Submit your post

Follow Us

राजनाथ जिस ऐप से वीडियो कॉलिंग कर रहे थे, साइबर एजेंसी ने उसे प्राइवेसी के लिए खतरा बताया

24 मार्च से 14 अप्रैल, 2020 तक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लॉकडाउन की घोषणा की. स्कूल-कॉलेज, फैक्ट्री और कार्यालय भी बंद हो गए. कंपनियों ने आदेश जारी किया कि कर्मचारी अपने घर से काम करें. अब समस्या ये थी कि मीटिंग कैसे हो? तो समाधान मिला वीडियो कॉलिंग ऐप में. ऐसा ही एक ऐप है ZOOM. इसकी खासियत ये है कि इसमें 100 के लगभग लोग एकसाथ एक प्लेटफॉर्म पर इकट्ठे हो सकते हैं. यही कारण है कि ये ऐप गूगल प्ले स्टोर पर इंडिया में टॉप ट्रेंड में बना हुआ है.

तो हुआ ये कि ज़ूम पर मीटिंग भी होने लगीं और क्लास भी चलने लगीं. कई लोगों ने तो बड्डे पार्टी भी सेलिब्रेट कर लिया. लेकिन पार्टी में तब खलल पड़ी, जब सुरक्षा एजेंसियों ने इस ऐप के बारे में आगाह करते हुए कहा कि ये साइबर हमलों का जरिया बन सकता है. ज़ूम पर एक आरोप ये भी लगा कि वो यूजर्स का डेटा फेसबुक के साथ शेयर कर रहा है.

सावधानी से करें इस्तेमाल

साइबर सिक्योरिटी के लिए भारत में एक नेशनल नोडल एजेंसी है. CERT-IN यानी कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ऑफ इंडिया. इस एजेंसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐप का सावधानी से इस्तेमाल न करने पर ये साइबर अटैक का जरिया बन सकता है. साथ इसे यूज करने वालों का सेंसटिव इन्फोर्मेशन भी लीक होकर साइबर क्रिमिनल्स के पास जा सकता है. CERT-IN ने 30 मार्च को जारी किए एडवाइजरी में कहा,

कई ऑर्गनाइजेशन्स ने अपने स्टाफ को घर से काम करने के लिए कहा है, ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके. लोग मीटिंग के लिए ज़ूम, माइक्रोसॉफ्ट टीम, स्लैक जैसे ऑनलाइन कम्यूनिकेशन प्लेटफॉर्म यूज कर रहे हैं. इन प्लेटफॉर्म का असुरक्षित उपयोग साइबर क्रिमिनल्स को आपका सेंसेटिव डेटा चुराने का मौका दे सकता है. जैसे कि मीटिंग डिटेल्स और वहां होने वाली बातचीत.

 

खासतौर पर ज़ूम को लेकर आगाह करते हुए एजेंसी ने कहा कि ऐप को हमेशा अप-टू-डेट रखिए. साथ ही एक मजबूत पासवर्ड रखिए, जिसे आसानी से अनुमान न लगाया जा सके. हर मीटिंग के लिए यूनिक पासवर्ड रखिए. ये हर उस मीटिंग और डिस्कशन के लिए है, जहां सेंसटिव इन्फॉर्मेशन डिस्कस किया जा रहा हो. साथ ही हर मीटिंग के लिए वेटिंग रूम फीचर को इनेबल रखिए. इस फीचर के जरिए वही व्यक्ति मीटिंग में हिस्सा ले सकता है, जिसे कॉल मैनेजर अनुमति देता है.

रक्षा मंत्री के ज़ूम मीटिंग पर उठे थे सवाल

6 अप्रैल को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ज़ूम मीटिंग के जरिए तीनों सेनाओं के प्रमुखों और CDS जनरल बिपिन रावत से मीटिंग की थी. इसकी फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई. सवाल ये भी उठा कि एक तरफ सरकारी एजेंसी इस ऐप के उपयोग को प्राइवेसी के लिए खतरा बता रही है, दूसरी तरफ खुद रक्षा मंत्री इस ऐप का यूज कर रहे हैं.

ज़ूम का क्या कहना है?

कंपनी का कहना है कि वो एंड टु एंड एन्क्रिप्शन देती है. लेकिन बाद में पता चला कि ये एंड टु एंड एन्क्रिप्शन सिर्फ Zoom पर किए गए टेक्स्ट चैट के लिए है. जबकि ज्यादातर लोग इस ऐप पर वीडियो कॉलिंग करते हैं. वीडियो कॉलिंग के लिए ये कंपनी एंड टु एंड एन्क्रिप्शन नहीं देती है.

Zoom के एक प्रवक्ता ने कहा है कि फिलहाल वीडियो कॉलिंग के लिए एंड टु एंड एन्क्रिप्शन देना संभव नहीं है. हालांकि कंपनी ने ये भी कहा है कि वीडियो कॉलिंग के लिए TLS एन्क्रिप्शन अभी भी है. यानी यूजर का डेटा जूम के सर्वर और यूजर्स के बीच एन्क्रिप्टेड होता है. एंड टु एंड एन्क्रिप्शन में कोई भी थर्ड पार्टी किसी भी हालत में यूजर का डेटा नहीं हासिल कर सकता है.


 ‘5G से हो रहा है कोरोना वायरस’ वाले वीडियोज क्यों हटा रहा है यूट्यूब?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

20 अप्रैल से कौन-कौन से लोग अपना काम-धंधा शुरू कर सकते हैं?

और खाने-पीने के सामान को लेकर सरकार ने क्या कहा?

लॉकडाउन के बीच ज़रूरी सामान भेजना है? बस एक कॉल पर हो जाएगा काम

रेलवे अधिकारियों ने शुरू की है 'सेतु' सर्विस.

सड़क पर मजदूरों संग खाना खाने वाले अर्थशास्त्री ने सरकार को कमाल का फॉर्मूला सुझाया है

कोरोना और लॉकडाउन ने मजदूर को कहीं का नहीं छोड़ा.

सरकार की नई गाइडलाइंस, जानिए किन इलाकों में, किन लोगों को लॉकडाउन से छूट

कोरोना से निपटने के लिए लॉकडाउन पहले ही बढ़ाया जा चुका है.

टेस्टिंग किट की बात पर राहुल गांधी ने भारत की तुलना किन देशों से की?

कहा, 'हम पूरे खेल में कहीं नहीं हैं.'

चीन से भारत के लिए चली टेस्टिंग किट की खेप अमरीका निकल गयी!

और अभी तक भारत में नहीं शुरू हो पाई मास टेस्टिंग.

कोरोना: मरीजों की खातिर बेड और लैब के लिए कितना तैयार है भारत, PM मोदी ने बताया

लॉकडाउन बढ़ाने के अलावा पीएम ने क्या-क्या कहा?

15 अप्रैल को लॉकडाउन-2 की जो गाइडलाइंस आनी हैं, उनमें क्या-क्या हो सकता है

पूरे देश में 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ चुका है.

सुप्रीम कोर्ट ने बता दिया है कि किन लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट फ्री में होगा

प्राइवेट लैब भी नहीं ले सकेंगे इनसे पैसा.

PM CARES Fund पर लगातार उठ रहे सवाल, अब हिसाब-किताब की होगी जांच

वकील ने PM Cares फंड को रद्द करने की मांग की है.