आपने बाईपास सर्जरी का नाम सुना है? ये दिल की एक अहम सर्जरी है. आमतौर पर बाईपास सर्जरी के दौरान दिल की धड़कन को कुछ समय के लिए रोक दिया जाता है. जिससे सर्जन को दिल की धमनियों पर सर्जरी करने के लिए एक स्थिर जगह मिल सके. लेकिन आजकल बिना धड़कन रोके भी बाईपास सर्जरी की जा रही है. इसे ऑफ-पंप बाईपास सर्जरी कहा जाता है. पर ये कैसे होती है, आज इसी के बारे में हम आपको सेहत के इस एपिसोड में बताएंगे. डॉक्टर से समझेंगे कि हार्ट बाईपास सर्जरी पहले दिल रोककर क्यों की जाती थी. अब बिना दिल रोके ये सर्जरी कैसे होती है. क्या ये सामान्य बाईपास सर्जरी से ज़्यादा सेफ़ है. इसके क्या-क्या फायदे हैं और किन मरीज़ों में बिना दिल रोके ये सर्जरी नहीं की जाती. साथ ही, दो बातें और पता करेंगे. पहली, BTS के V को एक कान से सुनने में दिक्कत. दूसरी, डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए कौन-सी ब्रेड बेस्ट? देखें वीडियो.
सेहत: दिल को रोके बिना बाईपास! कैसे होती है ये सर्जरी?
बाईपास सर्जरी में शरीर के दूसरे हिस्से से एक स्वस्थ नस लेकर ब्लॉकेज के आगे खून पहुंचाने के लिए नया रास्ता बनाया जाता है.
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