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लॉकडाउन के बीच ज़रूरी सामान भेजना है? बस एक कॉल पर हो जाएगा काम

लॉकडाउन के चलते अभी बाहर निकलना बंद है. ऐसे में एक शहर से दूसरे शहर जरूरी सामान भेजना भी मुश्किल काम है. लेकिन रेलवे ने इसका हल निकाला है. इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस यानी IRTS के अधिकारियों ने एक हेल्पलाइन शुरू की है. इसके जरिेए देश में कहीं भी जरूरी सामान भेजा या मंगाया जा सकता है. इसका नाम है- सेतु हेल्पलाइन. सेतु का मतलब होता है पुल. अपने नाम की तरह यह सर्विस भी जोड़ने का ही काम कर रही है.

पार्सल ट्रेन के जरिए होती है सामान की सप्लाई

रेलवे ने लॉकडाउन से दो दिन पहले जरूरी सामान की सप्लाई के लिए पार्सल ट्रेनें चलाना शुरू कर दिया था. अभी देश में 184 पार्सल ट्रेनें चल रही हैं. लेकिन अभी तक इनमें केवल बड़ा सामान ही ले जाया जा रहा था. जैसे गुजरात से दिल्ली को दुध सप्लाई. या फिर पंजाब से खाने का सामान असम ले जाना. सेतु से भी पार्सल ट्रेन के जरिए ही सामान भेजा जाता है सेतु से भेजे जाने वाले सामान के वज़न या आकार को लेकर कोई बंदिश नहीं है. सामान किसी भी तरह का हो सकता है. जैसे दवा, खाना-पीना, सब्जियां, फैक्ट्री का कच्चा माल.

भारत में पहले फेज में 21 का लॉकडाउन किया गया. दूसरे फेज में 19 दिन लॉकडाउन है.
भारत में पहले फेज में 21 का लॉकडाउन किया गया. दूसरे फेज में 19 दिन लॉकडाउन है.

किसने बनाया ‘सेतु’

सेतु हेल्पलाइन को इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस के 15 ट्रेनी अफसरों की टीम ने तैयार किया है. इस टीम का नेतृत्व प्रयागराज डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर (डीसीएम) डॉ. संचित त्यागी ने किया.

कब शुरू हुई यह सुविधा

सेतु बनाने वाली टीम के मुखिया डीसीएम डॉ. संचित त्यागी से The Lallantop ने बात की. उन्होंने कहा सेतु हेल्पलाइन 14 अप्रैल से शुरू की गई. इसके जरिए पिछले 24 घंटों में 30 टन सामान के ऑर्डर मिले हैं. इसमें पीपीई किट, कैंसर, अस्थमा जैसी बीमारियों की दवाएं, मास्क बनाने का कच्चा माल शामिल हैं. उन्होंने कहा कि जरूरी सामान के लिए यह सुविधा शुरू की गई है.

कैसे काम करती है यह हेल्पलाइन

# सबसे पहले सेतु हेल्पलाइन पर संपर्क करना होगा. इसके लिए 8448848477 पर फोन कर सकते हैं.  या @IRTS_SETU पर ट्वीट भी कर सकते हैं. यहां पर जरूरी सामान के बारे में बताना होगा. अगर आपका ऑर्डर नियमों के हिसाब से है तो उसे एक्सेप्ट किया जाएगा.
# सामान के वजन और भेजे जाने वाली जगह की दूरी के हिसाब से पैसे चुकाने होंगे. उदाहरण के तौर पर दिल्ली से अजमेर अगर 500 ग्राम वजन का सामान भेज रहे हैं. तो 33 रुपये चुकाने होंगे.
# ऑर्डर बुक होने पर एक प्रोग्रेसिव रेफरेंस नंबर यानी PRN जनरेट होगा. इसके जरिए सामान को ट्रैक किया जा सकता है.
# सामान पार्सल ट्रेन के जरिए उसके डेस्टिनेशन यानी ठिकाने पर भेज दिया जाएगा.
# जिसने सामान मंगाया है, वह पहचान बताकर सामान कलेक्ट कर लेगा.

डॉ. संचित त्यागी ने उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मान लीजिए किसी को भीलवाड़ा से सूरत सामान भेजना है. लेकिन भीलवाड़ा में पार्सल सुविधा नहीं है. पार्सल अजमेर में बुक होता है. तो भीलवाड़ा से सामान लाने में भी हम उस व्यक्ति की मदद करते हैं. उसे अजमेर आने के लिए पास चाहिए होगा. तो उसके लिए पास की व्यवस्था करा देंगे. सामान ज्यादा है तो गाड़ी की व्यवस्था करा देंगे. इसी तरह सूरत में सामान पहुंचने पर भी ऐसा ही किया जाएगा. जिससे कि वह सामान कलेक्ट कर सके.

रेलवे ने एक बच्चे के लिए ऊंटनी का दूध राजस्थान से मुंबई सप्लाई किया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
रेलवे ने एक बच्चे के लिए ऊंटनी का दूध राजस्थान से मुंबई सप्लाई किया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कैसे आया सेतु हेल्पलाइन का आइडिया

पिछले सप्ताह एक खबर आई थी मुंबई में एक मां को अपने बच्चे के लिए ऊंटनी का दूध चाहिए था. ऐसे में उस महिला ने ट्वीट कर मदद मांगी थी. बाद में रेलवे की मदद से राजस्थान से पार्सल ट्रेन के जरिए 20 किलो दूध भेजा गया. इसी से रेलवे अधिकारियों को सेतु हेल्पलाइन का आइडिया आया.

डीसीएम डॉ. त्यागी ने बताया कि हमने सोचा कि पार्सल ट्रेन की सर्विस के जरिए हम लोग सामान सप्लाई की समस्या को दूर कर सकते हैं. खोजबीन में हमें पता चला कि अभी जनता और प्रशासन दोनों को सामान सप्लाई में समस्या आ रही है. इसलिए हमने पार्सल ट्रेन की सुविधा को आम आदमी तक आसानी से पहुंचाने का फैसला किया. अभी तक पार्सल बुक करने के लिए डिविजन ऑफिस जाना होता था. वहां सामान बुक होता था. लेकिन लॉकडाउन में ऐसा हो नहीं सकता. तो हमने सेतु को शुरू किया.

अब तक कहां-कहां गया सामान

उन्होंने कहा कि सबसे पहले फार्मास्युटिकल यानी दवा सेक्टर की तरफ से ऑर्डर आया. इसके तहत प्रयागराज से 60 किलो फार्मास्युटिकल प्रॉडक्ट बांदा भेजा गया. इसके अलावा दिल्ली से आगरा 80 किलो के करीब दवाएं ले जाई गई. अभी तक रेलवे ने आगरा, बदायूं, बांसवाड़ा, भागलपुर, भीलवाड़ा, धनबाद, गोआ, मधुबनी, सूरत के साथ ही दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों में भी सामान भेजा है.

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