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सायन के बाद अब मुंबई के इस बड़े अस्पताल में मरीज़ों के साथ शव रखे गए!

मुंबई का सायन अस्पताल. बीते दिनों यहां का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दिख रहा था कि इलाज करा रहे मरीज़ों के साथ ही कुछ मरीज़ों के शव रखे हुए हैं. अब इसी तरह का एक और वीडियो सामने आया है. ये मुंबई के ही KEM अस्पताल का है. बीजेपी विधायक नितेश राणे ने इसे ट्वीट किया. लिखा,

‘KEM अस्पताल में आज सुबह 7 बजे का दृश्य. मुझे लगता है कि BMC चाहती है कि इलाज के दौरान हम अपने आस-पास शवों को देखने के आदी हो जाएं, क्योंकि वो सुधार लाना ही नहीं चाहते. उन हेल्थ वर्कर्स के लिए भी बुरा लग रहा है, जिन्हें ऐसे हालात के बीच काम करना पड़ रहा है. क्या यहां कोई उम्मीद है?’

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नितेश राणे का ट्वीट.

नितेश राणे ने जो वीडियो डाला है, उसमें दिख रहा है कि अस्पताल के वॉर्ड में मरीज़ों के बीच नीली पॉलिथीन में लिपटी हुई लाशें रखी हैं. स्ट्रेचर पर. ‘दी लल्लनटॉप’ ने अस्पताल के डीन हेमंत देशमुख से बात करने की कोशिश की. अस्पताल की वेबसाइट पर दिए नंबर पर कॉल लगाया, लेकिन बात नहीं हो सकी. उनके ऑफिस में मौजूद अटेंडेंट ने बताया कि वो अभी राउंड पर गए हैं, बिज़ी हैं.

इधर ‘इंडिया टुडे’ से जुड़े सौरभ वक्तानिया ने पहले भी इस मामले पर रिपोर्ट दी थी. उन्होंने 9 मई को बताया था कि KEM अस्पताल में शवों को ज़िंदा मरीज़ों के साथ रखा जा रहा है. मुंबई के एक पत्रकार सुधाकर नादर ने भी KEM अस्पताल का एक वीडियो रिकॉर्ड किया था. उसमें भी अस्पताल के हालात को दिखाया था.

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इस तस्वीर में देखिए दो मरीज़ एक ही बिस्तर पर लेटे हुए हैं. (फोटो क्रेडिट- सुधाकर नादर)

वॉर्ड में चलना भी मुश्किल

वक्तानिया ने बताया था कि KEM अस्पताल के कैजुअल्टी वॉर्ड में बहुत ज्यादा भीड़ हो चुकी है, सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर की बात है, वहां तो चलना भी मुश्किल है. ये वॉर्ड मरीज़ और उनके रिश्तेदारों से भरा हुआ है. मरीज़ लगातार आ रहे हैं. कई मरीज़ों को तो ज़मीन पर रहना पड़ रहा है. उन्हें बिस्तर नहीं मिल रहा. साथ ही उन्होंने ये भी साफ किया था कि जो वीडियो वायरल सामने आए हैं, वो COVID-19 वॉर्ड के नहीं हैं, कैजुअल्टी वॉर्ड के हैं. इस मामले पर पत्रकार नादर का कहना है,

‘अस्पताल का स्टाफ काफी मेहनत कर रहा है, लेकिन कोई प्रॉपर व्यवस्था नहीं है. मुझे चलने की जगह नहीं मिल रही थी. मैंने देखा कि एक डेडबॉडी पैक करके एक बिस्तर पर रखी हुई है. उसके अगल-बगल मरीज़ हैं. एक महिला से पूछा, तो उसने बताया कई घंटों से वो शव वहां रखा हुआ है. मैं हैरान हो गया. कई मरीज़ बेड नहीं, ज़मीन पर सोने के लिए मजबूर. और KEM, दोनों ही अस्पतालों की हालत बहुत गंभीर और दुखी करने वाली है.’

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KEM और सायन अस्पताल में इस तरह रहने को मजबूर हैं मरीज़. (फोटो क्रेडिट- सुधाकर नादर)

कई मरीज़ बेड नहीं, ज़मीन पर सोने के लिए मजबूर.

‘इंडिया टुडे’ ने 9 मई के दिन हेमंत देशमुख से बात की थी. तब उन्होंने कहा था,

‘दिन-रात मरीज़ आ रहे हैं. हम पर मरीज़ों का बहुत लोड आ रहा है. कैजुअल्टी वॉर्ड में सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (SARI) के मरीज़ आ रहे हैं. हम उनका स्वैब सैंपल ले रहे हैं. टेस्ट हो रहा है. रिपोर्ट के आधार पर उन्हें या तो COVID पॉजिटिव वॉर्ड में या फिर COVID निगेटिव वॉर्ड में शिफ्ट किया जा रहा है.’

सायन अस्पताल का हाल

कुछ दिन पहले वायरल हुए वीडियो में दिखा था कि मरीज़ों की लाशें इलाज करा रहे मरीज़ों के साथ रखी हुई थीं. इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी कहा था कि इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी, इसलिए इन्हें रोकें और कड़े एक्शन लेने पर मजबूर न करें. सीएम ने 8 मई को ये बात कही थी.

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काली पॉलिथीन में शव लिपटा हुआ है. ज़िंदा मरीज़ों के साथ रखा हुआ है. (फोटो क्रेडिट- सुधाकर नादर)

9 मई को सौरभ वक्तानिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सायन अस्पताल के कैजुअल्टी वॉर्ड में कोई सुधार नहीं हुआ. दो मरीज़ों को एक ही बिस्तर पर रखा जा रहा है, जहां उनके घरवाले भी उनके साथ मौजूद होते हैं. सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन नहीं हो रहा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मुंबई में कोरोना के मामले बढ़ने का एक कारण ये भी है.

कोरोना संदिग्धों वाले वॉर्ड में भीड़

पत्रकार नादर ने इस अस्पताल का वीडियो भी रिकॉर्ड किया. इमरजेंसी कैजुअल्टी वॉर्ड का. इसी वॉर्ड में सबसे पहले कोरोना के लक्षण वाले मरीज़ों को लाया जाता है. डॉक्टर उनका चेकअप करते हैं, सैंपल लेते हैं और रिपोर्ट का इंतज़ार किया जाता है. जैसे ही रिपोर्ट आती है, मरीज़ को दूसरे वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है. यानी इस वॉर्ड में कोरोना के संदिग्धों को रखा जा रहा है.

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एक ही पलंग पर रहने को मजबूर मरीज़. उनके रिश्तेदार भी मौजूद. (फोटो क्रेडिट- सुधाकर नादर)

सायन अस्पताल में भी बहुत से मरीज़ ज़मीन पर रह रहे हैं. उन्हें बिस्तर नहीं मिल रहा है. कुछ व्हीलचेयर पर हैं. इन सबके बीच मरीज़ों के बीच शव भी रखे हुए हैं. BMC ने सायन मामले में वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता की जांच के आदेश दे दिए हैं. सायन और KEM, दोनों ही अस्पताल BMC के हैं.

देखिये भारत में कोरोना कहां-कहां और कितना फैल गया है.


वीडियो देखें: क्या प्राइवेट अस्पताल कोरोना मरीजों से एक्स्ट्रा फीस वसूल रहे हैं?

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