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बीजेपी नेता के घर में मिले बम-बंदूक नेताओं की गिरती छवि के लिए गुरुत्वाकर्षण हैं

अगर ये हम सब के लिए बहुत 'नॉर्मल सी बात' है तो हम सबसे शांत लेकिन सबसे खतरनाक दौर में जी रहे हैं.

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फोटो - thelallantop
भारत देश चुनावों का देश है. इतना कि मध्य प्रदेश में अभी जनता को विधानसभा चुनावों से फुरसत मिली ही थी कि लोकसभा चुनावों की सुगबुगाहट शुरू हो गई. और वो सब भी शुरू हो गया जो हमेशा से होता आया है. जो होना नहीं चाहिए लेकिन होता आया है. इस हद तक कि अब ये सब अख़बारों में भी कहीं अंदर के पन्नों में विज्ञापन के बीच बची हुई जगह में पढ़ने में आता है. जैसे -
# 'अलानी' जगह में पैसे देकर वोट खरीदे गए.
# 'फलानी' जगह में शराब बांटी गई.
# 'ढिमका' जगह में नेता के घर से असलहा-बारूद मिला.
तो अबकी बार भी कुछ नया नहीं हुआ. बस ढिमका की जगह 'मध्यप्रदेश का बड़वानी जिला' लिख दें और कुछ अधिक स्पेसिफिक होकर जानकारियां दे-दें तो खबर पूरी हो जाती है. -
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा में पुलिस ने एक मकान में छापा मारकर बड़ी मात्रा में हथियार और हथगोले बरामद किए हैं. छापा 'निगरानीशुदा बदमाश' संजय यादव के घर पर मारा गया.
जो कुछ मिला वो तस्वीर में है, और जो नहीं मिला उसका नाम है - संजय यादव. क्यूंकि वो फरार है. तस्वीर में क्या है - 10 पिस्टल (9 एमएम की 6 पिस्टल, 32 बोर की दो पिस्टल और 7.62 एमएम की दो पिस्टल),  17 देशी बम और 111 कारतूस.
अब इस छापे को मार लिए जाने के बाद पुलिस ने जो करना था वही किया. चूंकि आरोपी फरार है तो उस पर आर्म्स एक्ट एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
न जी ये युद्ध लड़ने जा रही सेना का साजो सामान नहीं है. न जी ये युद्ध लड़ने जा रही सेना का साजो सामान नहीं है.

संजय की हिस्ट्री की बात करें तो वो एक हिस्ट्रीशीटर है. उसपर पहले भी कई आरोप दर्ज़ हो चुके हैं. दुखद बात ये है कि संजय यादव एक बड़ी राष्ट्रीय पार्टी का नेता बताया जा रहा है. बीजेपी का. और जैसा कि हमने पहले भी कहा कि हमको आए दिन ऐसी खबरें अख़बारों के अंदर के पन्ने में मिलती हैं. वो भी केवल वो खबरें जो अखबारों तक पहुंच पाती हैं. वरना तो हमें पता ही है - Many a slip, between cup and a lip.
अब यही लगा लीजिए कि भोपाल में आज तक के रिपोर्टर (जिन्होंने हमें ये खबर और तस्वीर उपलब्ध कराई है) रविश पाल सिंह के अनुसार आचार संहिता लागू होने के बाद से मध्यप्रदेश में 25 मार्च तक ही बड़ी मात्रा में अवैध शराब और हथियार बरामद हो चुके थे - कुल मिलाकर 7.60 करोड़ रुपए की अवैध शराब, नकदी और मादक पदार्थ समेत ढेरों वाहन और हथियार.
यानी देश ठीक वैसे ही चल रहा है जैसे चलता आ रहा था. सब सामान्य है. हाल-चाल ठीक ठाक है.

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