआर टेस्टिंग का भी पर्याप्त रूप से प्रयोग नहीं हो रहा.

संयुक्त परिवारों में बढ़ रहा कोरोना

सेंट्रल टीम की रिपोर्ट में ये बात भी सामने निकलकर आई कि राज्य में सुविधा आधारित आइसोलेशन की कमी है. इसके चलते परिवारों में संक्रमण का प्रसार बढ़ा है, खासकर संयुक्त परिवारों में इसका खासा असर हुआ है जहां सदस्यों की संख्या ज्यादा होती है. इन परिवारों के ज्यादातर सदस्य वायरस की चपेट में आ रहे हैं. केंद्रीय टीम की जांच में सामने आई इन बातों के आधार पर NCDC की रिपोर्ट कहती है कि कोरोना को रोकने के लिए केरल की राज्य सरकार और प्रशासन को जो कदम उठाने चाहिए थे, वे नहीं उठाए गए.

अभी क्या कदम उठाए जा रहे?

फिलहाल रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की बात की जाए तो केरल में अब केवल रविवार के लॉकडाउन रहेगा. बाकी दिन सुबह 9 से शाम 7 बजे तक दुकानें खोली जा सकती हैं. शादियों और अंतिम संस्कारों में 20 लोगों के जाने के अनुमति है. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कहा है कि उन इलाकों में ट्रिपल लॉकडाउन लगाया जाएगा, जहां प्रति 1000 की जनसंख्या पर 10 केस पाए जाएंगे.

सार्वजनिक जगहों पर फंक्शन करने की इजाजत है, लेकिन इनमें लोगों की संख्या 40 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. दुकानों, बाजार, बैंकों, प्राइवेट ऑफिस, फैक्ट्री या अन्य जगहों पर केवल उन्हीं लोगों को जाने दिया जाएगा जो कोविड वैक्सीन की कम से कम एक डोज ले चुके हैं या जिनके पास नेगेटिव आरटी-पीटीआर सर्टिफिकेट है या जिनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आए एक महीने से ज्यादा वक्त बीत चुका हो. स्कूल, कॉलेज, ट्यूशन सेंटर्स, सिनेमा हॉल्स, रेस्तरां आदि को अभी भी खोलने की इजाजत नहीं है. हालांकि मॉल खुल सकते हैं, लेकिन केवल ऑनलाइन डिलिवरी के लिए. शिक्षा संस्थान भी केवल ऑनलाइन एजुकेशन के तहत खोले जा सकते हैं.

White Fungus Corona Infection
केरल में ज्यादातर कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में- केंद्रीय जांच टीम की रिपोर्ट. (सांकेतिक तस्वीरें)

केंद्र की टीम ने क्या सुझाव दिए?

कोरोना महामारी के मद्देनजर केंद्र की बनाई अनुशासनिक टीम ने अपनी तरफ से केरल सरकार को सुझाव दिए हैं. राज्य में कोरोना संकट की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के बाद उसने कहा है कि सरकार को टेस्टिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग बढ़ाने, संक्रमण को नियंत्रिण करने के उपायों को लागू करने और एक पर्याप्त हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की जरूरत है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम ने केरल सरकार को सुझाव दिया है कि अस्पतालों में आईसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा में तुरंत बढ़ोतरी करने की जरूरत है. इसके अलावा लोगों के इकट्ठा होने या बड़े इवेंट के आयोजनों की रिपोर्ट होने पर जिला स्तर पर जांच किए जाने की बात भी ड्राफ्ट रिपोर्ट में कही गई है.

आंकड़ों में केरल की स्थिति

आखिर में केरल में कोरोना संक्रमण से जुड़े आंकड़ों की बात कर लेते हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, केरल में 34 लाख 70 हजार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 17 हजार से अधिक संक्रमितों की मौत हो गई है. बीते 24 घंटों में केरल में 22 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं. वहीं, 100 से अधिक मरीजों ने दम तोड़ दिया. आंकड़ों के मुताबिक, इस समय केरल में कोविड-19 महामारी का पॉजिटिविटी रेट 12 प्रतिशत से भी ज्यादा है. यानी हर 100 टेस्टिंग सैंपल में से कम से कम 12 पॉजिटिव आ रहे हैं. हालांकि रिकवरी रेट 95 प्रतिशत के आसपास है. बता दें कि केरल में कुल कोरोना 34 लाख 71 हजार मरीजों में से 32 लाख 77 हजार को बचाने में कामयाबी मिली है.

(ये स्टोरी हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहे रौनक भैड़ा ने लिखी है.)


वीडियो-केरल में कोरोना की दूसरी लहर अब तक बेकाबू, आंकड़े डराने वाले

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