Submit your post

Follow Us

संघ के प्रचारक रहे तीरथ सिंह रावत को बीजेपी ने सौंपी उत्तराखंड के सीएम की कुर्सी

उत्तराखंड में त्रिवेंद्र रावत के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद राज्य की अगली कमान किसके हाथ में जाएगी? इसे लेकर कई नाम हवा में तैर रहे थे. बुधवार, 9 मार्च को देहरादून में भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक हुई. इसके बाद नए मुख्यमंत्री का नाम सामने आया. तीरथ सिंह रावत. बुधवार शाम को ही उनके सीएम पद की शपथ लेने की चर्चा है.

तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड की राजनीति के पुराने और परिचित चेहरे हैं. गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं 9 फरवरी 2013 से 31 दिसंबर 2015 तक. वहीं 2012 से 2017 तक चौबट्टाखाल निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं. अभी बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव हैं. बतौर एमएलसी वह गढ़वाल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. राजनीति में भुवन चंद्र खंडूड़ी के शिष्य माने जाने जाते हैं. तीरथ सिंह रावत का जन्म 1964 में पौड़ी के कल्जीखाल ब्लॉक के सिरौं गांव में हुआ था. छह भाई-बहनों में वह सबसे छोटे हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई जगाधरी (यमुनानगर), जहां पिताजी रेलवे में पोस्टेड थे.

विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद तीरथ सिंह रावत ने कहा कि वो संघ के लिए काम करते थे. कभी भी बीजेपी में आने का विचार नहीं किया था. लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी से प्रेरणा लेकर वो अपने मिशन में आगे बढ़े. उन्होंने आगे कहा कि वह त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ लंबे वक्त तक काम करते रहे हैं. पहले संघ में बतौर प्रचारक काम किया. उसके बाद पार्टी और सरकार के स्तर पर साथ में काम किया है. अब भी उनके मार्गदर्शन में आगे काम करते रहेंगे.

वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत का पहला इंटरव्यू सामने आया है. उन्होंने आजतक से हुई बातचीत में कुछ अहम सवालों के जवाब दिए हैं. त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वे केवल पार्टी के कार्यकर्ता हैं, पद तो आते-जाते हैं. अब वह पार्टी के कार्यकर्ता के तौर पर काम करेंगे.

सीएम पद के लिए तीरथ सिंह का नाम कई लोगों को चौंकाने वाला लगा है. त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद संभावित मुख्यमंत्रियों की रेस में धन सिंह रावत का नाम आगे चल रहा था. जब त्रिवेंद्र रावत ने सोमवार, 8 मार्च को अपनी चमोली यात्रा रद्द कर दी और दिल्ली चले गए तो धन सिंह ने ही सीएम के प्रतिनिधि के रूप में दो कार्यक्रमों में भाग लिया था. हालांकि ये पहला मौका नहीं था कि धन सिंह रावत ने इस तरह के किसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया हो. धन सिंह रावत के अलावा अनिल बलूनी, रमेश पोखरियाल निशंक और अजय भट्ट जैसों के नाम भी सीएम पद के लिए हवा में तैर रहे थे. लेकिन बुधवार को कमान मिली तीरथ सिंह रावत को.


उत्तराखंड के CM त्रिवेंद्र सिंह रावत की किस गलती से उनकी कुर्सी खतरे में आ गई?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

ट्रैवल हिस्ट्री नहीं होने के बाद भी डॉक्टर के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने पर डॉक्टर्स क्या बोले?

ट्रैवल हिस्ट्री नहीं होने के बाद भी डॉक्टर के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने पर डॉक्टर्स क्या बोले?

बेंगलुरु में 46 साल के एक डॉक्टर कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमित पाए गए हैं.

क्या BYJU'S अच्छी शिक्षा देने के नाम पर लोगों को अनचाहा लोन तक दिलवा रही है?

क्या BYJU'S अच्छी शिक्षा देने के नाम पर लोगों को अनचाहा लोन तक दिलवा रही है?

ये रिपोर्ट कान खड़े कर देगी.

Jack Dorsey ने Twitter का CEO पद छोड़ा, CTO पराग अग्रवाल को बताया वजह

Jack Dorsey ने Twitter का CEO पद छोड़ा, CTO पराग अग्रवाल को बताया वजह

इस्तीफे में पराग अग्रवाल के लिए क्या-क्या बोले जैक डोर्से?

पेपर लीक होने के बाद UPTET परीक्षा रद्द, दोबारा कराने पर सरकार ने ये घोषणा की

पेपर लीक होने के बाद UPTET परीक्षा रद्द, दोबारा कराने पर सरकार ने ये घोषणा की

UP STF ने 23 संदिग्धों को गिरफ्तार किया.

26 नए बिल कौन-कौन से हैं, जिन्हें सरकार इस संसद सत्र में लाने जा रही है

26 नए बिल कौन-कौन से हैं, जिन्हें सरकार इस संसद सत्र में लाने जा रही है

संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक चलेगा.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चकाचक निर्माण से लोगों को क्या-क्या मिलने वाला है?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चकाचक निर्माण से लोगों को क्या-क्या मिलने वाला है?

पीएम मोदी ने गुरुवार 25 नवंबर को इस एयरपोर्ट का शिलान्यास किया.

कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद पंजाब की राजनीति में क्या बवंडर मचने वाला है?

कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद पंजाब की राजनीति में क्या बवंडर मचने वाला है?

पिछले विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला था, इस बार त्रिकोणीय से बढ़कर होगा.

UP पुलिस मतलब जान का खतरा? ये केस पढ़ लिए तो सवाल की वजह जान जाएंगे

UP पुलिस मतलब जान का खतरा? ये केस पढ़ लिए तो सवाल की वजह जान जाएंगे

कासगंज: पुलिस लॉकअप में अल्ताफ़ की मौत कोई पहला मामला नहीं.

कासगंज: हिरासत में मौत पर पुलिस की थ्योरी की पोल इस फोटो ने खोल दी!

कासगंज: हिरासत में मौत पर पुलिस की थ्योरी की पोल इस फोटो ने खोल दी!

पुलिस ने कहा था, 'अल्ताफ ने जैकेट की डोरी को नल में फंसाकर अपना गला घोंटा.'

ये कैसे गिनती हुई कि बस एक साल में भारत में कुपोषित बच्चे 91 प्रतिशत बढ़ गए?

ये कैसे गिनती हुई कि बस एक साल में भारत में कुपोषित बच्चे 91 प्रतिशत बढ़ गए?

ये ख़बर हमारे देश का एक और सच है.