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भारतीय डिप्लोमेट्स को फंसाने की साज़िश कर रहा पाक, डिप्लोमेटिक इम्युनिटी काम आई

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में है भारतीय उच्चायोग यानी हाई कमीशन. यहां के दो अधिकारी 15 जून की सुबह से लापता थे. डिप्लोमेटिक मसला था. लिहाज़ा हड़कंप मच गया. बाद में पता चला कि वे लापता नहीं, बल्कि गिरफ्तार थे. लापता होने और गिरफ्तारी के बाद 12 घंटे के भीतर ही उनसे जुड़ी तीसरी ख़बर आ गई. दोनों अधिकारियों को 15 जून की शाम को रिहा कर दिया गया. दोनों हाई कमीशन पहुंच गए हैं.

झूठे आरोप में फंसाने की साज़िश

अब सवाल कि दोनों अधिकारियों को क्यों गिरफ्तार किया गया था? इंडिया टुडे रिपोर्टर गीत मोहन और गौरव सावंत की जानकारी के मुताबिक- पाकिस्तान दोनों अधिकारियों को झूठे आरोप में फंसाने की साज़िश कर रहा था. उन पर 10 हज़ार पाकिस्तान रुपए की फेक करेंसी रखने के आरोप लगाए गए. एफआईआर तक कर दी गई.

लेकिन दोनों डिप्लोमेट्स के पास पाकिस्तान में डिप्लोमेटिक इम्युनिटी है. इसलिए पाकिस्तान उन पर कोई एक्शन नहीं ले सका और रिहा करना पड़ा. दोनों को पीटे जाने की बात भी सामने आ रही है. लिहाज़ा दोनों का मेडिकल कराया जाएगा. हाई कमीशन की बीएमडब्ल्यू गाड़ी की भी टूट-फूट हुई है. इस पर पाक का कहना है कि भीड़ ने दोनों अधिकारियों पर हमला किया था, उसी में गाड़ी को नुकसान पहुंचा होगा.

दोनों देशों के बीच हाल ही में डिप्लोमेट्स से जुड़े कुछ और मसले सामने आए हैं.

भारत ने दो पाकिस्तानी अफसरों को वापस भेजा था

1 जून, 2020 को भारत सरकार ने पाकिस्तान हाई कमीशन के दो वीजा सहायकों को हिरासत में लिया था. दोनों पर जासूसी करने के आरोप लगे थे. दोनों कर्मचारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया था, क्योंकि वे एक डिप्लोमेटिक मिशन के तहत भारत में थे, और अपने स्टेटस के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त थे. इन्हें 24 घंटे के अंदर देश छोड़कर जाने के लिए कहा गया था. इसके साथ ही पाकिस्तान हाई कमीशन के एक ड्राइवर को भी भारत छोड़ने के आदेश दिए गए थे. ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ का मतलब है कोई ऐसा विदेशी शख्स, जिसके किसी देश में आने या रहने पर वहां की सरकार ने रोक लगा दी हो.

पाक ने भारतीय अफसर को डराने की कोशिश की थी

भारत ने जब पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे पाकिस्तान के अधिकारियों को वापस भेजा, तो पाकिस्तान ने इसका कड़ा विरोध किया था. हाल ही में इंडियन हाई कमीशन के एक भारतीय अफसर को ISI से जुड़े आदमी ने परेशान किया था. गौरव अहलूवालिया जब अपनी कार से जा रहे थे, तब कार का पीछा करते हुए उन्हें डराने की कोशिश की गई थी.


पाकिस्तान के दो अधिकारियों को बचाने वाली डिप्लोमेटिक इम्युनिटी क्या है?

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