The Lallantop

बारिश के मौसम में ये गलती की तो आंखों में इंफेक्शन का ख़तरा बढ़ जाएगा

मॉनसून सीज़न में आंखों में होने वाला सबसे आम इंफेक्शन कौन-सा है, ये जानेंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि बारिश के मौसम में आंखों के इंफेक्शन के मामले अचानक क्यों बढ़ जाते हैं. इनके शुरुआती लक्षण क्या हैं. अगर घर में किसी को आंखों का इंफेक्शन हो जाए, तो क्या ये दूसरों में भी फैल सकता है. आंखों के इंफेक्शन से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें, और कौन-सी गलतियां न करें.

Advertisement
post-main-image
इस मौसम में वायरल कंजक्टिवाइटिस ज़्यादा होता है

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • मॉनसून में हवा में नमी बढ़ने के कारण वायरल कंजक्टिवाइटिस (आई फ्लू) के मामलों में वृद्धि हुई है, जिसके लक्षणों में आंखों का लाल होना, जलन, और चिपचिपा डिस्चार्ज शामिल हैं।
  • बारिश का मौसम कीचड़, जलभराव और उमस से भरा होता है, जिससे नमी बढ़ जाती है और वायरस, कीटाणु अधिक तेजी से फैलकर आंखों के इंफेक्शन का कारण बनते हैं।
  • आंखों के इंफेक्शन से बचने के लिए साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है, जिसमें हाथ धोना, दूषित पानी से आंखें धोना और व्यक्तिगत वस्तुएं साझा न करना शामिल है।

बारिश का मौसम यानी कीचड़ भरी सड़कें, जगह-जगह जलभराव और ढेर सारी उमस. इस मौसम में सिर्फ़ फूड पॉइज़निंग या डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों का ही ख़तरा नहीं बढ़ता. बल्कि आंखों में इंफेक्शन के मामले भी बढ़ने लगते हैं. जहां एक ओर आपका सारा ध्यान मच्छरों से बचने और सुरक्षित खाने पर होता है. वहीं, आंखों की देखभाल आप अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं. इससे आंखों में इंफेक्शन होने का रिस्क बढ़ जाता है.

Advertisement

मॉनसून सीज़न में आंखों में होने वाला सबसे आम इंफेक्शन कौन-सा है, ये जानेंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि बारिश के मौसम में आंखों के इंफेक्शन के मामले अचानक क्यों बढ़ जाते हैं. इनके शुरुआती लक्षण क्या हैं. अगर घर में किसी को आंखों का इंफेक्शन हो जाए, तो क्या ये दूसरों में भी फैल सकता है. आंखों के इंफेक्शन से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें, और कौन-सी गलतियां न करें. 

मॉनसून में आंखों के इंफेक्शन के मामले क्यों बढ़ जाते हैं?

ये हमें बताया डॉक्टर मयंक तोमर ने. 

Advertisement
dr mayank tomar
डॉ. मयंक तोमर, कंसल्टेंट ऑप्थेलमोलॉजिस्ट, अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल

मॉनसून सीज़न में हवा में नमी बढ़ जाती है. इससे वायरस और दूसरे कीटाणु आसानी से पनपकर फैलने लगते हैं. इस मौसम में वायरल कंजक्टिवाइटिस (आई फ्लू) ज़्यादा होता है. इसके लक्षण हैं:  

- आंखों का लाल होना.

- आंखों से लगातार पानी आना.

Advertisement

- आंखों में दर्द या जलन होना.

- आंखों में किरकिराहट या रड़क महसूस होना.

- आंखों से चिपचिपा डिस्चार्ज (गीद) निकलना.

कई लोग आंखों में परेशानी होते ही मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना शुरू कर देते हैं. ऐसा न करें. इससे परेशानी और बढ़ सकती है. आंखों में कोई दिक्कत होने पर डॉक्टर को दिखाएं ताकि आपका सही इलाज हो सके.

ये भी पढ़ें: भारत में ये कैंसर सबसे आम, लक्षण जान लीजिए

क्या आंखों का इंफेक्शन एक से दूसरे में फैल सकता है?

कई मरीज़ पूछते हैं कि क्या देखने से भी आंखों के इंफेक्शन फैल सकते हैं. इसका जवाब है- नहीं, सिर्फ देखने से आंखों का इंफेक्शन नहीं फैलता. हालांकि, ये छूने से फैल सकता है. अगर आप आंखों के इंफेक्शन वाले किसी मरीज़ का ख़्याल रख रहे हैं. तब उनकी आंखों को छूने के बाद अपने हाथ साबुन से अच्छी तरह धोएं. मरीज़ का तौलिया, रूमाल और फोन इस्तेमाल न करें. इन चीज़ों से इंफेक्शन फैलने का ख़तरा रहता है. 

महिलाएं किसी का आई मेकअप शेयर न करें, इससे इंफेक्शन फैल सकता है. हाइजीन का ध्यान रखें और मरीज़ के कपड़ों को नियमित रूप से धोते रहें.

eye infection
मॉनसून में आंखों के इंफेक्शन ज़्यादा होते हैं
मॉनसून में आंखों को इंफेक्शन से बचने के लिए क्या ध्यान रखें?

मॉनसून में आंखों के इंफेक्शन से बचने का सबसे अच्छा तरीका है हाइजीन बनाए रखना. रोज़ अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं. अगर आप बाहर से आए हैं और हाथ गंदे हैं. तब हाथों और चेहरे को साबुन से साफ़ करें. अगर बारिश का पानी आंखों में चला जाए, तो ध्यान रखें कि वो दूषित पानी है. इसलिए घर आने के बाद नल के साफ़ पानी से आंखों को धो लें.

अगर कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वालों की आंखों में बारिश का पानी चला जाए, तो उस कॉन्टैक्ट लेंस को फेंक दें. कोशिश करें कि इस मौसम में कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल कम से कम करें, क्योंकि मॉनसून में आंखों के इंफेक्शन ज़्यादा देखने को मिलते हैं. 

ये भी पढ़ें: जांघों से चर्बी कम नहीं हो रही? ये मोटापा नहीं, लिपेडेमा हो सकता है

महिलाओं को भी इस मौसम में आई मेकअप का इस्तेमाल कम करना चाहिए. इससे इंफेक्शन फैलने का ख़तरा बढ़ सकता है.

अगर आपके इलाके में वायरल कंजंक्टिवाइटिस (आई फ्लू) फैला हुआ है, तो स्विमिंग पूल जाने से बचें. इन बातों का ध्यान रखकर आप मॉनसून के दौरान आंखों के इंफेक्शन के ख़तरे को कम कर सकते हैं.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.) 

वीडियो: सेहत: मुंह, फेफड़े, स्तन और सर्विकल कैंसर के बड़े लक्षण

Advertisement