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समंदर के तूफानों का नामकरण हो गया है, जानिए क्या-क्या नाम रखे गए हैं

भारत तीन तरफ से समंदर से घिरा हुआ देश है. इसकी पूर्व दिशा में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर, तो दक्षिण में हिंद महासागर है. अब जाहिर है कि समंदर हैं, तो तूफान भी आते ही रहते हैं. इन्हीं तूफानों या चक्रवातों के नामों की लिस्ट जारी हुई है. भारतीय मौसम विभाग ने 28 अप्रैल को यह लिस्ट जारी की. इसमें कुल 169 नाम है. आने वाले समय में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठने वाले तूफानों के नाम इसी लिस्ट से रखे जाएंगे.

13 देशों ने 13-13 नाम तय किए

भारत के साथ ही 12 और देशों ने यह नाम तय किए हैं. इनमें बांग्लादेश, ईरान, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाइलैंड, यूएई और यमन शामिल हैं. सबने 13-13 नाम दिए हैं. सितंबर 2018 में विश्व मौसम संगठन की बैठक के दौरान तूफानों के नए नामों की लिस्ट तैयार करने का फैसला किया गया. इसके बाद सितंबर, 2019 में फाइनल लिस्ट तैयार की गई. अब इस पर मुहर लगा दी गई है.

अभी पिछली लिस्ट से एक नाम बचा हुआ है. यह है अंफान. अब जो भी तूफान आएगा उसका नाम यही होगा. इसके बाद नई लिस्ट से नाम रखे जाएंगे.

हरिकेन, सायक्लोन और तायफून तीनों चक्रवातों के ही नाम हैं. भारत में आने वाले चक्रवात सायक्लोन कहलाते हैं.
हरिकेन, सायक्लोन और तायफून- तीनों चक्रवातों के ही नाम हैं. भारत में आने वाले चक्रवात सायक्लोन कहलाते हैं.

25-30 साल तक चलेगी यह लिस्ट

पीटीआई को भारतीय मौसम विभाग के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय मोहापात्रा ने बताया कि अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और उत्तरी हिंद महासागर में हर साल करीब पांच तूफान आते हैं. ऐसे में अभी जारी की गई लिस्ट अगले 25-30 साल तक चलेगी. नामों के बारे में जनता से भी सलाह मांगी गई थी.

उन्होंने कहा कि नाम रखते समय ध्यान रखा जाता है कि वह राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और लैंगिक विश्वासों को आहत न करे. भारत की ओर से भी 13 नाम दिए गए हैं.

तूफानों के नए नामों की लिस्ट.
तूफानों के नए नामों की लिस्ट.
तूफानों के नए नामों की लिस्ट का दूसरा हिस्सा.
तूफानों के नए नामों की लिस्ट का दूसरा हिस्सा.
तूफानों के नए नामों की लिस्ट का तीसरा हिस्सा.
तूफानों के नए नामों की लिस्ट का तीसरा हिस्सा.

भारत की ओर से दिए गए नाम और उनके मतलब

गति – यह संस्कृत शब्द है. इसका मतलब होता है रफ्तार.
तेज – यह भी संस्कृत शब्द है. इसका मतलब है चमक.
मुरासु– यह तमिल शब्द है. मुरासु एक प्राचीन संगीत यंत्र का नाम था.
आग – यह हिंदी शब्द है. इसका मतलब है अग्नि.
व्योम – यह संस्कृत शब्द है. इसका मतलब है आकाश.
झोर – यह बांग्ला का शब्द है. इसका मतलब होता है रस.
प्रोबाहो – यह भी बांग्ला का शब्द है. इसका मतलब है प्रवाह यानी बहना.
नीर – यह हिंदी का शब्द है. यह पानी का पर्यायवाची शब्द है.
प्रभंजन – यह संस्कृत और हिंदी का शब्द है. इसके कई मतलब होते हैं. जैसे तेज हवा या तूफान, तोड़ना.
घूर्नी – यह बंगाली शब्द है. इसका मतलब होता है भंवर.
अम्बुद – इसका मतलब होता है बादल. यह संस्कृत-हिंदी का शब्द है.
जलधि – यह संस्कृत शब्द है. इसका शाब्दिक अर्थ होता है जल को धारण करने वाला. इसका मतलब हुआ समुद्र.
वेग – यह शब्द देश की कई भाषाओं के हिस्सा है. इसका मतलब है चाल या शीघ्रता.

भारत की ओर से तूफानों के नाम रखे जाने के बारे में मौसम विभाग का बयान भी आया है. चेन्नई में मौसम विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जनरल एस बालचंद्रन ने कहा,

हमने समुद्र, मछली और तटवर्ती इलाकों से जुड़े नाम दिए हैं. प्राचीन समय में संदेश भेजने के लिए मुरासु का इस्तेमाल किया जाता था. इसलिए यह नाम भेजा गया. हमें पता चला कि इसका इस्तेमाल प्राकृतिक आपदाओं के बारे में लोगों को आगाह करने के लिए भी इसका इस्तेमाल होता था.

चक्रवातों को नाम देना सबसे पहले अटलांटिक देशों ने शुरू किया था.  (फोटोःरॉयटर्स)

अब जान लेते हैं नाम कैसे रखते हैं

चक्रवातों को नाम देना सबसे पहले अटलांटिक सागर के इर्द-गिर्द बसे देशों ने शुरू किया. अटलांटिक सागर अमेरिका और यूरोप महाद्वीपों के बीच में है. नाम इसलिए दिया जाता, ताकि उसका रिकॉर्ड रखा जा सके. इससे वैज्ञानिकों, समंदर में चल रहे जहाज़ों के स्टाफ और चक्रवात से बचने की तैयारी कर रहे प्रशासन को सहूलियत होती. दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान अमरीकी फौज चक्रवातों को औरतों के नाम देने लगी. बाद में औरतों ने सवाल किए कि जब वो आबादी का आधा ही हिस्सा हैं, तो तबाही लाने वाले पूरे चक्रवातों को उन्हीं के नाम क्यों दिए जाएं.

फिर 1978 में आधे चक्रवातों को मर्दों के नाम दिए जाने लगे. भारत के पास यानी हिंद महासागर में आने वाले तूफानों को नाम देने का चलन 2004 में शुरू हुआ. अपने यहां के सिस्टम में 10 साल तक एक नाम दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाता. ज़्यादा तबाही मचाने वाले चक्रवातों के नाम को रिटायर कर दिया जाता है.
बाकी तूफान कैसे आते हैं और तूफानों के नाम के बारे में डिटेल से यहां पढ़ सकते हैं.


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