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सुदर्शन न्यूज़ के मुसलमान विरोधी प्रोग्राम के प्रसारण पर कोर्ट ने कहा, नो मीन्स नो

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुदर्शन न्यूज़ चैनल के विवादित शो के प्रसारण पर रोक लगा दी है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुछ वर्तमान और पूर्व छात्रों ने इसके ख़िलाफ कोर्ट में याचिका लगाई थी. जस्टिस नवीन चावला की पीठ ने सुनवाई करते हुए 28 अगस्त को इस पर रोक का आदेश दे दिया है.

ये सारा विवाद शुरू हुआ था 25 अगस्त को एक ट्वीट से. ट्वीट किया था सुदर्शन न्यूज़ के एडिटर इन चीफ सुदर्शन चव्हाणके ने. इस ट्वीट में लिखा था –

“सावधान. लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ कार्यपालिका के सबसे बड़े पदों पर मुस्लिम घुसपैठ का पर्दाफ़ाश. #UPSC_Jihad #नौकरशाही_जिहाद. देश को झकझोर देने वाली इस सीरीज़ का लगातार प्रसारण प्रतिदिन. शुक्रवार 28 अगस्त रात 8 बजे से सिर्फ सुदर्शन न्यूज़ पर.”

ट्वीट में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और आरएएस को टैग भी कर दिया. इसी ट्रेलर के ख़िलाफ याचिका लगाई गई. चव्हाणके पर जामिया मिल्लिया और मुस्लिम समुदाय के छात्रों के खिलाफ ग़लत भाषा के इस्तेमाल और मानहानि का आरोप लगा.

Live Law वेबसाइट के मुताबिक, याचिका में कहा गया –

“ट्रेलर और इसके साथ प्रस्तावित प्रसारण केबल टीवी नेटवर्क अधिनियम के तहत प्रोग्राम कोड का उल्लंघन करता है. प्रस्तावित प्रसारण और ट्रेलर में अभद्र भाषा और आपराधिक मानहानि भी होती है. यह भारतीय दंड संहिता की धारा 153A (1), 153B (1), 295A और 499 के तहत अपराध है.”

याचिका में ये भी कहा गया कि –

“इस ट्रेलर या प्रस्तावित प्रसारण को अनुमति दी जाती है, तो याचिकाकर्ताओं, अन्य छात्रों, जामिया मिल्लिया के पूर्व छात्रों और 2020 में सिविल सेवा परीक्षा पास कर चुके छात्रों और मुस्लिम कम्युनिटी को खतरे का सामना करना पड़ेगा. यह अनुच्छेद-21 के तहत याचिकाकर्ताओं को प्रदत्त जीवन के अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का खुला उल्लंघन होगा.”

इसी के बाद कोर्ट ने ट्रेलर और प्रस्तावित शो पर रोक लगाने का फैसला किया. शो का पहला एपिसोड 28 अगस्त को प्रसारित होना था. चव्हाणके कह रहे थे कि उन्हें कोर्ट की तरफ से शो पर रोक का कोई नोटिस नहीं मिला, इसलिए वो प्रसारित करेंगे. लेकिन शो के टाइम से पहले उन्हें नोटिस मिल गया और प्रसारण रोक दिया गया.

कौन हैं सुरेश चव्हाणके?

शिरडी में पैदा हुए सुरेश चव्हाण करीब 15 साल से सुदर्शन न्यूज़ नाम का चैनल चला रहे हैं. ये चैनल पहले पुणे से ऑपरेट होता था, जिसे बाद में नेशनल चैनल बनाकर नोएडा लाया गया. चव्हाणके की उम्र है 48 साल. इनका दावा है कि तीन साल की उम्र में ही इन्होंने RSS जॉइन कर लिया था, जिसके बाद ये 20 सालों तक संघ शाखाओं में जाते रहे. वहां रहते हुए इनका संघ के कई बड़े नेताओं से संपर्क हुआ. बाद में ABVP जॉइन करके पॉलिटिक्स में एक्टिव हो गए. फिर अपना चैनल खोल लिया और इसके बाद से लगातार इनका विवादों में नाम आता रहा है.


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