Submit your post

Follow Us

कोरोना वैक्सीन लेने के बाद शरीर से सिक्के-चम्मच चिपकने के दावों में कितना सच?

कोरोना वैक्सीन को लेकर कई अजीबोगरीब दावे सामने आ रहे हैं. कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो में एक शख्स ने दावा किया था कि उसने बांह पर जहां कोरोना वैक्सीन लगवाई थी, वहां बल्ब टच करने पर जल जाता है. PIB ने फैक्टचेक में इस दावे के फर्जी बताया. अब महाराष्ट्र के नासिक में एक व्यक्ति ने दावा किया कि वैक्सीन की दूसरी डोज़ लेने के बाद उसके शरीर में चुंबकीय शक्ति आ गई है. चम्मच, सिक्के और ऐसी ही धातु की बनी चीजें उसके शरीर से चिपकने लगी हैं. सोशल मीडिया पर मामला गरमाने के बाद डॉक्टरों की टीम उसके घर गई. जांच के बाद कहा कि वैक्सीन की वजह से ऐसा कुछ नहीं हुआ है.

कुछ दिन पहले वैक्सीन ली, फिर ये होने लगा

71 साल के अरविंद सोनार नासिक में सिडको (City and Industrial Development Corporation) के बाहर ‘समोसा कॉर्नर’ चलाते हैं. आजतक के संवाददाता प्रवीण ठाकरे के मुताबिक अरविन्द सोनार ने 9 मार्च को कोविशील्ड वैक्सीन की पहली और 2 जून को दूसरी डोज़ ली. उनके बेटे जयंत ने इंटरनेट पर वैक्सीन लेने के बाद शरीर में लोहे की चीजें चिपकने की खबरें देखीं थीं. बेटे ने पिता अरविंद सोनार के शरीर पर भी स्टील की चीजें रख कर आजमाने के बारे में सोचा. जैसे ही उनके शरीर पर लोहे की चीजें रखीं गईं वो शरीर से चिपकने लगीं. जब पहली बार यह घटना हुई तो फैमिली को लगा कि शायद पसीने या नमी की वजह से ऐसा हो रहा है. इसके बाद अरविंद सोनार को नहलाया गया, लेकिन उसके बाद भी लोहे की चीजें उनके शरीर से चिपकती रहीं.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक परिवार के लोग इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि ऐसा वैक्सीन की वजह से हो रहा है या नहीं.

अरविंद के बेटे जयंत ने टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार को बताया कि

हम नहीं जानते कि ऐसा वैक्सीन लगवाने के पहले से हो रहा है या उसके बाद होने लगा. मैंने इस तरह के कुछ वीडियो इंटरनेट पर देखे थे. जिनमें वैक्सीन लगाने के बाद चुंबकीय गुण पैदा होने के दावे किए गए थे. 2 जून को जब मेरे माता-पिता वैक्सीन का दूसरा डोज़ लेकर आए तो मैंने उन पर इसे चेक करने का सोचा. दोनों के शरीर पर लोहे की चीजों को चिपकाकर देखा, लेकिन सिर्फ पिता जी के शरीर पर चीजें चिपकीं. माता जी के साथ ऐसा नहीं हुआ. इसे देखकर हम हैरान रह गए.

‘शरीर से सिक्के चिपकना मुमकिन है’

अंधविश्वास से लड़ने वाली एक संस्था है, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति. इस दावे पर उसने भी गौर किया. जांच करने के लिए समिति की एक्टिविस्ट कृष्णा चंडगुडे ने सोनार के घर का दौरा किया. दौरे के बाद उन्होंने कहा कि

“यह कोई अंधविश्वास या चमत्कार का मामला नहीं है. हालांकि इस घटना के पीछे का कारण एक्सपर्ट्स की व्यापक रिसर्च के बाद पता लगाया जा सकता है.”

सोनार के दावे में कितना दम हो सकता है, इसे समझने के लिए बीबीसी मराठी ने अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के डॉक्टर हामिद दाभोलकर से बात की. डॉक्टर दाभोलकर ने कहा,

“शरीर से सिक्के और बर्तन का चिपकना भौतिकी के नियम के मुताबिक मुमकिन है. अगर त्वचा में नमी हो और चिपकने की जगह पर वैक्यूम कैविटी बने तो यह संभव है. लेकिन इसे टीकाकरण से जोड़ना सही नहीं है. हमारे साथ काम करने वाले लोग कई बार ऐसे दावों का सच सामने ला चुके हैं.”

नासिक में RYK साइंस कॉलेज के फिजिक्स डिपार्टमेंट में फिजिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रवीन जोशी ने अखबार को बताया कि अभी इस पर कमेंट करना मुश्किल है कि किसी के शरीर में वैक्सीन की वजह से ऐसा हो रहा है या नहीं. हमें किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले पूरा अध्ययन करना पड़ेगा.

हेल्थ डिपार्टमेंट क्या कह रहा है?

नासिक के हेल्थ डिपार्टमेंट ने अरविंद सोनार के दावे की जांच कराई. नासिक म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर बापूसाहेब नगरगोजे ने बताया कि अरविंद के घर पर जांच के लिए टीमें भेजी गई हैं. उन्होंने माना कि शरीर से सिक्के और दूसरी धातु की चीजें चिपकने की बात सही है. लेकिन शरीर में चुंबकीय गुण पैदा होने का वैक्सीन के दूसरे डोज से कोई लेना देना नहीं है. सीनियर हेल्थ अधिकारी इस बारे में आगे पता लगा रहे हैं.

डॉक्टर नगरगोजे ने अखबार को बताया कि

अरविंद सोनार की सेहत पूरी तरह से ठीक है. उन्होंने तीन दिन पहले वैक्सीन की दूसरी डोज़ ली थी, लेकिन वैक्सीन लेने का और चुंबकीय शक्तियां पैदा होने का कोई कनेक्शन नहीं है.

नासिक जिले के सिविल सर्जन अशोक थोरात ने आजतक संवाददाता प्रवीण ठाकरे को बताया कि

यह शोध का विषय है, लेकिन मैं यह दावा खारिज करता हूं कि ऐसा वैक्सीनेशन की वजह से ऐसा हो रहा है. इस बारे में फिलहाल कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. इसकी मामले की पूरी जांच के बाद में ही कुछ निष्कर्ष निकाला जा सकता है.

PIB के फैक्टचेक में क्या निकला?

कोरोना वैक्सीन की वजह से लोगों के चुंबक बनने के दावों पर PIB ने फैक्टचेक किया. केंद्र सरकार की ये एजेंसी इसी तरह के दावों की असलियत बताती है. फैक्टचेक में बताया गया कि सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे दावों में कोई सचाई नहीं है. कोरोना की वैक्सीन लोगों को चुंबक नहीं बनाती है. ये वैक्सीन पूरी तरह सेफ है. किसी बहकावे में न आएं, और आगे आकर कोरोना वैक्सीन लगवाएं.

अमेरिका में भी ऐसा दवा, लेकिन साबित नहीं हुआ

शरीर से लोहे की चीजें चिपकने का ऐसा ही दावा अमेरिका में भी सामने आया. एक महिला ने दावा किया कि कोराना वैक्सीन लोगों को मैग्नेटिक बना रही है. अमेरिका के ओहायो स्टेट में सुनवाई के दौरान इसका प्रयोग करके दिखाने की बात भी कही.

Wow. An anti-vaccine nurse in Ohio tried to prove the Vaccines Cause Magnetism theory in an state legislative committee. The demonstration did not go to plan pic.twitter.com/0ubELst4E8

— Tyler Buchanan (@Tylerjoelb) June 9, 2021

महिला ने सुनवाई के दौरान अपने शरीर से चाबी चिपकाने की कोशिश की. एक बार तो सीने पर चाबी चिपकी हुई दिखी. लेकिन गर्दन पर बार-बार ऐसी कोशिश के बाद भी चाबी चिपकी नहीं. इस महिला का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. लेकिन एक्सपर्ट्स इसके पीछे कोरोना वैक्सीन होने की बात से इत्तफाक नहीं रखते.


वीडियो – कोरोना कवरेज: पंजाब के इस गांव में कोई कोविड वैक्सीन लगवाने को तैयार क्यों नहीं है?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

ATM का ज्यादा इस्तेमाल अब पड़ेगा ज्यादा महंगा, RBI ने फीस बढ़ा दी है

ATM से ज्यादा बार पैसे निकालने के लिए अब कितने पैसे चुकाने होंगे?

श्रीलंका टूर के लिए टीम इंडिया की घोषणा ने किसका दिल तोड़ दिया?

धवन की कप्तानी में घोषित हुई टीम.

UP: बांदा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में 15 प्रोफेसरों में से 11 ठाकुर नियुक्त, बवाल के बाद जांच के आदेश

यूनिवर्सिटी ने अपनी सफाई में क्या कहा, वो भी जान लीजिए.

सागर धनखड़ हत्याकांड के चश्मदीद सोनू महाल ने बताई हत्या वाली रात की पूरी कहानी

पहलवान सागर धनखड़ के दोस्त सोनू के साथ भी मारपीट हुई थी.

लॉकडाउन में स्कूल बंद हुए तो इस गांव ने घरों की दीवारों को ही बना दिया किताब

इंटरनेट की पहुंच से गांव दूर, लेकिन स्कूल बंद होने पर भी लॉकडाउन में नहीं रुकी पढ़ाई.

लक्षद्वीप में लोगों के विरोध के बीच किस कानून को वापस लेने का ऐलान किया गया है

लक्षद्वीप के निवासी क्या कहकर नए कानून का विरोध कर रहे हैं.

साउथ के सुपरस्टार सूर्या ने अपने फैनक्लब के 250 मेंबर्स की अनोखी मदद कर दी

ऐसा केस रेयर देखने को मिलता है.

SSC CHSL 2018: 10 मिनट के टाइपिंग टेस्ट के रिजल्ट का 6 महीने से इंतजार

2019 से चल रही भर्ती प्रक्रिया, SSC रिजल्ट बताने को तैयार नहीं.

एलोपैथी को स्टुपिड बताने वाले रामदेव ने 'पलटी' मारी, अब कहा- ये तो श्रेष्ठ है...

डॉक्टरों को भी ‘देवदूत’ और ‘वरदान’ बताया है.

एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर डिंको सिंह का निधन

लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन.