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लॉकडाउन : पहले महीने में 1.77 करोड़ सैलरी पाने वाले लोगों की नौकरी गयी, कुल 26 करोड़ लोग जॉब से हाथ धो बैठे

रिपोर्ट है. रिपोर्ट के दावों से बहुत बातें कही जाती हैं. रिपोर्ट के दावों से अमेरिकी राष्ट्र्पतियों को इस्तीफ़ा देना पड़ता है. रिपोर्ट के दावों से कई देशों की सरकारों को कई-कई संगठनों पर प्रतिबंध लगाना पड़ता है. रिपोर्ट के दावों से आंदोलन खड़े होते हैं और दबाए जाते हैं. रिपोर्ट है. 

एक रिपोर्ट कहती है कि सुबह उठकर गर्म पानी पियो, तो आप पीते हैं. एक रिपोर्ट कहती है कि शराब कम पियो, तो आप वो भी करते हैं. एक रिपोर्ट कहती है कि फूल वाली पार्टी अच्छी है, तो आप एक और रिपोर्ट की बात लेकर आते हैं कि नहीं, मानव अंग वाली पार्टी अच्छी है. क्योंकि आप इस रिपोर्ट पर कम और उस रिपोर्ट पर ज़्यादा भरोसा करते हैं. रिपोर्ट बताती है ब्रेकअप से उबरने के नुस्ख़े, तो बात वो भी होती है. एक रिपोर्ट बताती है कि वशीकरण मंत्र बेचने वाले बंगाली पाशा 100 ग्राम गांजे के साथ धरा गए, तो आप वो भी मानते हैं.

ऐसे में धुआं छंट जाता है. और एक रिपोर्ट आती है 18 अगस्त की शाम को. कहती है कि कोरोना-शोरोना की जो बात अब नहीं कर रहे हो न, देख लो. बस जुलाई में ही 50 लाख लोगों की नौकरी जा चुकी है. लॉकडाउन की वजह से.

CMIE का डेटा है. सेंटर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी. CMIE के डेटा ने ये ख़ुलासा किया है. कहा है कि ये जो 50 लाख लोगों की नौकरी गयी है, वो तनखईया थे. यानी तयशुदा तनख़्वाह पर काम करते थे. 

यही नहीं. CMIE के मुताबिक़ अप्रैल 2020 में 1 करोड़, 77 लाख लोगों की नौकरी जा चुकी थी. 1 लाख लोगों की अगले महीने. फिर लगभग 39 लाख लोगों को नौकरी जून में मिली, लेकिन जुलाई में 50 लाख लोगों की नौकरी चली गयी. यानी अप्रैल से लेकर अब तक 1 करोड़ 89 लाख लोगों की नौकरी जा चुकी है.

Salaried job losses in Lockdown CMIE
हर महीने सैलरीड लोगों की जॉब जाने का आंकड़ा (CMIE)

भारत के सम्पूर्ण रोज़गार का 21 प्रतिशत इसी तनखईया नौकरी पर निर्भर करता है. और जो अप्रैल में देशभर में लोगों की नौकरी गयी, तनखईया लोगों की नौकरी जाने का प्रतिशत 15 प्रतिशत ही रहा. 

तो ये तो तनखईया लोगों की बात हो गयी. कुल मिलाकर क्या हुआ? अप्रैल में गयी 12.15 करोड़ लोगों की नौकरी. मई में गयी 10 करोड़ लोगों की. जून में गयी लगभग 3 करोड़ लोगों की, और जुलाई में गयी लगभग 1 करोड़ लोगों की नौकरी.

जुलाई 2020 तक हर महीने कुल कितने लोगों की नौकरी गयी (CMIE)
जुलाई 2020 तक हर महीने कुल कितने लोगों की नौकरी गयी (CMIE)

इन नौकरी जाने वालों में सबसे बड़ा हिस्सा था छोटे व्यापारियों, फेरीवालों और रोज़ाना की मज़दूरी पर काम करने वाले लोगों का.

इस रिपोर्ट के हवाले से बताएं तो लॉकडाउन के पीरियड में खेती करने वालों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है, लेकिन बहुत ज़्यादा नहीं. इन चार महीनों के अंतर में महज़ 1 करोड़ तेरह लाख लोग खेती की तरफ़ लौट सके हैं.

CMIE के मुताबिक़, लोगों की नौकरियां वापस तो आ रही हैं, नौकरी पर वापस लौट रहे लोगों का प्रतिशत बढ़ा तो ज़रूर है, लेकिन दिल्ली अभी दूर है. 

ख़ाकसार अंशुमान जी के साथ ‘अर्थात’ करता है. जुलाई में ही हम कह गुज़रे थे कि सरकार संभवत: बेरोज़गारी के आंकड़े छिपा रही है. एपिसोड नीचे चस्पा है. 


और थोड़ा मन हल्का करने के लिए देखिए इन तीन लड़कों की कहानी. (ये भी इसी बंदे का ही है)

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