TVF यानी The Viral Fever कंपनी का डिजिटल कॉन्टेन्ट में एक अलग फैनबेस है. पिछले एक दशक में इसने Pitchers, Panchayat, Gullak और Kota Factory जैसे कई पॉपुलर शोज़ प्रोड्यूस किए हैं. ज़ाहिर है कि इन सबसे उसने खूब पैसे भी कमाए. मगर अब उनकी वैल्युएशन सीधे एक चौथाई तक गिर गई है. 2019 में TVF की कीमत 82 मिलियन आंकी गई थी. मगर अब वो 22 मिलियन पर आ गई है. ऐसा इसलिए क्योंकि TVF में पैसे लगाने वाली अमेरिकन इन्वेस्टमेंट कंपनी Tiger Global Management ने अपना 40 परसेंट शेयर दूसरों को बेच दिया है.
'पंचायत' और 'एस्पिरेंन्ट्स' बनाने वाली TVF की वैल्युएशन एक-चौथाई तक गिर गई!
TVF की सबसे बड़ी इन्वेस्टर टाइगर ग्लोबल के अलग होते ही कंपनी की वैल्यू 82 मिलियन से 22 मिलियन पर आ गई है.

टाइगर ग्लोबल ने 2016 में TVF की पैरेंट कंपनी Contagious Online Media Network में करीब 10 मिलियन डॉलर इन्वेस्ट किया था. आज ये लगभग 95 करोड़ रुपए के आसपास होगा. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, तब TVF का वैल्युएशन 61 मिलियन डॉलर यानी आज के 582 करोड़ रुपए के आसपास पहुंच गया था. 2019 में टाइगर ग्लोबल ने उस पर और पैसे लगाए. इससे TVF ने अपना पीक यानी 82 मिलियन का वैल्युएशन टच किया. आज के समय में ये करीब 782 करोड़ के बराबर है.
टाइगर ग्लोबल और TVF लगभग एक दशक तक पार्टनर रहे. मगर अब इस इन्वेस्टमेंट कंपनी ने अपने 40 परसेंट स्टेक्स औरों को बेच दिए हैं. उसके बाहर होते ही TVF की कीमत 22 मिलियन यानी 210 करोड़ पर आ गई. 2019 के मुकाबले ये करीब 73 परसेंट की गिरावट है. टाइगर ग्लोबल ने अपनी हिस्सेदारी लाइटहाउस इंडिया फंड, फ़्रंटियर ग्लोबकैप वेंचर्स और LC नुएवा एडवाइजर्स LLP जैसे ग्रुप्स को बेचा है. फिर भी टाइगर ग्रुप का जाना, TVF के लिए एक बड़ा झटका है. इसका सीधा असर आने वाले दिनों में उसके कॉन्टेन्ट पर भी पड़ सकता है.
अगर आपके मन में भी ये सवाल है कि आखिर टाइगर ग्लोबल ने खुद को TVF जैसे पॉपुलर ब्रैंड से अलग क्यों किया, तो इसका जवाब है- 'समय'. कोविड से पहले तक डिजिटल एंटरटेनमेंट कंपनियां क्वालिटी कॉन्टेन्ट पर फोकस कर रही थीं. इसलिए इन्वेस्टर्स उन पर ज्यादा पैसे लगा रहे थे. तब ऑडियंस का टेस्ट भी अलग था. मगर अब OTT प्लेटफॉर्म्स इतने ज्यादा पॉपुलर हो गए हैं कि इन्वेस्टर कम लागत में ज्यादा मुनाफ़ा कमाना चाहते हैं. चूंकि TVF का फोकस हमेशा क्वान्टिटी से ज्यादा क्वालिटी पर रहा है, इसलिए उस पर इसका सीधा असर पड़ा. कंपनी मुनाफ़ा तो कमा रही है, मगर उसकी रफ़्तार पहले जैसी नहीं.
FY21 में TVF का रेवेन्यू 34.3 करोड़ था, जो FY25 में बढ़कर 182.4 करोड़ तक पहुंच गया. ये बहुत बड़ा उछाल है. लेकिन इस दौरान TVF का प्रॉफिट स्टेबल नहीं था. FY22 में इस कंपनी ने 68.3 करोड़ का मुनाफ़ा कमाया था. वहीं FY25 में ये आंकड़ा 13 करोड़ ही रहा. दूसरे शब्दों में कहें तो कंपनी को फायदा तो हो रहा, मगर उसमें इतना ग्रोथ नहीं कि इन्वेस्टर लॉन्ग टर्म फ्यूचर देख सकें. यही कारण है कि टाइगल ग्लोबल ने अपनी 10 साल पुरानी साझेदारी को तोड़ खुद को TVF से अलग कर लिया. फिलहाल TVF की ओर से इस मसले पर कोई बयान नहीं आया है.
वीडियो: एस्पिरेंट्स सीज़न 2 - सीरीज़ रिव्यू













