Submit your post

Follow Us

दिल्ली में कॉन्स्टेबल ने ट्रेन के नीचे कुचलने से महिलाओं-बच्चों को बचाया, लेकिन खुद नहीं बच पाया

5
शेयर्स

ख़ुशी होती है जब इस मतलबी जहान में कोई दूसरों के लिए जीता है. और ज़्यादा ख़ुशी होती है जब किसी ऐसे शख्स से मिलो जो दूसरे के लिए जान भी दे सकता है. लेकिन दोस्तो यकीन करो दुःख, बहुत दुःख होता है, जब ऐसे किसी नेकदिल इंसान की ज़िन्दगी चली जाती है. खूब मतलबी होकर सोचो तो भी, एक टीस उठती है कि अगर ये इंसान ज़िंदा होता तो हमारी दुनिया थोड़ी और खूबसूरत होती. तो ऐसे ही एक इंसान की मौत से मन बहुत व्यथित है.

आज तक के पत्रकार हिमांशु मिश्रा के अनुसार दिल्ली के आजादपुर इलाके में ऐसी घटना हुई कि जिससे यकीन हो गया कि दुनिया बची रहेगी, क्यूंकि अच्छे लोग उसे बचाने के लिए मारे जाएंगे.

जगबीर सिंह राणा. ये नाम है उस कांस्टेबल का जिसने बच्चों को बचाते हुए अपनी जान की आहुति दे दी.

रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों के अनुसार कांस्टेबल जगबीर सिंह राणा की नाईट शिफ्ट चल रही थी – शाम के 8 बजे से लेकर अगले दिन के सुबह के 8 बजे तक.

सोमवार को रात साढ़े नौ बजे का समय रहा होगा. जगबीर की ड्यूटी आजादपुर रेलवे ट्रैक पर सिग्नल 7 के पास थी. सिग्नल ग्रीन था. उनके सामने ट्रैक पर एक नहीं बल्कि दोनों तरफ से ट्रेन आ रही थी. एक ट्रेन होशियारपुर दिल्ली से अम्बाला जा रही थी और दूसरी कालका से नई दिल्ली की तरफ. तभी जगबीर राणा की नजर ट्रैक पर कर रहे दो-तीन बच्चों और महिलाओं पर पड़ी.

इन लोगों को अम्बाला जा रही ट्रेन तो दिख रही थी पर कालका शताब्दी नजर नहीं आई. यही बात बताने के लिए जगबीर तेज़ी से उनकी तरफ दौड़े. वो चिल्ला भी रहे थे लेकिन ट्रेन की तेज़ आवाज़ के चलते किसी ने भी जगबीर को नहीं सुना.

जैसे-तैसे जगबीर उन तक पहुंच गए और बच्चों और महिलाओं को ट्रैक से दूर धकेल दिया. और इस दौरान इससे पहले कि वो खुद को बचा पाते, ट्रेन उनको रौंद कर चल दी.

जगबीर ऑरिजिनली सोनीपत, हरियाणा निवासी थे और उनकी उम्र 50 वर्ष थी . रेलवे पुलिस बल के अधिकारियों ने बताया कि –

इंजन से जगबीर के कंधे पर टक्कर लगी और वो उछल कर दूर गिर गए. इसकी वजह से उनके सिर पर गंभीर चोट लग गई और उनकी मौत हो गई. पुलिस बल उनके परिवार की पूरी मदद करेगा.


वीडियो देखें –

‘मायावती और मुलायम भाई-बहन हैं, झगड़ा तो होता रहता है’ –

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
Police constable died while saving the life of others

क्या चल रहा है?

6 रन पर पूरी टीम ऑल आउट हो गई, उसमें से पांच रन तो एक्स्ट्रा के थे

अगली टीम ने चार गेंदों में मैच जीत लिया.

मॉर्गन रन लेने को भागे, अफ़ग़ानिस्तान के कप्तान क्रिकेट छोड़ बीच मैदान कबड्डी खेलने लगे

बात तो मज़ाक में आई-गई हो गई, लेकिन मॉर्गन रन आउट हो जाते तो बवाल हो जाता.

6 लड़कों ने मुझे कार से खींचकर निकाला, मिस इंडिया यूनिवर्स रह चुकीं उशोषी ने बताया

यह सब कोलकाता में हुआ. इस पर पुलिस ने जो किया, वो भी शर्मनाक है.

क्या ये क्रिकेट का सबसे महंगा कैच छूटा है?

राशिद के 9 ओवर में 110 रन कुटाने के बाद भी उनके कप्तान ने दिल जीतने वाली बात कही है.

शहीद होने वाले दिन मेजर केतन शर्मा ने परिवार को वॉट्सऐप किया - मेरी आखिरी तस्वीर

मेजर केतन शर्मा कश्मीर में हुए एक एनकाउंटर के दौरान शहीद हो गए.

397 रन: मॉर्गन आज ऐसे खेले, जैसे सहवाग, गेल, अफरीदी की इकट्ठी आत्मा उनके अंदर आ गई हो

राशिद ख़ान जैसे धाकड़ बॉलर का मज़ाक बनाके रख दिया.

पाकिस्तान के फ़खर ज़मान का नाम गावस्कर ने लाइव टीवी पर लेने से क्यूं मना कर दिया?

फ़खर या कुछ और?

वर्ल्ड कप के 3 सबसे लंबे छक्के एक ही टीम के खिलाड़ियों ने लगाए हैं

बाकी टीम के प्लेयर कहां गायब हैं?

जिस सरबजीत के लिए मोर्चे निकल रहे हैं, उसने पहले भी एक गुरुद्वारे के सेवादार का हाथ तोड़ दिया था

दिल्ली पुलिस पर कृपाण से हमला करने के बाद सरबजीत को पुलिस ने बीच सड़क पर मारा था.

एक्टर करण ओबेरॉय छूट गए, रेप का आरोप लगाने वाली लड़की को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया

पुलिस ने बताया कि लड़की ने खुद ही खुद पर हमला करवाया था.