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'देश के सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री', राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला

पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी को भारत का 'सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री' बताते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने का आरोप लगाया है.

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राहुल गांधी ने पीएम मोदी को युवा विरोधी करार दिया है. (इंडिया टुडे)

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  • कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जुलाई को संसद मार्च आयोजित किया, जिसमें छात्रों की बड़ी संख्या ने भाग लिया।
  • पेपर लीक विवाद के कारण देशभर में 152 क्वेश्चन पेपर लीक हुए, जिससे लगभग 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए और सरकार पर इसमें जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई न होने का आरोप लगा।
  • संसद मार्च के बाद CJP ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर तीन प्रमुख मांगे रखीं, जिनमें शिक्षा मंत्री को हटाना और पेपर लीक प्रभावित परिवारों को मुआवजा देना शामिल है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने NEET-UG पेपर लीक मुद्दे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया था. इस मार्च में भारी संख्या में छात्र शामिल हुए. लेकिन ये विरोध प्रदर्शन कई जगह हिंसक हो गया. पुलिस ने मार्च कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसको लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने नरेंद्र मोदी को देश का ‘सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री’ करार दिया है.

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देश भर में लीक हुए 152 क्वेश्चन पेपर!

राहुल गांधी ने दावा किया कि देशभर में 152 क्वेश्चन पेपर लीक हुए हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि इतने बड़े संकट के बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है. 

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राहुल गांधी ने एक्स पर एक वीडियो मैसेज जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, 

प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं. इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते. 152 पेपर लीक. 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित और सज़ा एक दोषी को भी नहीं. सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को. और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत. लीक करने वाले अपराधी आज़ाद और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं. यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही उन पर टूट पड़ी है.

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सिर्फ युवाओं को निराश नहीं कर रही, बल्कि उनके विरोध को भी बलपूर्वक दबाने की कोशिश कर रही है. 

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लोकसभा में नेता विपक्ष का ये कॉमेंट उस दिन आया, जब CJP के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस ने लाठियां बरसाईं. नीट पेपर लीक और एग्जाम सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर दो महीने पहले बनी कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित 'संसद चलो' मार्च को पुलिस ने संसद मार्ग के पास रोक दिया.

ये भी पढ़ें - 'मोदी पेपर लीक रोक नहीं पा रहे हैं या रोकना नहीं चाहते' राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

जेपी नड्डा से मिला CJP का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने 20 जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने जेपी नड्डा को एक लिखित ज्ञापन दिया, जिसमें तीन प्रमुख मांगे रखी गई हैं.

सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग : पार्टी ने सबसे पहले सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को अस्पताल से तुरंत रिहा करने की मांग की.

धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग :  CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाने की मांग रखी है.

NEET UG 2026 पेपर लीक पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग : CJP के नेताओं ने NEET UG 2026 पेपर लीक के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की. पार्टी का कहना है कि पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. ऐसे मामलों में सरकार की जिम्मेदारी तय करते हुए जरूरी एक्शन लिए जाने चाहिए.

वीडियो: राजधानी: सोनम वांगचुक पर राहुल गांधी ने क्या फैसला लिया?

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