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पेरिस ओलंपिक्स में भारत से जुड़े बड़े विवाद, एक ने तो देश को शर्मसार कर दिया!

Paris Olympics 2024 में भारत ने कुल छह मेडल्स जीते. इस दौरान कुछ फैसले भारत के खिलाफ गए, नहीं तो ये संख्या और भी हो सकती थी. इन्हीं खेलों के दौरान अंतिम पंघाल ने ऐसा कुछ किया, जिस वजह से वो मुश्किलों फंस गई.

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विनेश फोगाट के साथ-साथ निशांत देव भी देश को मेडल दिलाने के करीब थे (फोटो: PTI)

पेरिस ओलंपिक्स 2024 (Paris Olympics 2024) खत्म हो चुका है. भारत का अभियान इस ओलंपिक्स में लगभग खत्म हो चुका है. छह मेडल के साथ. जिसमें एक सिल्वर और पांच कांसे शामिल हैं. हालांकि भारत के इन मेडल्स की संख्या थोड़ी और ज्यादा हो सकती थी, लेकिन कुछ विवादास्पद फैसलों और खेल के क्रूर नियम ने भारत के अभियान को महज छह मेडल पर रोक दिया.

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शुरुआत हुई बॉक्सर निशांत देव (Nishant Dev) से. जिनके खिलाफ रेफरी के दिए गए फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया. इसकी बाद के बारी आई खेल के एक क्रूर नियम की. जहां 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) से जीता हुआ मेडल वापस ले लिया गया.

विनेश का सिल्वर तो पक्का था ही, वह गोल्ड मेडल भी जीत सकती थीं. ये तो बात मेडल से जुड़े विवाद की हुई. इसके अलावा पेरिस में एक ऐसा वाकया भी हुआ, जिसने भारतीय खेमे और खेल को शर्मिंदा कर दिया. रेसलर अंतिम पंघाल की एक हरकत ने. जिसके बाद उन्हें पेरिस छोड़कर इंडिया आना पड़ा. आइये भारतीय खेमे से जुड़े इन्हीं विवादों के बारे में विस्तार से जानते हैं.

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# निशांत देव के साथ 'बेईमानी

युवा भारतीय बॉक्सर निशांत देव पेरिस ओलंपिक्स में मेडल जीतने के काफी करीब पहुंच गए थे. उन्होंने प्री-क्वॉर्टर फाइनल मुकाबले में अच्छी जीत भी हासिल की थी. वो मेडल से बस एक जीत दूर थे. उन्हें बस अपना क्वॉर्टर फाइनल मुकाबला जीतना था. निशांत ने क्वॉर्टर-फाइनल का पहला राउंड बड़ी आसानी से जीत भी लिया.

लेकिन दूसरे राउंड से दिक्कत शुरू हो गई. निशांत ने इस राउंड में भी बढ़िया मुक्के मारे. बावजूद इसके इस राउंड में मेक्सिकन बॉक्सर को 3-2 से जीत दे दी गई. वहीं अगले राउंड में तो सारे जजेज़ ने मेक्सिकन बॉक्सर को 10-10 पॉइंट्स दे दिए. मेंस 71Kg कैटेगरी में निशांत को 4-1 से हार मिली. इस हार के बाद स्कोरिंग सिस्टम को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

ये भी पढ़ें: Vinesh Phogat की अपील पर सुनवाई पूरी, हरीश साल्वे ने रखीं दलीलें, फैसला कब आएगा?

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# विनेश पर क्रूर नियम पड़ा भारी

अब बात करते हैं पेरिस ओलंपिक्स के शायद सबसे बड़े विवाद की. 100g वजन ज्यादा होने की वजह से रेसलर विनेश फोगाट और भारत के हाथ से जीता हुआ मेडल छीन लिया गया. बुधवार, 7 अगस्त को विनेश, फाइनल की तैयारी कर रही थी. पूरा देश गोल्ड मेडल का इंतजार कर रहा था. लेकिन मैच से कुछ घंटों पहले ख़बर आई कि विनेश फोगाट डिस्कॉलिफाई हो गई हैं. तय मानकों से कुछ ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण.

इसको लेकर खूब बवाल मचा. यहां तक  कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया भी सामने आई. पीएम मोदी ने इंडियन ओलंपिक्स असोसिएशन (IOA) से इस मामले पर सख्त आपत्ति दर्ज कराने को कहा. विनेश फोगाट ने इस फैसले के खिलाफ कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में दलील दी. 9 अगस्त को पेरिस में इस मामले में तीन घंटे तक सुनवाई चली.

# अंतिम पंघाल से नहीं थी ऐसी उम्मीद

फिर बारी आई रेसलर अंतिम पंघाल की. जिनका नाम पेरिस ओलंपिक्स के दौरान काफी चर्चा में रहा.  Paris Olympics के 53Kg कैटेगरी में उतरीं अंतिम पंघाल से मेडल की काफी उम्मीदें थी. लेकिन वो अपना पहला मैच ही हार गई. अंतिम के रिजल्ट से देश को निराशा तो हुई, लेकिन खेल में होने वाली हार-जीत को सोचकर लोग खुद को तसल्ली देने लगे. लेकिन इस मैच के बाद अंतिम ने कुछ ऐसा किया, जिसके बारे में सुनकर हर कोई सन्न रह गया. अंतिम ऐसी हरकत कर बैठी, जैसा स्कूल और कॉलेज के दिनों में किया जाता है.

अंतिम पर आरोप लगा कि उन्होंने 'गलत तरीके' से अपनी बहन को खेलगांव में 'स्मगल' किया. सिक्योरिटी अधिकारियों ने अंतिम की बहन निशा पंघाल को कैंपस में घुसने के लिए गलत तरीके से एक्रेडिटेशन कार्ड इस्तेमाल करते हुए पकड़ा था. निशा को पेरिस पुलिस ने उनके अपराध के लिए कुछ वक्त के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के हस्तक्षेप पर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया. इस घटना के बाद IOA ने अंतिम को अपने कोच, भाई और बहन के साथ पेरिस छोड़ने का निर्देश दे दिया. इस पूरे मामले पर अंतिम पंघाल की सफाई सामने आई. उनके मुताबिक तबियत खराब होने की वजह से वो कोच से परमिशन लेकर होटल चली गई थीं. जहां उनकी बहन ठहरी थीं. अंतिम के मुताबिक वो अपना कुछ समान ओलंपिक विलेज में भूल गई थीं, उसी को लाने के लिए अंतिम ने अपना एक्रिडिटेशन कार्ड बहन को दिया था.

वीडियो: पहलवान अंतिम पंघाल को ओलंपिक से क्यों किया गया बाहर?

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