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'नेतन्याहू के फोन ने खेल बिगाड़ा', ईरान के दावे पर इजरायली PM बोले- 'हां जेडी वेंस ने मुझे... '

Netanyahu on Islamabad Talks: इस्लामाबाद में बातचीत फेल होने के बाद ईरान ने आरोप लगाया कि मीटिंग के बीच बेंजामिन नेतन्याहू का कॉल आया, जिसके बाद बातचीत की दिशा बदल गई. अब नेतन्याहू ने इस पर बयान दिया है.

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नेतन्याहू ने बताया कि ट्रंप प्रशासन उन्हें रोज ब्रीफ करती है. (तस्वीर-इंडिया टुडे)

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया है कि उन्हें ट्रंप प्रशासन की ओर से ‘डेली रिपोर्ट’ मिलती है. ईरान के साथ नेगोशिएशन की हर डिटेल उन तक पहुंचाई जाती है. ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ के दौरान भी अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस उनसे लगातार संपर्क में थे. जिसे लेकर ईरान ने आरोप भी लगाया कि नेतन्याहू के कॉल के बाद ‘पीस डील’ की बातचीत पटरी से उतर गई. जबकि वॉशिंगटन ने कॉल वाली बात न तो रिजेक्ट की और न ही कंफर्म की. 

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बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि जब अमेरिकी डेलीगेशन इस्लामाबाद से अमेरिका रवाना हुआ, तब प्लेन में ही उनकी बात हुई थी. एक पोस्ट में लिखा, 

‘मेरी कल ही उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बात हुई. इस्लामाबाद से लौटते वक़्त उन्होंने मुझे फ़ोन किया और बताया कि डील फेल हो गई है. वैसे, प्रशासन का ये डेली रूटीन है कि वो मुझे ईरान के साथ बातचीत के बारे में बताते रहते हैं.’ 

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बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि इस्लामाबाद की बातचीत ईरान की वजह से फेल हो गई. ईरान ने सीजफायर की बात पर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खोलने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ. इसी वजह से अमेरिका नाराज़ है और अब होर्मुज और अरब खाड़ी में नाकाबंदी करना चाहता है. उन्होंने कहा कि हमेशा की तरह इजरायल अमेरिका के साथ है. ये कहते हुए उन्होंने उन अफवाहों पर रोक लगाई जिनमें ये कहा गया है कि अमेरिका और इजरायल ‘सेम पेज’ पर नहीं हैं.

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बीच मीटिंग में आया नेतनयाहू का 'कॉल'

शनिवार, 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बैठक के बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि मीटिंग के बीच में बेंजामिन नेतन्याहू ने जेडी वेंस को कॉल किया था. इस एक फोन कॉल ने बातचीत को पटरी से उतार दिया और बिना किसी समझौते के ही दोनों टीमें अपने-अपने देश वापस लौट गईं. 

अमेरिका का कहना है कि उसका सबसे बड़ा मुद्दा है ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकना. ईरान ने अमेरिका को अपना न्यूक्लियर एनरिचमेंट प्रोग्राम रोकने या परमाणु हथियार न बनाने को लेकर कोई ठोस कमिटमेंट नहीं दिया. इसी बात पर आकर डील रुकी हुई है.

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