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चीन कांच के अपने वो पुल क्यों बंद कर रहा है, जिसका विडियो देखकर ही कलेजा मुंह को आता था

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चीन की बनी चीजों में एक जिसके विडियो सोशल मीडिया पर बहुत चलते हैं, वो है कांच के पुल. खूब ऊंचाई पर बने. ऐसे पुल, जहां आप कांच पर चलते हैं और नीचे सैकड़ों फुट की गहराई दिखती है. कांच के ये पुल इंजिनियरिंग की मिसाल माने जा रहे थे. पर्यटकों के लिए बहुत बड़ा आकर्षण. मगर अब चीन के इन पुलों को लेकर ख़ुद चीन की राय बदल गई है. वहां कांच के पुल इस्तेमाल के लिए बंद किए जा रहे हैं. ऐसा हो रहा है हादसों के मद्देनज़र. बीते कुछ समय में कई दुर्घटनाएं हुई हैं. दो लोग मर भी चुके हैं. इन हादसों की वजह से कांच के बने इन स्ट्रक्चर्स को देखने आने वालों के लिए जोखिम पैदा हो गया था. चीन ने जब शुरू-शुरू में कांच के पुल और वॉकवे बनाए थे, तो ख़ूब प्रचार किया था इनका. लोगों को आश्वासन दिया गया था कि ये चीजें कांच की भले बनी हों, मगर पूरी तरह सुरक्षित हैं. बल्कि लोगों से कहा गया कि वो आकर हथौड़े से पुल में लगे कांच तोड़ने की कोशिश कर सकते हैं. इसी सिलसिले में एक कांच की पुल पर कार भी चलाई गई थी. चीन में ढाई हज़ार के करीब कांच के पुल हैं. बाकी कांच से बने वॉकवे और स्लाइड्स की गिनती अलग है.

क्या हुआ है?
चीन में एक प्रांत है- हबेई. पहाड़ों का इलाका है. इस प्रांत ने कांच से बने अपने 32 पुल, वॉकवेज़ और पहाड़ देखने के लिए बने ‘माउंटेन व्यूइंग प्लेटफॉर्म्स’ बंद कर दिए हैं. इनमें होंगयागु का मशहूर ग्लास ब्रिज भी शामिल है. कुछ समय पहले तक ये दुनिया का सबसे लंबा कांच से बना पुल हुआ करता था. कहते थे, इसपर जाना कमज़ोर दिल वालों के बस नहीं. न ही ऊंचाई से डरने वालों को यहां जाना चाहिए. कांच से बना ये पुल दो बेहद खड़ी ढलान वाली चट्टानों के बीच बना था.

बंद होने वाले पॉइंट्स में पूर्वी ताइहांग का ग्लासवॉक माउंटेन वॉकवे भी शामिल है. वॉकवे होता है गलियारे जैसा पतला रास्ता. नीचे खाई, ऊपर रास्ता. कांच का बना हुआ. सबकुछ आर-पार दिखता हुआ. ये वाला वॉकवे समझिए कि कुख्यात ही था. बहुत डरावना. इसके फर्श पर लगे कांच में स्पेशल इफेक्ट डाला गया था. उसके ऊपर खड़े होने से आभास होता कि कांच टूट गया. असल में नहीं टूटता था कांच, बस टूटता सा दिखता था. इतनी ऊंचाई पर अगर आपको पांव के नीचे का कांच टूटता दिखे, तो कलेजा मुंह को आ जाएगा.

हादसों की बात बताई थी ऊपर. एक ऐक्सिडेंट की बानगी देखिए. गुआंक्सी प्रांत की बात है. बारिश हुई थी. एक आदमी का पैर फिसला. वो बड़ी ज़ोर से रेलिंग में टकराया और नीचे गिर गया. सिर में लगी गहरी चोट से उसकी मौत हो गई. छह और लोग घायल हुए इस हादसे में.


इससे पहले जांगजियाजी में भी एक हादसा हुआ था. अगस्त 2016 में यहां दुनिया का सबसे ऊंचा, सबसे लंबा ग्लास वॉकवे शुरू किया था चीन ने. 430 मीटर लंबा. शुरू होने के 13 दिन बाद इसे कुछ दिन बंद करना पड़ा. क्योंकि जितने लोग इसे देखने आ रहे थे, उनका वज़न सहन करने की इसकी क्षमता नहीं थी. फिर इसे अपग्रेड किया गया. अब ये रोज़ाना आठ हज़ार लोगों का भार सह सकता है. मगर ये अपग्रेडेशन भी कम पड़ गया. क्योंकि इससे कई गुना ज़्यादा लोग देखने आते हैं इसे.


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