Submit your post

Follow Us

सहारनपुर: यहां महाराणा प्रताप और अंबेडकर के लिए दंगे होते हैं

सहारनपुर का शब्बीरपुर गांव, जहां एक की मौत हो गई. 16 लोग बुरी तरह ज़ख़्मी हो गए. और तकरीबन 25 घरों में आग लगा दी गई. ये सब शुक्रवार को ठाकुर और दलित कम्युनिटी के बीच उस वक़्त हुआ. जब महराणा प्रताप के लिए हो रहे एक कार्यक्रम को लेकर जुलूस निकाला जा रहा था. यानी महाराणा प्रताप के नाम पर दंगा हो गया.

ये लड़ाई शब्बीरपुर और उसके पास के गांव सिमलना के लोगों के बीच हुई. शब्बीरपुर दलित और सिमलना ठाकुर बहुल इलाका है. ये पहला मौका नहीं है, जब वहां इस तरह कार्यक्रम को लेकर लड़ाई हुई हो. इससे पहले दोनों कम्युनिटी के लोग अंबेडकर की मूर्ति रखने को लेकर भी भिड़ चुके हैं. अभी पिछले महीने ही सहारनपुर के गांव दुधली में अंबेडकर यात्रा को लेकर भी संघर्ष हुआ था.

[पढ़िए दूधली गांव का दंगा : अगर आज अम्बेडकर होते तो संविधान में अपने हाथ से संशोधन कर ये चीजें बैन कर देते ]

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ज़ख़्मी हुए सुमित राजपूत को नजदीकी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई. सहारनपुर रेंज के डीआईजी जितेंद्र कुमार शाही का कहना है, ‘ सुमित सिमलना गांव में हो रहे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहा था. मेडिकल रिपोर्ट में उसकी बॉडी पर चोट के निशान नहीं हैं, मौत की वजह दम घुटना है.’ सुमित राजपूत रसूलपुर गांव का रहने वाला था और सिमलना के कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया हुआ था.

ऐसा क्या हुआ, जो घरों में आग लगा दी गई?

बड़गांव थाना क्षेत्र का गांव है सिमलना. वहां महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर राजपूत कम्युनिटी ने प्रोग्राम रखा था. इस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए पड़ोस के गांव शब्बीरपुर से भी लोग जा रहे थे. वो लोग जुलूस की शक्ल में जा रहे थे. और तेज़ आवाज़ में म्यूजिक बजा रहे थे. बताया जा रहा है कि जब ये दलित बस्ती से गुज़रे तो दलितों ने आवाज़ कम करने को कहा. इस बात पर दोनों कम्युनिटी के लोगों में बहस हो गई. सहारनपुर के एसएसपी सुभाष चंद्रा का कहना है कि जुलूस बिना ऑफिशियल परमिशन के निकाला जा रहा था. पुलिस के मुताबिक शब्बीरपुर के प्रधान शिव कुमार और उसके भाइयों ने तेज़ म्यूजिक का विरोध किया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि शिव कुमार ने इस बारे में रामपुर एरिया के एसडीएम मनोज सिंह और स्थानीय पुलिस से शिकायत की. पुलिस और एसडीएम जब तक गांव पहुंचे तब तक झगड़ा शुरू हो गया था. दोनों तरफ से पत्थरबाज़ी हुई. पुलिस ने दोनों तरफ के लोगों को समझाकर शांत कराया.

देवबंद एरिया के सर्किल ऑफिसर नरेन्द्र सिंह राणा का कहना है कि तभी जुलूस में शामिल लोगों ने सिमलना गांव में झगड़े की सूचना दे दी. तकरीबन 300 ठाकुर डंडे और हथियार लेकर शब्बीरपुर गांव पहुंच गए. और दलितों से झगड़ा शुरू हो गया. पुलिस फ़ोर्स कम होने की वजह से मामला बिगड़ गया.

तनाव बढ़ने पर 2000 ठाकुरों ने शब्बीरपुर गांव में 25 घरों में आग लगा दी. पत्थरबाजी में कई लोग बुरी तरह ज़ख़्मी हो गए. हालात पर काबू करने के लिए और पुलिस फ़ोर्स शब्बीरपुर गांव आ रही थी, उसको ठाकुरों ने महेशपुर गांव में रोक दिया. रास्ते में वाहन खड़े कर दिए गए. फायर ब्रिगेड और पुलिस फ़ोर्स को गांव में पहुंचने में करीब दो घंटे लगे. तब तक आग से काफी नुकसान हो चुका था.

एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे का कहना है कि तोड़फोड़ और आगजनी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. इलाके में फोर्स की तैनाती कर दी गई है.

एसडीएम मनोज सिंह ने बताया कि शब्बीरपुर में ये झगड़ा दोनों पक्षों में तीन महीने से चला आ रहा है. जुलूस निकालने पर दलित कम्युनिटी का ऐतराज़ उसी घटना की कड़ी है.

दलितों के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज की गई हैं. इसमें मर्डर, मर्डर की कोशिश आदि आरोप शामिल हैं. फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. दलितों की तरफ से कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है.


ये भी पढ़िए :

यूपी के सबसे बड़े गैंगवार की कहानी, दस ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ बन जाए इसमें

कहानी उस कत्ल की, जिसने यूपी में माफियाराज स्थापित कर दिया

किस्सा महेंद्र सिंह भाटी के कत्ल का, जिसने UP की सियासत में अपराध घोल दिया

यूपी का वो आदमी जिसके कंधे पर बंदूक रख अखिलेश यादव हीरो बन गए

25 साल का डॉन जिसने CM की सुपारी ली थी

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

वाह! मिर्ज़ापुर वाले गुड्डू भैया एक और धांसू हॉलीवुड फिल्म में दिखेंगे

उनकी पिच्चर का पहला ट्रेलर भी आ गया है. आपने देखा?

यूपी : 17 साल की लड़की की बलात्कार के बाद हत्या की गयी, फिर तेज़ाब से चेहरा जला दिया गया!

भदोही का मामला, और सुनिए पुलिस क्या कह रही है.

प्रशांत भूषण मामले पर सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस कुरियन जोसेफ़ ने खरी-खरी बात कही

न्यायालय की अवमानना के दोषी ठहराए गए हैं प्रशांत भूषण.

अब कई तरह की सरकारी नौकरियों के लिए एक परीक्षा, एक नोडल एजेंसी

कॉमन एलिजिबिटी टेस्ट और नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी क्या है?

प्रभास के आने वाले धांसू प्रोजेक्ट 'आदिपुरुष' के लिए विलेन मिल गया है!

प्रभास की 'बाहुबली' में विलेन का अलग ही जलवा था.

भयानक ट्रोलिंग और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 'पवित्र रिश्ता' फंड से एकता कपूर ने दूरी बना ली

'पवित्र रिश्ता' फंड के पोस्टर पर सुशांत सिंह राजपूत की फोटो इस्तेमाल करने से लोग पीछे पड़ गए थे.

शख्स ने कार चढ़ाकर कुत्ते की जान ले ली, वीडियो वायरल होने पर दर्ज हुआ केस

मेनका गांधी ने भी इसे ट्वीट किया है.

अभय देओल को अपनी ही फिल्म 'रांझणा' में ऐसा क्या दिखा कि उसे पूरा गलत बता दिया

लिखा- इसके लिए इतिहास कभी माफ नहीं करेगा.

यूपी के आगरा में यात्रियों से भरी बस हाईजैक हो गई, पुलिस क्या कह रही है?

यात्री ने बताया क्या हुआ उनके साथ.

मेंटल हेल्थ अवेयरनेस के लिए सुशांत की फोटो का इस्तेमाल किया, फैन्स एकता कपूर पर फट पड़े

इस फंड का नाम एकता कपूर ने पवित्र रिश्ता फंड रखा है.