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सरकार ने वैक्सीन के लिए हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर्स के नए रजिस्ट्रेशन पर रोक क्यों लगा दी?

केंद्र सरकार ने कोरोना टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के नए रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस संबंध में शनिवार को निर्देश जारी किए गए. सरकार ने तर्क दिया कि कुछ अपात्र लाभार्थी नियमों का उल्लंघन करते हुए इस श्रेणी में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं. केंद्र ने शनिवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखा है कि वे स्वास्थ्य सेवा और फ्रंटलाइन वर्कर्स के किसी भी नए रजिस्ट्रेशन की अनुमति ना दें.

केंद्र को क्या शिकायत मिली है?

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्य सरकारों को लिखे लेटर में कहा है कि विभिन्न स्रोतों से इनपुट मिले हैं कि टीकाकरण केंद्रों में कुछ अयोग्य लाभार्थियों को हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में पंजीकृत किया जा रहा है और यह निर्धारित दिशानिर्देशों का उल्लंघन है.

पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों में हेल्थकेयर वर्कर्स के डेटाबेस में 24 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद यह निर्णय लिया गया है कि हेल्थकेयर वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणियों में किसी भी नए रजिस्ट्रेशन की अनुमति नहीं दी जाएगी.

राजेश भूषण ने पत्र में कहा कि 45 वर्ष या इससे अधिक आयु के व्यक्तियों के रजिस्ट्रेशन को-विन पोर्टल पर अनुमति दी जाएगी. राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को पहले से पंजीकृत स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के सार्वभौमिक टीकाकरण को जल्द से जल्द सुनिश्चित करने को कहा गया.

देशव्यापी टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू हुआ था जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया और दो फरवरी से अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था. साठ वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण एक मार्च से शुरू हुआ था.

भूषण ने पत्र में कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के टीकाकरण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर सभी प्रयास किए गए हैं.

हर दिन बढ़ रहे मामले?

देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. शनिवार, तीन अप्रैल को 92,994 नए मामले आए. हालांकि 60,059 लोग ठीक भी हुए. एक दिन में मिलने वाले संक्रमण के मामलों की बात करें तो साढ़े 6 महीने बाद एक दिन में संक्रमण के इतने मामले आए हैं. इससे पहले 17 सितंबर को 96,787 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई थी. मौत के मामले में लगातार दूसरे दिन 500 से ज्यादा लोगों की जान गई. इससे पहले शुक्रवार, दो अप्रैल को 713 लोगों की मौत हुई थी. वहीं शनिवार तीन अप्रैल को 514 लोगों की जान गई.


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