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अगर आप एक भी whatsapp ग्रुप के एडमिन हो तो सावधान!

बड़ी ताकत के साथ बड़ी जिम्मेदारी आती है. मकड़ामानव से सुना ही होगा. लेकिन माकड़मानुष ने ये नहीं बताया कि छोटी पावर के साथ भी बड़ी जिम्मेदारी आती है. छोटी पावर ऐसी कि मानो आप एक वॉट्सऐप ग्रुप के मालिक हैं. या कोई फेसबुक ग्रुप चलाते हैं. तो अब आप जेल जा सकते हैं.

ग्रुप चलाने के लिए नहीं, जिम्मेदारी न निभाने के कारण. अगर ग्रुप पर कोई ऑफेंसिव मैसेज आता है. कोई अफवाह आती है. फर्जी खबर आती है. कोई ऐसा वीडियो आता है जिसके कारण किसी की भावनाएं आहत होती हैं. उसके लिए आपको जेल हो सकती है. इससे कैसे बचें? जैसे ही कोई ऑफेंसिव पोस्ट आए. उसे हटाएं. उस मेंबर को हटाएं और दिक्कत अगर ज्यादा बढ़ रही हो तो पुलिस के पास जाएं.

देखिए बात ऐसी है कि फर्जी की फोटो, नकली खबरें और ऐसी बातें जिनसे आपको भड़काया जा रहा है. आपके भेजे में ये बातें डाली जा रही हैं कि ढिकाने से लड़ना है. वो खतरा है. वो दुश्मन है. ये सब वॉट्सऐप पर खूब होता है. मुझे पता है आपका भी ग्रुप है. वॉट्सऐप पर आपको भी मैसेज आता है जिसमें आपको दुखी पार्टी दिखाकर कहा जाता है, सामने वाले पर चढ़ बैठो. और आपको उसमें कुछ बुरा नहीं लगता क्योंकि सेम चीज आपकी पॉलिटिक्स से मैच खाती है. आपको लगता है यार कोई तो चलो हमारी बात कर रहा है. लेकिन इस चक्कर में आप फैक्ट्स चेक नहीं करते. तो आप खतरे में पड़ जाओगे.

इसको सिंपली ऐसे समझें. आप मैकेनिकल में हैं, जेएनसीटी में पढ़ते हैं. आपको खबर मिली वॉट्सऐप पर कि कल जेएनसीटी के एक लड़के को आरआईटी वालों ने सिरमौर चौराहे पर पकड़कर खूब पीटा है. अब आपको गुस्सा आ जाएगा. फिर कोई एक फोटो भेज देगा जिसमें एक लड़के का कपार फूटा है और वो नीचे पड़ा है. आपका गुस्सा और भड़केगा. फिर तीसरी खबर आपको मिलेगी कि ये लड़का भी मैकेनिकल का है, जेएनसीटी का है. आपको पता होगा ये मेरे साथ तो नहीं है तब भी ये देखने नहीं जाओगे कि लड़का तो जेएनसीटी का नहीं टीआरएस कॉलेज का है. आप ये फैक्ट चेक इसलिए नहीं करते क्योंकि तब तक आप आरआईटी वालों के खिलाफ गुस्से में आ गए हैं. ऐसे मैसेज से, ऐसी खबर से आपका पक्ष स्ट्रांग होता है. लेकिन दोस्त दुनिया ऐसे नहीं चलती न. वो लड़का मान लो टीआरएस कॉलेज का था. छह महीने पहले उसका सिर फूटा था लेकिन अभी उसे आपके यहां का बता के आपका गुस्सा भड़का दिया गया. कल को आप जाकर आरआईटी वाले को मार आओगे. एक ऐसी बात के लिए जो कभी हुई ही नहीं. परसों आरआईटी वाला आपको मारेगा. नरसों आप फिर उनको मारोगे? पढ़ोगे कब बे?

सेम यही चीज हर चीज पर लागू होती है. लड़के की जगह गाय, किसान, सैनिक, अपनी जाति की लड़की, अपना पुलिस वाला, अपने धर्म का लड़का, अपने मंदिर-मस्जिद, धर्मग्रंथ ऐसा कोई भी शब्द हो सकता है. वो शब्द जान-बूझकर ऐसे रखा जाएगा जिससे आप कनेक्ट कर सकें. बाकी तो आप कितने सीधे हैं हम जानते ही हैं. तो अब यही छोटी- बदमाशियां जो हैं न चलेंगी.

बनारस में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और एसएसपी ने ये ऑर्डर जारी किया है. ऑर्डर सीधा सा कि कोई भी ऐसा संदेश या पोस्ट जिसमें फैक्ट्स सही नहीं होंगे. आपके खिलाफ एफआईआर करा सकता है. हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले जाड़ों में कहा था कि ऐसे एडमिन्स को किसी पोस्ट के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता लेकिन क्योटो सॉरी बनारस में उल्टा हो रहा है. वहां प्रशासन का कहना है कि समेट नहीं सकते तो फैलाओ मत. आई मीन सोशल मीडिया पर एडमिन्स को अपनी जिम्मेदारी का फल भुगतने को तैयार रहना चाहिए.

वैसे बात एक तरीके से सही भी है, आपने ग्रुप बना लिया वहां फर्जी बातें चल रही हैं और आप एक्शन नहीं ले रहे हैं. कल को कुछ हुआ और उसकी जड़ आपका ग्रुप है तो आपकी जिम्मेदारी नहीं बनती क्या. नहीं रुको हमको बताओ. ग्रुप तो तुमने बना लिया. जब गलत फैक्ट्स आ रहे थे तब सुट्ट मार के बैठे थे. अब जेल जाने में काहे बुरा लग रहा है जी?

तो अब क्या करें?

1. वॉट्सऐप और फेसबुक पर ग्रुप न बनाएं. जीवन में लौटें, दोस्तों से सीधे मिलें. वो आपके तीर घुसे दिल के भूखे नहीं हैं. उनसे मिलकर प्रेम बांटें.
2. वॉट्सऐप अनइंस्टाल कर दें. फेसबुक डीएक्टिवेट कर दें. न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी.
3. ये दो चीजें न कर पायें तो हर ग्रुप में उन्हीं लोगों को ऐड करें जिन्हें पर्सनली जानते हैं. जिनके घर पर जाकर उनको कोस सकते हों. हवालात में जो दोस्त आपके लिए आलू पूरी लेकर आ सकें. ऐसे ही दोस्तों को ऐड करें.
4. अगर ये भी न हुआ, तो जैसे ही कोई ऑफेंसिव पोस्ट आए. उसे हटा दें.
5. ऐसे मेंबर को भी ग्रुप से बाहर निकाल दें. याद रखें अगर आज उसे ग्रुप से बाहर निकालने में बुरा लग रहा है तो कल को हवालात से बाहर निकलने में और बुरा लगेगा.
6. अगर कोई मैसेज या पोस्ट ज्यादा ही बुरा है. ज्यादा ही समस्याएं खाड़ी कर सकता है तो नजदीकी थाने में जाएं. पुलिस को उस बारे में बताएं. थाने तक जाने में आलस न करें. आज अगर आप अपने वाहन से नहीं जाएंगे तो कल को पुलिस वाले अपना वहां लेकर आ सकते हैं.

सुरक्षित रहें. चौकस रहें. बुद्धि खोलकर काम करें. नफरत और झूठ न फैलाएं. अच्छे आदमी बनें. मच्छरदानी लगाकर सोएं. दिन में कम से तीन लीटर पाने पिएं. 


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