The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • Paris Olympics 2024 Vinesh Phogat's plea against her Olympic disqualification lasted three hours Harish Salve

Vinesh Phogat की अपील पर सुनवाई पूरी, हरीश साल्वे ने रखीं दलीलें, फैसला कब आएगा?

Paris Olympics 2024: विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) की अपील पर सुनवाई पूरी हो गई है. अब कोर्ट ऑफ आर्ब्रिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) का फैसला आएगा. सुनवाई में वरिष्ठ वकील Harish Salve ने क्या दलीलें रखीं?

Advertisement
pic
10 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 10 अगस्त 2024, 03:25 PM IST)
vinesh phogat paris olympics Court of Arbitration for Sport
विनेश फोगाट के मामले में (CAS) में सुनवाई पूरी हो चुकी है. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) मामले में कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में सुनवाई पूरी हो गई है. CAS के एडहॉक डिवीजन के अध्यक्ष ने मामले की सुनवाई कर रहे पैनल को 10 अगस्त की शाम 6 बजे तक फैसला सुनाने का आदेश दिया है. यानी भारतीय समयानुसार 9.30 बजे तक इस मामले में फैसला आ सकता है. 9 अगस्त को पेरिस में इस मामले में तीन घंटे तक सुनवाई चली. विनेश फोगाट वर्चुअल रूप से इस सुनवाई में उपस्थित रहीं. और अपना पक्ष कोर्ट के सामने रखा, उनकी तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और विदुष्पत सिंघानिया ने दलीलें रखीं. विनेश को पेरिस ओलंपिक्स में महिला कुश्ती के 50 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले से पहले अयोग्य ठहरा दिया गया था. जिसके खिलाफ उन्होंने CAS में अपील की थी. CAS एक स्वतंत्र संस्था है. यह खेल जगत में हुए किसी भी विवाद के निपटारे के लिए काम करती है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, विनेश फोगाट को फाइनल की सुबह 100 ग्राम वजन अधिक होने की वजह से अयोग्य ठहराया गया था. उनकी जगह फाइनल में क्यूबा की रेसलर युस्नेलिस गुजमान लोपेज को मौका मिला. जिनको विनेश ने सेमीफाइनल में हराया था. विनेश ने अपनी अपील में लोपेज के साथ संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल दिए जाने की मांग की है.

वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और विदुष्पत सिंघानिया ने कोर्ट में विनेश का पक्ष रखा. ये दोनों पहले भी कई एथलीटों का केस लड़ चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया की डॉ एनाबेले बेनेट इस केस में आर्बिट्रेटर (मध्यस्थ) की भूमिका में हैं.

विनेश फोगाट के वकीलों ने क्या तर्क दिया?

विनेश फोगाट के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि इवेंट के पहले दिन यानी 5 अगस्त को विनेश का वजन निर्धारित सीमा से कम था. लेकिन 6 अगस्त की शाम को शरीर की नेचुरल रिकवरी प्रक्रिया के चलते विनेश का वजन बढ़ गया. उन्होंने आगे बताया कि वजन केवल रिकवरी के चलते बढ़ा. इसमें विनेश ने कोई धोखाधड़ी नहीं की है. और अपने शरीर की देखभाल करना हर एथलीट का मौलिक अधिकार है.

IOA को सकारात्मक समाधान की उम्मीद
कोर्ट में सुनवाई के बाद भारतीय ओलंपिक्स संघ (IOA) ने 9 अगस्त को एक बयान जारी कर कहा कि उसे मामले में सकारात्मक समाधान की उम्मीद है. इस केस में विनेश का पक्ष रखने के लिए  IOA ने हरीश साल्वे और विदुष्पत सिंघानिया को धन्यवाद दिया.

IOA ने आगे बताया कि इस केस की सोल आर्बिट्रेटर (मध्यस्थ) डॉ एनाबेले बेनेट ने लगभग तीन घंटे तक सभी पक्षों की दलीलों को सुना. और सुनवाई से पहले सभी पक्षों को अपनी विस्तृत कानूनी दलील दाखिल करने का मौका दिया. डॉ बेनेट ने सुनवाई पूरी होने के बाद संकेत दिया कि आदेश का ऑपरेशनल हिस्सा जल्द ही आ सकता है. और बाद में कारणों के साथ डिटेल्ड डिसीजन आएगा.

ये भी पढ़ें:- विनेश के गिरने पर खुश हो रहे 'गिद्धों' के नाम एक खत- "वो कल फिर उठेगी, तुम देखते रहोगे"

IOA की चीफ पीटी उषा ने कहा कि इस मामले का चाहे जो भी नतीजा हो IOA विनेश फोगाट का सपोर्ट करना जारी रखेगा. उन्होंने आगे कहा कि हमें उनके शानदार करियर और कुश्ती के मैदान में उनकी अनगिनत उपलब्धियों पर गर्व है.

वीडियो: विनेश फोगाट अदालत पहुंचीं, सिल्वर मेडल की कितनी संभावना?

Advertisement

Advertisement

()