Submit your post

Follow Us

अब हाई कोर्ट का ये फैसला बढ़ा सकता है अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें

पैसे देकर TRP बढ़वाने के मुंबई पुलिस के आरोपों से रिपब्लिक टीवी पहले ही सवालों में है, अब दिल्ली हाई कोर्ट के एक फैसले से उसकी परेशानी और बढ़ सकती है. असल में हाई कोर्ट ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में रिपब्लिक टीवी के प्रसारण को लेकर एक पीआईएल मतलब जनहित याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है. याचिका में टीवी चैनलों के लिए क्रिमिनल केसों की रिपोर्टिंग को लेकर गाइडलाइंस बनाने की मांग भी की गई है.

क्या है इस याचिका में?

याचिका में कहा गया है कि सुशांत की मौत के मामले में चैनल ने “मनगढ़ंत और भ्रामक तथ्य” पेश किए. ऐसी कवरेज की वजह से ही रिया चक्रवर्ती के निष्पक्ष सुनवाई (फेयर ट्रायल) के अधिकार का उल्लंघन हुआ है. पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग के लिए रिपब्लिक टीवी और चैनल के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट (अवमानना) की कार्यवाही शुरू की जाए.

Sale(233)
दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल पीआईएल में क्रिमिनल केसों की रिपोर्टिंग का मैकेनिज्म बनाने की मांग भी की गई है.

सरकार तय करे, चैनल कैसे करें रिपोर्टिंग

livelaw.in के अनुसार, यह जनहित याचिका शुक्रवार 9 अक्टूबर को दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पाटिल और जस्टिल प्रतीक जालान की बेंच के सामने रखी गई. बेंच ने पेटिशनर को 27 नवंबर की तारीख देते हुए कहा कि वह उन सुझावों के साथ पेश हों, जिनके जरिए मीडिया की क्रिमिनल केसों की रिपोर्टिंग को रेग्युलेट किया जा सके.

 

अरनब गोस्वामी की कवरेज को याचिका में पक्षपातपूर्ण बताया गया है.
याचिका में अर्नब गोस्वामी की कवरेज को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट की कार्यवाही की मांग की गई है.

टीवी चैनल फैसला सुनाने लगे हैं

पेटिशनर ने आरोप लगाए कि जर्नलिस्ट और टीवी चैनल किसी के भी पीछे पड़ जाते हैं. उसे गुनहगार बताने पर उतारू हो जाते हैं. ऐसा ही कुछ सुशांत सिंह राजपूत के केस में रिया चक्रवर्ती के साथ हुआ, जिसमें चैनल ‘जज, ज्यूरी और सजा देने वाले’ बन गए. इससे पब्लिक की ओपिनियन रिया के खिलाफ हो गई.

पीआईएल दाखिल करने वाले ने दावा किया-

दिलचस्प बात यह है कि कोई भी जांच एजेंसी सुशांत केस में फिलहाल मर्डर चार्ज का इन्वेस्टिगेशन नहीं कर रही है. यहां तक कि पटना में भी सुशांत के परिवार की तरफ से जो एफआईआर दर्ज कराई गई, उसमें आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए हैं. उस पर एम्स की जो रिपोर्ट आई है, वह भी कहती है कि मामला हत्या का नहीं बल्कि सुसाइड का है.

याचिका में ये मांग भी की गई है कि कोर्ट निर्देश दे कि किसी भी क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के मामले में खोजी पत्रकारिता या सूत्रों के हवाले से न तो खबर छापी जाए और न ही ब्रॉडकास्ट की जाए.


वीडियो – मुंबई पुलिस ने TRP रैकेट में रिपब्लिक टीवी का नाम लिया, अर्नब गोस्वामी का रिप्लाई आया है

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

TRP स्कैम: FIR में इंडिया टुडे टीवी का नाम आने पर मुंबई पुलिस ने क्या कहा है?

रिपब्लिक टीवी का आरोप है कि FIR में इंडिया टुडे टीवी का नाम आने पर एक्शन नहीं लिया गया.

IPL 2020: मयंक-राहुल के विकेट से नहीं, इन छह गेंदों से हार गया पंजाब

सीजन बदला पर पंजाब की हालत नहीं.

मुंबई पुलिस का दावा, पैसे देकर TRP खरीदता है रिपब्लिक टीवी

रैकेट में दो और चैनलों के भी नाम हैं, उनके मालिक गिरफ्तार कर लिए गए है.

दो बार छह छ्क्के लगा चुका वह भारतीय, जिसे करोड़पति बनना रास ना आया

गणित के मास्टर भी हैं CSK को पीटने वाले राहुल त्रिपाठी.

आधी रात को क्यों जलाई थी हाथरस विक्टिम की बॉडी, यूपी सरकार ने अब बताया है

साथ ही ये भी बताया कि 14 सितंबर से अब तक क्या-क्या किया.

कंफर्म हो गया, अकेले चुनाव लड़ेगी चिराग पासवान की पार्टी

क्या ये चिराग पासवान के लिए ज़मीन तैयार करने की रणनीति है?

शिक्षा मंत्रालय की गाइडलाइंस, बताया 15 अक्‍टूबर से किन शर्तों पर खुलेंगे स्कूल-कॉलेज

स्टूडेंट्स, अभिभावकों की लिखित सहमति से ही स्कूल जा सकते हैं.

इस शर्त पर यूपी प्रशासन ने राहुल-प्रियंका को हाथरस जाने की अनुमति दी

कथित गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे हैं राहुल-प्रियंका.

हाथरस केस: एसपी और सीओ सस्पेंड, जानिए डीएम का क्या हुआ?

सभी पक्ष-विपक्ष वालों का पॉलीग्राफी टेस्ट भी होगा.

हाथरस केस: यूपी पुलिस को किसी को भी गांव में जाने से रोकने का बहाना मिल गया है!

खबर है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पीड़ित परिवार से मिलने जाने वाले हैं.