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क्या IIM अहमदाबाद और गुजरात की आर्किटेक्ट कंपनी ने मिलकर दो महीने से मज़दूरों का पैसा डकार रखा है?

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम), अहमदाबाद को मज़दूरों की तरफ़ से नोटिस मिला है. ये मज़दूर आईआईएम की ही एक नई बिल्डिंग बनाने के काम में लगे थे, तभी कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लग गया. इसके बाद से पिछले दो महीनों में मज़दूरों को तनख़्वाह तक नहीं मिली है. ये सभी दूसरी जगहों से आकर यहां काम कर रहे थे. अब वापस भी नहीं जा पा रहे. इन्हीं सब बातों को लेकर मज़दूरों की ओर से वकील आनंदवर्धन जे. याज्ञनिक ने नोटिस भेजा है. नोटिस की कॉपी आईआईएम, अहमदाबाद के डायरेक्टर, गुजरात के चीफ सेक्रेटरी, श्रम विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और डिप्टी लेबर कमिश्नर को भेजी गई है.

नई बिल्डिंग के कंस्ट्रक्शन का काम आईआईएम-अहमदाबाद की तरफ से एचसीपी डिज़ाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी को दिया गया था. इसी कंपनी ने मज़दूरों को काम पर रखा. नोटिस में इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्टर और आईआईएम को प्रिंसिपल एम्प्लॉयर (प्रमुख नियोक्ता) बताया गया है.

आनंद याज्ञनिक ने ‘दी लल्लनटॉप’ को बताया –

“कन्स्ट्रक्शन साइट पर अभी जो लोग हैं, उनमें 20 बच्चे हैं, 25-30 महिलाएं हैं. सबको बस राशन दिया जा रहा है. मज़दूरों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था. जिन मज़दूरों को गिरफ्तार किया गया, उन्हें भी पुलिस ने अब तक मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया है.”

वकील का दावा- गिरफ्तार मज़दूरों में से दो कोरोना पॉज़िटिव

नोटिस में लिखा है कि करीब एक साल से 500 मज़दूर यहां काम कर रहे हैं. ये मज़दूर झारखंड और पश्चिम बंगाल के हैं. कॉन्ट्रैक्टर मज़दूरों को जबरन अपने होम स्टेट नहीं जाने दे रहा, ताकि नए मज़दूर न ढूंढने पड़ें, काम प्रभावित न हो. जिन मज़दूरों को रोककर रखा गया है, उनमें से दो कोरोना पॉज़िटिव भी हैं, फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

आईआईएम का जवाब

आईआईएम ने तमाम पॉइंट पर अपने जवाब दिए हैं. इन जवाब पर 23 मई को आनंद याज्ञनिक अपना काउंटर फाइल करेंगे. आईआईएम ने क्या कहा?

वेतन पर – हमारा हर बिल एक प्रोसेस से होकर गुज़रता है. इसलिए ये ऑन रिकॉर्ड है कि हमने मज़दूरों का सारा बकाया दिया है.

कोविड पॉज़िटिव की बात पर – हेल्थ डिपार्टमेंट के लोग साइट पर आए थे. सैंपल भी लिए गए. कोई पॉज़िटिव नहीं पाया गया. फिर भी अगर दो लोगों के पॉज़िटिव आने की बात सही है, तो कॉन्ट्रैक्टर इस पर ध्यान देंगे.

एचसीपी डिज़ाइन कौन-सी कंपनी है?

एचसीपी डिज़ाइन गुजरात की कंपनी है. मालिक हैं पद्मश्री आर्किटेक्ट बिमल पटेल. इस कंपनी के प्रोजेक्ट में शामिल हैं अहमदाबाद की रिज़र्व बैंक बिल्डिंग, साबरमती रिवर फ्रंट वगैरह. नई दिल्ली का सेंट्रल विस्टा री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट भी एचसीपी डिज़ाइन के पास ही है.


ऐसा क्या है इस कोरोना वायरस सुपर स्प्रेडर में, जिसके केस मिलने पर अहमदाबाद में सब बंद हो गया?

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