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सुप्रीम कोर्ट ने महबूबा मुफ्ती की हिरासत को लेकर अबकी एकदम सीधा सवाल पूछ लिया!

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को 5 अगस्त, 2019 को हिरासत में ले लिया गया था. इसके बाद आर्टिकल 370 हटाया गया. जम्मू-कश्मीर में कथित तौर पर हालात भी सामान्य हो चुके हैं. लेकिन महबूबा मुफ्ती हिरासत में ही हैं. पब्लिक सेफ्टी ऐक्ट (PSA) के तहत. उनकी बेटी इल्तिज़ा मुफ्ती ने अपनी मां की हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 29 सितंबर को केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन से पूछा कि क्या पब्लिक सेफ्टी ऐक्ट लगाकर किसी को एक साल से भी ज़्यादा समय तक हिरासत में रखा जा सकता है?

कोर्ट ने ये भी कहा कि हिरासत हमेशा के लिए तो नहीं हो सकती. अदालत ने इल्तिज़ा मुफ्ती की संशोधित याचिका पर केंद्र से एक हफ्ते में जवाब मांगा है.

जस्टिस संजय के कौल की अगुवाई वाली बेंच ने सुनवाई करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा–

“आप बताइए कि केंद्र सरकार किस कानून के तहत और कितने समय तक जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को हिरासत में रखना चाहती है?”

सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख़ दी है- 15 अक्टूबर.

बेटी को मिलने की इजाज़त मिली

इल्तिजा मुफ्ती ने अपनी याचिका में कहा था कि उनको महबूबा मुफ्ती से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है. इस पर कोर्ट ने उन्हें मिलने की इजाज़त दे दी. याचिका में ये भी कहा गया था कि महबूबा एक राजनीतिक पार्टी की मुखिया हैं. इस नाते उनकी तमाम ज़िम्मेदारियां हैं. उन्हें निभाने के लिए महबूबा को हिरासत से ही राजनीतिक गतिविधियां शुरू करने की भी अनुमति दी जाए. इस पर कोर्ट ने कहा कि एकदम से ऐसी इजाज़त तो नहीं दे सकते. लेकिन संबंधित अधिकारी से बात करके किसी व्यक्ति से मिलने पर अदालत फैसला ले सकती हैं.


 

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