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सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में वैक्सीन की डोज पर जो जानकारी दी है, उसमें एक कंफ्यूजन है!

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश करके बताया है कि अगस्त से लेकर दिसंबर के बीच देश में कितनी कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) उपलब्ध हो सकेंगी. ये संख्या बैठ रही है करीब 135 करोड़. सरकार द्वारा दिए गए ब्रेकअप के मुताबिक – कोविशील्ड की 50 करोड़ डोज़.
कोवैक्सीन की 40 करोड़ डोज़.
बायो ई सब यूनिट वैक्सीन की 30 करोड़ डोज़.
जायडस कैडिला की 5 करोड़
स्पुतनिक की 10 करोड़ डोज़ उपलब्ध होंगी.
यानी कुल 135 करोड़ डोज़ दिसंबर तक उपलब्ध होंगी.

लेकिन इन आंकड़ों में एक कन्फ्यूजन है. कंफ्यूजन ये कि सरकार ने अभी पिछले महीने यानी मई में ही बताया था कि अगस्त से दिसंबर के बीच में कोविड-19 वैक्सीन की 216 करोड़ डोज़ तैयार की जाएंगी. प्रकाश जावड़ेकर ने बाकायदा ट्वीट करके बताया था कि कौन सी वैक्सीन कितनी संख्या में उपलब्ध होगी. तब बताया गया था कि सबसे ज़्यादा 75 करोड़ डोज़ कोविशील्ड की उपलब्ध कराई जाएंगी. कोवैक्सिन की 55 करोड़ डोज़ और स्पुतनिक-वी की 15.6 करोड़ डोज़ उपलब्ध कराई जाएंगी. कुल मिलाकर संख्या 216 करोड़ बताई गई थी.

लेकिन अब एक महीने बाद ही ये आंकड़ा 81 करोड़ कम कैसे हो गया? 216 से घटकर 135 करोड़ पर कैसे आ गया? तब सरकार ने जो लिस्ट जारी की थी, उसमें नेज़ल वैक्सीन, नोवावैक्स और जेनोवा वैक्सीन का भी ज़िक्र था. ये नाम नई लिस्ट से गायब हैं.

सरकार की ये विरोधाभासी बातें चिंता और बढ़ाती हैं क्योंकि कोविड की तीसरी वेव सामने आती नज़र आ रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त के बाद कभी भी देश तीसरी वेव की चपेट में आ सकता है. और ऐसे में मृत्यु दर को कम करने का एक ही तरीका है- ज़्यादा से ज़्यादा वैक्सीनेशन. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देश में 18 साल से ऊपर की आबादी तकरीबन 93 से 94 करोड़ है. ऐसे में इस आबादी को वैक्सीन के दोनों डोज लगाने के लिए 186 से 188 करोड़ डोज़ की ज़रूरत होगी. इनमें से 51.6 करोड़ डोज़ 31 जुलाई 2021 तक राज्यों को दे दिए जाएंगे. जिसके बाद पूरी आबादी को वैक्सीनेट करने के लिए 135 करोड़ डोज़ की ज़रूरत होगी.

बताते चलें कि देश में 27 जून तक 26 करोड़ से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन की पहली डोज़ लग चुकी है. वहीं करीब 5 करोड़ 63 लाख लोग हैं, जिनको दोनों डोज़ लग चुकी हैं. यानी अब तक कुल 32 करोड़ से अधिक डोज़ लगाई जा चुकी हैं.


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