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विजयवर्गीय जी आपका 'काबिल' पाकिस्तान जा रहा है और 'रईस' यहीं बैठा है

मरयम औरंगज़ेब जी की मेहरबानी से.

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फोटो - thelallantop

|| जो #Raees देश का नहीं, वो किसी काम का नहीं ||

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-  कैलाश विजयवर्गीय 'जी'

पॉलिटिशियन कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक 'रईस' ( पढ़ें शाहरुख खान / या उनकी फिल्म)  किसी काम का नहीं है. क्योंकि वो एक 'समुदाय विशेष' से आता है (कैलाश जी या उनकी पार्टी कभी सीधे नाम नहीं लेती. “…” से काम चलाती है). उनके लोग रईस  से कई बार कह भी चुके हैं कि वो पाकिस्तान चला जाए. क्योंकि वो बेईमान है, 'काबिल' (पढ़ें ऋतिक रोशन / या उनकी फिल्म)  का हक छीन लेता है. लेकिन हुआ इसके ठीक उलट. रईस  का तो पता नहीं लेकिन काबिल  ज़रूर पाकिस्तान जा रहा है. खास कैलाश जी के लिए एक ट्रिविया ये भी जोड़ दें कि 'काबिल' को पाकिस्तान पहुंचने में जिस शख्स ने मदद की है, उसका नाम है - औरंगज़ेब. मरयम औरंगज़ेब. https://twitter.com/KailashOnline/status/822832221794877440?ref_src=twsrc%5Etfw हिंदुस्तान और पाकिस्तान में जो ढेर सारी समानताएं हैं, उनमें एक ये भी है कि दोनों जगह देशभक्ति का सारा दारोमदार फिल्मों और फिल्म कलाकारों पर है. इसलिए सीमा पर कोई फसाद हो जाए तो ये ज़रूरी हो जाता है कि बॉलीवुड के डायरेक्टर पाकिस्तानी कलाकारों को अपनी फिल्मों में न लेने का ऐलान करें. कि पाकिस्तान के सिनेमा हॉल हिंदुस्तानी फिल्मों को नहीं दिखाएं. इसे उस वक्त इन देशों की जनता की कलेक्टिव कॉन्शियंस के लिए सबसे ज़रूरी समझा गया. इसलिए पिछले चार महीनों से पाकिस्तान में कोई भारतीय फिल्म रिलीज़ नहीं हुई थी.

काबिल की 'रवानगी'  

लेकिन कुछ तो वजह ये कि देशभक्ति का बुखार अब कम हुआ है, और कुछ वजह ये कि धंधे की मजबूरी है, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक कमिटी बनाई. चूंकि पाकिस्तान में सिनेमा हॉल ज़्यादातर कमाई बॉलीवुड फिल्मों के ज़रिए करते हैं, बैन से उनका बहुत नुकसान हो रहा था. इस कमिटी को रपट बनाकर देनी थी कि हिंदुस्तानी फिल्मों को पाकिस्तान में रिलीज़ होने दें कि नहीं? कमिटी की चीफ थीं पाकिस्तान की सूचना राज्यमंत्री मरयम औरंगज़ेब. कमिटी ने कहा कि बैन को वापस ले लिया जाए. इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने 'काबिल' के रिलीज़ के लिए एनओसी दे दिया. अब 'काबिल' को पाकिस्तान के सेंट्रल सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से क्लियरेंस सर्टिफिकेट की दरकार है, जिसके मिलते ही इस शुक्रवार को फिल्म रिलीज़ कर दी जाएगी. पाकिस्तान में 'काबिल' के प्रदर्शन अधिकार 'हम फिल्मस्' के पास हैं. मज़े की बात है कि इसी कम्पनी के पास ही शाहरुख की फिल्म 'रईस' के प्रदर्शन अधिकार भी हैं. हम फिल्मस् 'रईस' को भी एनओसी मिलने का इंतज़ार कर रही है.

काबिल की 'वापसी'

'काबिल' के लिए कल का दिन बढ़िया रहा. पाकिस्तान से अच्छी खबर के आसार बने सो बने, इधर हिंदुस्तान में भी फिल्म ने एक मज़बूत वापसी की. 'काबिल', 'रईस' के मुकाबले कुछ कम स्क्रीन्स पर रिलीज़ हुई फिर भी मुकाबला टक्कर का था. लेकिन पहले दिन के कलेक्शन में मामला एकतरफा दिखने लगा. 'रईस' ने पहले दिन 20 करोड़ से ऊपर का कारोबार किया लेकिन 'काबिल' का ओपनिंग कलेक्शन इससे आधा रहा - करीब 10.5 करोड़. फिर संजय गुप्ता के सधे हुए निर्देशन में ऋतिक और रोनित रॉय के दमदार अभिनय ने अपना असर दिखाया और 26 जनवरी को फिल्म ने पहले दिन से 80 फीसदी ज़्यादा कारोबार किया. फिल्म आम दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों को पसंद आई. ये भी कहा गया कि 'काबिल', 'रईस' से बेहतर है. बावजूद इसके 26 जनवरी को 'रईस' का कलेक्शन और ऊपर गया और 26.30 करोड़ के साथ 'रईस' 26 जनवरी के दिन अब तक की सबसे ज़्यादा करोबार करने वाली फिल्म बन गई. कैलाश जी के दिल पर क्या बीत रही है, मालूम नहीं लेकिन लोग खुश होंगे. पाकिस्तान दोबारा फिल्मों को खालिस फिल्मों की तरह देखने की ओर लौट रहा है और दो फिल्में अपनी-अपनी खूबियों के दम पर एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं.  
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