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यूपी के बीजेपी विधायक बोले- हम ज्यादा बोलेंगे तो राजद्रोह लग जाएगा

यूपी के सीतापुर से विधायक हैं राकेश राठौर. बीजेपी के हैं. यानी सत्तापक्ष के विधायक हैं. चर्चा में हैं क्योंकि एक बयान दिया है. कहा है कि ज्यादा कुछ बोलूंगा तो राजद्रोह-देशद्रोह लगा दिया जाएगा. वो बोले कि विधायक अपनी बात नहीं कह सकते. अब वो बात नहीं कि ‘लब आजाद हैं तेरे.’

आप सोच रहे होंगे कि ये भला कौन से विधायक हैं जो अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़े दिख रहे हैं? और आखिर ऐसा क्या हुआ कि राकेश राठौर, ऐसे बयान दे रहे हैं. लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि राठौर ने ऐसा कोई बयान दिया हो. इसे पहले भी वे ऐसे बयान देते रहे हैं, जिनसे उनकी पार्टी असहज होती रही है. वो भी आपको बताएंगे लेकिन पहले ये मामला जान लीजिए.

क्या है मामला?

जिले में कोरोना के हालातों, ट्रॉमा सेंटर की जरूरत पर चर्चा हो रही थी. विधायक भी मौजूद थे. मीडिया ने सवाल किए जिस पर विधायक ने कहा कि सब बहुत अच्छा चल रहा है, हम यही कहेंगे कि इससे बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता है. हम सरकार तो हैं नहीं, लेकिन जो सरकार कह रही है, वही ठीक मानो. विधायक की हैसियत क्या है, हम ज्यादा बोलेंगे तो राजद्रोह, देशद्रोह हम पर भी तो लगेगा. आपको लगता है कि विधायक कुछ कह सकते हैं.

पहले भी देते रहे हैं विवादित बयान

अप्रैल 2020. एक शख्स ने राकेश राठौर को शस्त्र लाइसेंस के लिए फोन किया. इधर से विधायक बोले कि थाली बजाइए, शस्त्र लेकर क्या करेंगे. जब बीमारी थाली बजाने से भाग रही, तो आप अपनी सुरक्षा थाली बजाकर नहीं कर सकते. इस बयान पर बीजेपी नेतृत्व ने उन्हें नोटिस भी इश्यू किया था. ऐसा बयान देने का कारण भी पूछा था.

इंडिया टुडे ग्रुप से जुड़े अरविंद मोहन मिश्रा ने कहा,

“विधायक राकेश राठौर के कई ऑडियो क्लिप वायरल हो चुके हैं. वह अक्सर ऐसे बयान देते रहे हैं जो सुर्खियों में आ जाते हैं. विधायक बनने के साल-डेढ साल तक सब सही था, लेकिन उसके बाद से विधायक राकेश राठौर का अंदाज बदलने लगा और ऐसे बयान सामने आने लगे. काफी वक्त से वे पार्टी की किसी मीटिंग में भी नहीं जाते और कुछ मौकों पर तो सीएम के कार्यक्रम भी मिस कर दिए हैं.”

पार्टी और सरकार पर बयान क्यों देते हैं राकेश राठौर?

राकेश राठौर ने ‘दी लल्लनटॉप’ से बातचीत में कहा,

“मैं मीडिया से दूर रहता हूं. उस दिन मीडिया ने घेर लिया. पार्टी और विधायक नहीं आम इंसान के नजरिए से समझिए कि ज्यादा बोलना इन दिनों ठीक नहीं. सारे देश के बारे में सबको पता है. जिन आखों से हम देख रहे हैं, उन्हीं से आप भी देख रहे हैं. उन्हीं से लोग भी देख रहे हैं. नहीं दिखता सबको? लेकिन सब आंख मूदें हैं. मजबूरी है सबकी कुछ ना कुछ.”

Sitapur Mla
विधायक राकेश राठौर पर पार्टी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है. फोटो- अरविंद मिश्रा, सीतापुर

उन्होंने कहा कि,

“पृष्ठभूमि से हम बहुत कमजोर हैं. डरकर जीते हैं. विधायक होना कोई बड़ी बात नहीं है. मैंने जरा कुछ बोल दिया कि कोहराम मच गया. मेरा पुराना मोबाइल खो गया था जिससे कुछ ऑडियो वायरल हो गए. मेरा मानना था कि ताली-थाली की बजाय गंभीर अनुसंधान होना चाहिए था. यही मैंने एक ऑडियो में कहा था. बोलना भी अब प्रतिबंधित हो जाएगा क्या? मैं ज्यादा बोलूंगा तो पता नहीं क्या हो जाएगा. मैं आपके सवालों का जवाब दे दूं ईमानदारी से और फिर मेरा जीना नर्क हो जाए तो क्या ये उचित है?”

पार्टी का इस मुद्दे पर क्या कहना है?

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता डॉक्टर चंद्रमोहन ने इस मामले की जानकारी होने से ही इंकार कर दिया. पार्टी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी और शलभमणि त्रिपाठी से भी इस बाबत जानकारी के लिए संपर्क किया गया. जवाब आने पर उसको भी खबर में जोड़ा जाएगा.

वहीं इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा,

“हालात ऐसे हैं कि सत्ताधारी पार्टी के नेता भी डर रहे हैं. कोरोना मैनेजमेंट में सरकार फेल रही है. बेशक वो ये कहते हों कि WHO ने हमारी तारीफ की है, लेकिन सच्चाई ये है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्यवस्था को राम भरोसे बताया है. सरकार ने कहा कि ऑक्सीजन को लेकर अफवाह फैलाने वाले की संपत्ति कुर्क करेंगे. जबकि सच क्या है सभी जानते हैं. बीजेपी के कई नेता भी चिट्ठी लिख चुके हैं, अपनी सरकार से सवाल कर चुके हैं. सीतापुर MLA राकेश राठौर ने सच्चाई बयान की है.”

राकेश राठौर पहली बार बने विधायक

राकेश राठौर, पहले बसपा में भी रहे हैं. 2017 के विधानसभा चुनावों से थोड़ा पहले ही उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था और उन्हें सदर सीट से टिकट भी मिल गया था. बीजेपी की लहर थी. राठौर भी विधायक बन गए. लेकिन इससे पिछली बार यानी 2012 के विधानसभा चुनावों में वो बसपा के टिकट पर चुनाव हार चुके थे. राठौर कहते हैं कि, बतौर विधायक मेरा कार्यकाल खराब रहा. बहुत खराब रहा. इससे अधिक मैं कुछ नहीं कहूंगा.


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