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ट्रक मालिक से 20 हज़ार ऐंठना चाहता था ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर, लेकिन उल्टा पड़ गया दांव

इस कोरोना काल में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं. वो अपनी कमाई का कोई भी ज़रिया नहीं छोड़ रहे. जैसे, जितना मिल रहा है उससे अपनी जेब गर्म करते चल रहे हैं. ऐसा ही केस उत्तर प्रदेश की राजधानी में भी देखने को मिला, जहां टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके ट्रक ड्राइवर ने एक ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर को ऐसा सबक सिखाया कि वो पूरी ज़िंदगी उसे भुला नहीं पाएगा.

पूरा मामला लखनऊ के अहिमामऊ चौराहे का है. इंडिया टुडे के आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात से आए एक ट्रक चालक को अहिमामऊ चौहारे पर टीएसआई रंजीत पाठक ने रोक लिया. ट्रक ड्राइवर से कहा कि उसका ट्रक नो एंट्री के अंदर आ गया है. अब ट्रक के मालिक को 20 हज़ार का जुर्माना भरना पड़ेगा. लाख मिन्नतें करने के बाद भी रंजीत, ट्रक ड्राइवर से पैसे ऐंठने के चक्कर में था.

जब डीसीपी को भेज दिया GPS का स्क्रीन शॉट

इसके बाद घबराकर ट्रक ड्राइवर ने अपने मालिक रमेश चंद्र को फोन घुमा दिया. बात करके सारा हाल सुनाया. रमेश ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते हैं. जब उन्होंने जीपीएस से ट्रक की लोकेशन चेक की तब ट्रक नो एंट्री में नहीं खड़ा था. खास बात तो ये है कि उस पूरे रास्ते में कहीं नो एंट्री थी ही नहीं. इसके बाद रमेश चंद्र ने अपनी शिकायत डीसीपी ट्रैफिक ख्याति गर्ग से की.

लखनऊ का अहिमामऊ चौराहा.
लखनऊ का अहिमामऊ चौराहा.

जब जांच-पड़ताल शुरू हुई तो ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर की गलती सामने आई. इंस्पेक्टर को दोषी पाते हुए एक्शन लिया गया और उसे सस्पेंड कर दिया गया. मगर अभी भी इस मामले की जांच चल रही है. रमेशचंद्र ने ट्रक की लोकेशन का स्क्रीनशॉट भी भेजा. जिसके बाद रंजीत पाठक पर फौरन एक्शन लिया गया.

ट्रैफिक SI रंजीत पाठक को किया सस्पेंड

डीसीपी ट्रैफिक ख्याति गर्ग के बताया कि ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर रंजीत पाठक अहिमामऊ में ड्यूटी कर रहे थे. इस दौरान गुजरात से आने वाला एक ट्रक जिसके मालिक रमेश चंद्र हैं उन्होंने शिकायत की. कहा कि उनका ट्रक जबरदस्ती रोका गया है. जबकि वह नो एंट्री में नहीं थी. 20 हज़ार रुपयों की मांग भी की जा रही है. उन्होंने जीपीएस लोकेशन भी हमको भेजी. जिसमें ट्रक नो एंट्री में नहीं था. इसके बाद भी जबरदस्ती 20 हज़ार की मांग की जा रही थी. इस बात में सच्चाई पायी गई और ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.

कुछ नियम जान लीजिए

ट्रैफिक के दौरान आपको अपने अधिकार, नियम और कर्तव्य की जानकारी होनी चाहिए. ताकि इसका ख्याल रखकर आप इस तरह के भारी-भरकम जुर्माना देने से बच सकें.

# आपका चालान काटने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास उनकी चालान बुक या फिर ई-चालान मशीन होना जरूरी है. यदि इन दोनों में से कुछ भी उनके पास नहीं है तो आपका चालान नहीं काटा जा सकता है.

# ट्रैफिक नियमों को फॉलो करना जरूरी है लेकिन आपको नियमों का हवाला देकर ट्रैफिक पुलिस परेशान नहीं कर सकती है. ट्रैफिक पुलिस के जवान आपसे गलत व्यवहार नहीं कर सकते हैं.

# हर ट्रैफिक जवान को यूनिफॉर्म में रहना जरूरी है. यूनिफॉर्म पर बकल नंबर और उसका नाम होना चाहिए. अगर ये दोनों ट्रैफिक पुलिस के पास नहीं हैं तो आप उससे पहचान पत्र दिखाने को कह सकते हैं. अगर ट्रैफिक पुलिसकर्मी अपना पहचान पत्र दिखाने से मना करता है तो आप अपनी गाड़ी के दस्तावेज उसे न दें.

# ट्रैफिक पुलिस आपकी गाड़ी की चाबी नहीं छीन सकती. अगर आपकी गाड़ी सड़क के किनारे खड़ी है तो क्रेन उसे तब तक नहीं उठा सकती, जब तक आप गाड़ी के अंदर बैठे हों.

# अगर ट्रैफिक नियम को तोड़ने पर ट्रैफिक पुलिस आपको हिरासत में लेती है तो हिरासत में लेने के 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना जरूरी है.


वीडियो:  यूपी: चित्रकूट जेल के गैंगवॉर में मुख़्तार अंसारी के करीबी समेत 2 की मौत, तीसरे को पुलिस ने मारा

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