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गुजरात के अस्पताल में धर्म के नाम पर अलग कोरोना वॉर्ड की ख़बर आई, गुजरात सरकार ने ख़बर को ग़लत कहा

कोरोना वायरस के मरीज़ों के लिए अस्पताल में अलग से कोरोना वॉर्ड बनाया जाता है. ज़्यादातर अस्पतालों में इसे पुरुष वॉर्ड और महिला वॉर्ड में बांटा जाता है. लेकिन गुजरात के अहमदाबाद में एक अस्पताल के कोरोना वॉर्ड को धर्म के आधार पर बांटने की ख़बर सामने आई है. 1200 बेड के इस अस्पताल को धर्म के आधार पर बांटने को अस्पताल के अधिकारी ने सरकार का फ़ैसला बताया. दूसरी ओर सरकार ने ऐसे किसी भी मामले की जानकारी न होने की बात कही.

इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के अनुसार, गुजरात के अहमदाबाद में कोरोना के मरीज़ों की देखभाल कर रहे अस्पताल के कोरोना वॉर्ड में ‘हिंदू वॉर्ड’ अलग और ‘मुस्लिम वॉर्ड’ अलग बनाया गया है. जबकि सरकार इस तरह के किसी मामले के जानकारी से इनकार कर रही है.

# क्या है पूरा मामला

अस्पताल के प्रोटोकॉल के तहत COVID-19 के मरीज़ को बाक़ी अस्पताल के मरीज़ों से अलग रखा जा रहा है. गुजरात के एक अस्पताल में ऐसे ही 186 कोरोना संक्रमण से प्रभावित होने की आशंका वाले लोग भर्ती किए गए थे. इनमें से 150 लोगों की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इन मरीज़ों में हिंदू और मुस्लिम, दोनों धर्म के लोग शामिल हैं.

अस्पताल के मेडिकल अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया-

आम तौर पर महिला और पुरुष वॉर्ड अलग किए जाते हैं. लेकिन यहां हमने हिंदू और मुस्लिम वॉर्ड अलग रखे हैं.

ये पूछे जाने पर कि कौन से आधार पर ये फ़ैसला लिया गया, उन्होंने जवाब दिया, ‘ये सरकार का फ़ैसला है, आप उनसे पूछ सकते हैं.’

अस्पताल में क्वारंटीन प्रोटोकॉल इस तरह के बंटवारे की बात नहीं करते (सांकेतिक तस्वीर)
अस्पताल में क्वारंटीन प्रोटोकॉल इस तरह के बंटवारे की बात नहीं करते (सांकेतिक तस्वीर)

# सरकार का क्या कहना है

इस मामले पर जब डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने कहा-

मुझे इस तरह के वॉर्ड बंटवारे की कोई जानकारी नहीं मिली है. आम तौर पर पुरुष और महिला वॉर्ड ही अलग रखे जाते हैं. मैं मामले की जांच कराऊंगा.

अहमदाबाद के कलेक्टर के.के. निराला ने भी इस तरह के किसी मामले की जानकारी होने से इनकार किया. उन्होंने कहा –

इस तरह का कोई आदेश प्रशासन की तरफ़ से नहीं दिया गया है और न ही मुझे इस मामले की कोई जानकारी है.

हालांकि जब इंडियन एक्सप्रेस ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल के नए ब्लॉक में बनाए गए इस वॉर्ड के एक मरीज़ से संपर्क किया, तो उसने बताया-

रविवार रात को A-4 वॉर्ड से 28 मरीज़ों का नाम बुलाया गया और उन्हें अलग शिफ्ट किया गया. फिर हमें अलग वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया. जितने भी नाम बुलाए गए थे, ये सब धर्म विशेष के लोगों के नाम थे.

# सूचना विभाग ने ट्वीट किया

इस मामले पर सूचना विभाग ने ट्वीट करके इसे भ्रामक जानकारी बताया है.


ये वीडियो भी देखें:

पड़ताल: कोरोना वायरस में बुजुर्ग का ये वायरल मैसेज BJP सांसद परेश रावल ने भी शेयर किया है

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