The Lallantop

Uber ड्राइवर की जिद की वजह से हाईवे पर लड़की की मौत, अब परिवार को ₹382 करोड़ मिलेंगे

कैलिफोर्निया में एक 23 साल की लड़की की 2023 में मौत हो गई थी. आरोप था कि Uber ड्राइवर ने उसे बीच रास्ते छोड़ा, जिसके बाद उसकी एक गाड़ी से टक्कर हो गई.

Advertisement
post-main-image
ड्राइवर ने महिला और उसकी दोस्त को हाईवे पर उतार दिया था. (कर्टसी-इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • अमेरिका की राइडशेयर कंपनी Uber को जज रिचर्ड स्टोन ने आदेश दिया है कि वह 40 मिलियन डॉलर एमिली नॉर्मैंडिन-पार्कर की मौत के मामले में उसके परिवार को भुगतान करे।
  • एमिली और उसकी दोस्त को Uber ड्राइवर वू ट्रान ने हाईवे के किनारे गाड़ी रोककर कार से बाहर निकलने के लिए मजबूर किया, जिसके बाद दूसरी गाड़ी की टक्कर से एमिली की मृत्यु हुई।
  • Uber ने फैसले को गलत बताया और कहा कि ड्राइवर स्वतंत्र ठेकेदार था, वहीं कंपनी ने सुरक्षा सुधार किए हैं, जबकि परिवार ने इससे पहले 1 करोड़ डॉलर की पेशकश ठुकराई थी।

अमेरिका में राइडशेयर कंपनी (Uber) एक महिला के परिवार को 40 मिलियन डॉलर (लगभग 382 करोड़ रुपये) देगी. आरोप है कि Uber ड्राइवर वू ट्रान, महिला को बीच रास्ते छोड़कर चला गया था. जब वह अपनी दोस्त के साथ कैलिफोर्निया हाईवे पर थी, तभी दूसरी गाड़ी उसे टक्कर मारकर चली गई. इससे महिला की मौत हो गई. 

Advertisement

23 साल की मृतक का नाम एमिली नॉर्मैंडिन-पार्कर है. वो लॉस एंजिल्स की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से ग्रेजुएट थीं. 2023 में उन्होंने अपनी दोस्त के साथ घर जाने के लिए Uber बुक की थी. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, रास्ते में उनकी दोस्त की तबीयत खराब हो गई और उसने कार में उल्टी कर दी.

मृतक के परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद ड्राइवर वू ट्रान ने हाईवे के किनारे गाड़ी रोकी. उन दोनों को कार से बाहर निकलने पर मजबूर किया. जब वो बाहर निकलीं तो दूसरी गाड़ी एमिली को टक्कर मारकर निकल गई, जिससे उनकी मौत हो गई.

Advertisement

बेटी के बारे में माता-पिता ने एक बयान में कहा,

“एमिली ने खुद गाड़ी न चलाने का फैसला लिया था. हमें भरोसा था कि Uber उसे सुरक्षित घर पहुंचाएगी.”

आगे उन्होंने दुख जताते हुए कहा, "इसी भरोसे की वजह से हमारी बेटी को अपनी जान गंवानी पड़ी."

Advertisement
मृतक से क्लीनिंग फीस वसूलने का आरोप

परिवार की तरफ से केस लड़ रही लॉ फर्म ने बताया कि पांच दिन की मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) प्रक्रिया के बाद जज रिचर्ड स्टोन ने Uber को एमिली के माता-पिता को पैसे देने का आदेश दिया है.

आर्बिट्रेशन, कोर्ट के बाहर किसी योग्य मध्यस्थ (इस मामले में एक रिटायर्ड जज) के जरिए विवाद सुलझाने का एक वैकल्पिक तरीका है.

परिवार की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि हाईवे पर महिलाओं को उतारने के बाद ड्राइवर ने उनकी मदद के लिए कोई कॉल नहीं किया. आरोप है कि उसने गाड़ी रोकी और Uber को फोन करके एमिली से क्लीनिंग फीस वसूलने की मांग की.

जज स्टोन ने कहा कि ड्राइवर ने अपने यात्रियों की तुलना में अपनी नई कार की ज्यादा चिंता की. वह एग्जिट लेकर महिलाओं को किसी सुरक्षित जगह पर उतार सकता था.

Uber ने अपने पक्ष में क्या कहा?  

वहीं, Uber ने दलील दी कि ड्राइवर एक इंडिपेंडेंट कॉन्ट्रैक्टर था. कंपनी उसके कामों के लिए जिम्मेदार नहीं थी. कंपनी मानना है कि इस घटना के लिए उन्हें कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराने का आर्टिब्रेटर का फैसला गलत था. Uber का कहना है कि उन्होंने पिछले कुछ सालों में सेफ्टी को लेकर काफी कुछ किया है. ड्राइवरों को यह अतिरिक्त निर्देश भी दिए हैं कि वे असुरक्षित जगहों पर यात्रियों को न उतारें.

ये भी पढ़ें: ‘पुलिसवाले वर्दी में थाने न आएं', पंजाब में इस वायरल ऑडियो ने बवाल मचा दिया

BBC ने रिपोर्ट में बताया है कि Uber ने शुरुआत में मृतक के मामले में एक समझौते का प्रस्ताव भी दिया था. जिसमें 1 करोड़ डॉलर देने की बात कही गई थी. बस शर्त ये थी कि परिवार से कोई घटना के बारे में बात न करे. लेकिन इस समझौते को परिवार ने ठुकरा दिया था.

वीडियो: साहिल वाकोड़े मामले में प्रो. दूल्ला के समर्थन में आईआईटी दिल्ली और आईआईटी मद्रास, क्या बोले?

Advertisement