20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्रों का संसद मार्च था. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. आंसू गैस छोड़ी और चलाई पैलेट गन. रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान ने सात-राउंड पैलेट गन फायर किए. मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि कम से कम चार लोगों को पैलेट गन के छर्रे लगे थे. इनमें से एक, साहिल को राहुल गांधी मीडिया के सामने लेकर भी आए थे.
अंधापन, फटी आंतें, बिगड़ा चेहरा... पैलेट गन क्या-क्या कर सकती है?
वैसे तो पैलेट गन को नॉन-लीथल माना जाता है. यानी मकसद यही होता है कि इससे इंसान की जान न जाए. पर पैलेट गन ऐसी गंभीर चोटें कर सकती है, जो जीवनभर के लिए दर्द और घाव दे जाती है.

साल 2018 में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर ने एक स्टडी की थी. इसमें पैलेट गन के साइकोलॉजिकल इफेक्ट्स के बारे में बताया गया था. इस स्टडी के लिए 380 पैलेट गन विक्टिम्स से बात की गई. इनमें से 155 पीड़ित 10 से 20 साल के थे और 154 की उम्र 21 से 30 के बीच थी. कुल पीड़ितों में से 161 को गंभीर चोटें आई थीं. पता चला कि इनमें से करीब 65 लोगों को डिप्रेशन हो गया था. बाकी लोग पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर यानी PTSD, एडजस्टमेंट डिसऑर्डर और पैनिक डिऑर्डर से जूझ रहे थे.
पैलेट गन, नॉर्मल गन से अलग होती है. इससे कोई गोली नहीं निकलती, बल्किप्लास्टिक या रबर या मेटल के छोटे-छोटे छर्रे भरे होते हैं. जब ये फायर होती है, तो छर्रे हवा में फैल जाते हैं और सामने खड़े कई लोगों को एक साथ लगते हैं. वैसे तो इसे नॉन-लीथल माना जाता है. यानी मकसद यही होता है कि इससे इंसान की जान न जाए. पर पैलेट गन ऐसी गंभीर चोटें दे सकती है, जो जीवनभर के लिए दर्द और घाव दे जाती हैं.
पैलेट गन से निकलने वाले छर्रे किस हद तक शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं, ये जानेंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि पैलेट गन से लगने वाली चोट कितनी गंभीर हो सकती है. शरीर के किन हिस्सों पर पैलेट लगना सबसे खतरनाक माना जाता है और क्यों. ऐसी चोट लगने के तुरंत बाद क्या करना चाहिए. और अगर पैलेट शरीर के अंदर फंस जाए, तो क्या हर बार सर्जरी करनी ही पड़ती है.
पैलेट गन से लगने वाली चोट कितनी गंभीर हो सकती है?ये हमें बताया डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव ने.

पैलेट गन को नॉन-लीथल यानी कम घातक हथियारों की श्रेणी में रखा जाता है. इसमें हवा के दबाव की मदद से छोटे-छोटे धातु के छर्रे (पैलेट्स) दागे जाते हैं. पैलेट गन से होने वाली चोट इस बात पर निर्भर करती है कि वो कितनी दूरी से चलाई गई है. अगर इसे पर्याप्त दूरी से चलाया गया है, तो ये सिर्फ़ स्किन को चोट पहुंचाती है. लेकिन अगर पैलेट गन बहुत कम दूरी से चलाई गई है, तो ये शरीर को गंभीर चोट पहुंचा सकती है. अगर छर्रे चेहरे, छाती, पेट या दूसरे संवेदनशील हिस्सों पर लगें, तो इसके बहुत गंभीर परिणाम हो सकते है.
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शरीर के किन हिस्सों पर पैलेट लगना सबसे ख़तरनाक?अगर पैलेट गन कम दूरी से चलाई जाए और छर्रे आंख, चेहरे, छाती या पेट पर लगें, तो ये बहुत गंभीर चोट पहुंचा सकती हैं. आंख पर लगने से देखने की क्षमता हमेशा के लिए जा सकती है. चेहरे का आकार बिगड़ सकता है. छाती पर लगने से फेफड़ों को गंभीर चोट पहुंच सकती है. पेट में लगने से आंतों को नुकसान पहुंच सकता है.

सबसे पहले देखें कि पैलेट की चोट शरीर के किस हिस्से पर लगी है. अगर चोट आंख में लगी है, तो तुरंत आंख को हल्के से ढक दें. आंख को रगड़ें या दबाएं नहीं. अगर चेहरे पर चोट लगी है और खून बह रहा है तब घाव को साफ़ पानी से धोकर साफ़ कपड़े से ढक दें.
अगर पेट, छाती या शरीर के किसी अंदरूनी हिस्से में चोट लगी हो. साथ ही, पेट में तेज़ दर्द, उल्टी या दूसरी दिक्कतें हो रही हों. तब मरीज़ को बिना देर किए अस्पताल ले जाएं. कोशिश करें कि चोट लगने के बाद पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंच जाएं ताकि जल्दी से जल्दी इलाज शुरू किया जा सके.
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पैलेट शरीर के अंदर फंसने पर क्या उसे हर बार निकालना ज़रूरी होता है?अगर पैलेट शरीर के ऐसे हिस्से में फंसा है, जहां उससे कोई नुकसान नहीं हो रहा. तब कई मामलों में उसे वहीं छोड़ा जा सकता है. लेकिन अगर पैलेट चेहरे, आंखों, जोड़ों या पेट जैसे हिस्सों में फंसा हो, तो उसे निकालने की कोशिश की जाती है. ऐसे गंभीर मामलों में सर्जरी की ज़रूरत पड़ती है
पैलेट गन को भले ही गैर-घातक माना जाता हो. पर इससे लगने वाली चोट बहुत घातक हो सकती है और जीवनभर के लिए शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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