देश का एक और स्टार्टअप Unicorn क्लब में शामिल हो गया है. यूनिकॉर्न क्लब मतलब कंपनी की वैल्यूऐशन 1 बिलियन डॉलर (Astrotalk turns unicorn) के पार हो गई है. ऑनलाइन ज्योतिष और आध्यात्मिक टेक (spiritual tech) प्लेटफ़ॉर्म 'एस्ट्रोटॉक' (Astrotalk) 1 अरब डॉलर के वैल्यूऐशन के साथ यूनिकॉर्न बन गया है. पुनीत गुप्ता और अनमोल जैन ने साल 2017 में कंपनी शुरू की थी. 'एस्ट्रोटॉक' ने ज्योतिष से जुड़ी सलाह देने के अलावा gemstones और spiritual commerce के क्षेत्रों में भी काम करती है. एस्ट्रोलॉजी, ऑनलाइन एस्ट्रोलॉजी, स्पिरिचुअल टेक को लेकर आपकी अपनी राय होगी. हमारी भी एक राय है. लेकिन हम तो बिजनेस मॉडल की बात करने वाले हैं.
भविष्य बदलने का दावा करने वाली इस ऐप का अपना फ्यूचर चमक गया, यूनिकॉर्न क्लब में एंट्री
Astrotalk का मौजूदा रेवेन्यू (Astrotalk turns unicorn)2,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा है. इसने FY25 में 1,176 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 285 करोड़ रुपये का PBT (Profit Before Tax) दर्ज किया है. कंपनी ने 1 बिलियन डॉलर का मूल्यांकन हासिल किया है.

भारत में स्टार्टअप की स्पीड पांचवें गियर में दौड़ रही है. लेकिन सारे स्टार्टअप को सक्सेस मिली हो या सभी प्रॉफ़िट में हों, ऐसा नहीं है. इसलिए एस्ट्रोटॉक की बात करना जरूरी है जिसने साल 2023-24 में 94 करोड़ का प्रॉफिट बनाया. ये प्रॉफिट कोई तुक्का नहीं है, क्योंकि उसके पहले के साल (2022-2023) में भी ऐप ने 27 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. जून 2024 में जहां कंपनी का वैल्यूऐशन मिलियन डॉलर था जो अब 1 बिलियन हो चुका है.
Entrackr की रिपोर्ट के मुताबिक आज की तारीख में कंपनी का मौजूदा रेवेन्यू रन रेट 2,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा है. इसने FY25 में 1,176 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 285 करोड़ रुपये का PBT (Profit Before Tax) दर्ज किया है. माने साल दर साल प्रॉफ़िट बढ़ रहा है. एस्ट्रोटॉक ने 100 से अधिक कर्मचारियों के ESOP बायबैक के माध्यम से 1 बिलियन डॉलर का मूल्यांकन हासिल किया है. ESOP बायबैक एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें एक कंपनी अपने कर्मचारियों से उनके पास मौजूद ESOP (Employee Stock Option Plan) यानी कंपनी के शेयर वापस खरीदती है. इसके बदले उन्हें नकद भुगतान करती है.
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250 करोड़ की मार्केटिंगवैसे तो एस्ट्रोटॉक साल 2017 में स्टार्ट हुआ लेकिन इसको असल पहचान मिली साल 2024 के आखरी 6 महीने में. उस दौरान इंस्टाग्राम पर इनके विज्ञापन की बाढ़ आ गई थी. कुछ महीनों के लिए जब भी इंस्टा ओपन करते थे तो इनका विज्ञापन दिखता था. अगर विज्ञापन नहीं दिखता तो कोई ना कोई इंफ़्लूइंसर इनके बारे में बात कर रहा होता था. ऐप ने अपने प्रचार पर मोटा पैसा खर्च किया था. मार्केट में इस बात की चर्चा भी खूब थी कि न्यूयॉर्क बेस्ड Left Lane Capital और Elev8 Ventures से जो 250 करोड़ की फंडिंग मिली थी, उसका बड़ा हिस्सा मार्केटिंग पर ही खर्च किया गया.
इस स्टार्टअप ने 'एस्ट्रोटॉक स्टोर' के ज़रिए स्पिरिचुअल कॉमर्स के क्षेत्र में भी विस्तार किया है. एस्ट्रोटॉक ने रत्नों के लिए एक अलग प्लेटफ़ॉर्म भी लॉन्च किया है, जहां लैब सर्टिफ़िकेशन, ज्योतिष परामर्श और रिप्लेसमेंट पॉलिसी के साथ कीमती और सेमी-कीमती रत्न उपलब्ध हैं.
स्पिरिचुअल कॉमर्स का मेन फ़ोकस है ज्योतिष, रत्न, शादी, पूजा सामग्री वगैरा. हाल ही में इसमें एक और सेगमेंट बहुत तेज़ी से उभरा है. e-puja जिसमें पुजारी दूर बैठकर ऑनलाइन पूजा करवाते हैं. ज्योतिष और पूजा का ये बाज़ार साल 2023 में ही 5 लाख करोड़ के पार हो चुका है. मार्केट तो वाकई बहुत बड़ा है बस व्यवस्थित नहीं. माने लोकल प्लेयर अच्छे खिलाड़ी हैं. इसी का फ़ायदा उठाया Astrotalk ने.
हालांकि ऐप का दामन पूरी तरह से साफ़ नहीं है. मसलन Astroyogi ने ऐप पर ट्रेडमार्क को लेकर केस ठोक रखा है तो इनके एक्सपर्ट को लेकर भी कई बातें होती हैं. उदाहरण के लिए जब एक यूट्यूबर ने इनके एक्सपर्ट से थोड़ा दोस्ती करके बातचीत की तो पता चला कि वो तो इंजीनियर है. जब कहीं काम नहीं मिला तो Astrotalk जॉइन कर लिया. दूसरों की किस्मत बदलने का दावा करने वाले ने फ़िलहाल अपनी किस्मत तो बदल ली है.
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