मगर इससे भी खास बात ये कि पुजारा ने यहां 5000 रनों का निशान पार किया और इसके लिए 108 टेस्ट पारियां लीं. क्या आपको पता है राहुल द्रविड़ ने भी इतनी ही पारियों में ये निशान पार किया था. यही नहीं, इसको महज एक अद्भुत संयोग मानें या नहीं कि राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा ने अपने 3000 और 4000 टेस्ट रन पूरे करने में भी बराबर पारियां ही लीं हैं. दोनों ने 3000 टेस्ट रन 67 पारियों और 4000 रन 84 पारियों में पूरे किए हैं. बस पुजारा को इस बात के लिए घेरा जाता रहा है कि वो विदेशी दौरों पर चल नहीं पाते हैं. ये सच भी है. मगर इस साल विदेशी दौरे पर ये पुजारा का दूसरा शतक है. बीते इंग्लैंड दौरे पर पुजारा ने साउथैंप्टन में शतक लगाया था. पुजारा ने एडिलेड टेस्ट के पहले दिन 123 रनों की पारी खेलकर इंडिया को इस मैच में फाइट मारने का मौका दिया है. 40 डिग्री तापमान में एक जुझारू पारी खेली जिसे वो खुद अपने बेस्ट 5 पारियों में गिन रहे हैं. उम्मीद है पुजारा आगे भी अपने इस रिकॉर्ड को द्रविड़ के समानांतर चलाते रहेंगे ताकि मुश्किल परिस्थितियों में इंडियन बैटिंग को मजबूती मिलती रहे.द्रविड़ और पुजारा चाहे दो क्रिकेटर हों मगर एक अद्भुत संयोग उन्हें एक बना रहा है
द्रविड़ को अपने दिन याद आ गए होंगे.
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123 रनों की पारी से पुजारा में द्रविड़ के दर्शन हुए.
टीम इंडिया से जब राहुल द्रविड़ अलविदा ले रहे थे, चेतेश्वर पुजारा अपनी जगह बना चुके थे. कारण- पुजारा में लोगों ने द्रविड़ को देखा. वही अनुशासन, धैर्य और क्लास. घंटों क्रीज पर डटकर बॉलिंग अटैक का समना करने के लिए पुजारा में वो हर स्किल थी जो उन्हें टीम इंडिया का अगला राहुल द्रविड़ बना रही थी. पुजारा ने जिस मैदान पर सीरीज के पहले ही मैच में पहले ही दिन 123 रनों की पारी खेली, उस मैदान पर राहुल द्रविड़ 2003 में इंडिया का टेस्ट मैच जिता चुके हैं. पहली पारी में 233 और दूसरी में 76 रनों की पारियों के साथ द्रविड़ ने कंगारुओं को उन्हीं के अंदाज में जवाब दिया था. वो एक टेस्ट इंडिया के हमेशा खास रहेगा क्योंकि इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के घर में बेहद कम मौकों पर जीत हासिल की है. यहां पुजारा भी एक बार फिर वही करते दिख रहे हैं जो द्रविड़ ने किया है.
मगर इससे भी खास बात ये कि पुजारा ने यहां 5000 रनों का निशान पार किया और इसके लिए 108 टेस्ट पारियां लीं. क्या आपको पता है राहुल द्रविड़ ने भी इतनी ही पारियों में ये निशान पार किया था. यही नहीं, इसको महज एक अद्भुत संयोग मानें या नहीं कि राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा ने अपने 3000 और 4000 टेस्ट रन पूरे करने में भी बराबर पारियां ही लीं हैं. दोनों ने 3000 टेस्ट रन 67 पारियों और 4000 रन 84 पारियों में पूरे किए हैं. बस पुजारा को इस बात के लिए घेरा जाता रहा है कि वो विदेशी दौरों पर चल नहीं पाते हैं. ये सच भी है. मगर इस साल विदेशी दौरे पर ये पुजारा का दूसरा शतक है. बीते इंग्लैंड दौरे पर पुजारा ने साउथैंप्टन में शतक लगाया था. पुजारा ने एडिलेड टेस्ट के पहले दिन 123 रनों की पारी खेलकर इंडिया को इस मैच में फाइट मारने का मौका दिया है. 40 डिग्री तापमान में एक जुझारू पारी खेली जिसे वो खुद अपने बेस्ट 5 पारियों में गिन रहे हैं. उम्मीद है पुजारा आगे भी अपने इस रिकॉर्ड को द्रविड़ के समानांतर चलाते रहेंगे ताकि मुश्किल परिस्थितियों में इंडियन बैटिंग को मजबूती मिलती रहे.
मगर इससे भी खास बात ये कि पुजारा ने यहां 5000 रनों का निशान पार किया और इसके लिए 108 टेस्ट पारियां लीं. क्या आपको पता है राहुल द्रविड़ ने भी इतनी ही पारियों में ये निशान पार किया था. यही नहीं, इसको महज एक अद्भुत संयोग मानें या नहीं कि राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा ने अपने 3000 और 4000 टेस्ट रन पूरे करने में भी बराबर पारियां ही लीं हैं. दोनों ने 3000 टेस्ट रन 67 पारियों और 4000 रन 84 पारियों में पूरे किए हैं. बस पुजारा को इस बात के लिए घेरा जाता रहा है कि वो विदेशी दौरों पर चल नहीं पाते हैं. ये सच भी है. मगर इस साल विदेशी दौरे पर ये पुजारा का दूसरा शतक है. बीते इंग्लैंड दौरे पर पुजारा ने साउथैंप्टन में शतक लगाया था. पुजारा ने एडिलेड टेस्ट के पहले दिन 123 रनों की पारी खेलकर इंडिया को इस मैच में फाइट मारने का मौका दिया है. 40 डिग्री तापमान में एक जुझारू पारी खेली जिसे वो खुद अपने बेस्ट 5 पारियों में गिन रहे हैं. उम्मीद है पुजारा आगे भी अपने इस रिकॉर्ड को द्रविड़ के समानांतर चलाते रहेंगे ताकि मुश्किल परिस्थितियों में इंडियन बैटिंग को मजबूती मिलती रहे.Add Lallantop as a Trusted Source

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