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लंबे वक्त तक चल पाएगी अलग-अलग टूर पर अलग-अलग टीमें भेजने की रणनीति?

कोरोना के चलते क्रिकेट के खेल में काफी बदलाव देखने को मिल रहे हैं. सभी टीमें अपने अपने हिसाब से बेस्ट रणनीति बनाने की कोशिश में लगी हैं. इसी बीच भारतीय क्रिकेट टीम भी कुछ ऐसा करने जा रही है, जो आखिरी बार 23 साल पहले हुआ था. इस दौरान एक भारतीय टीम इंग्लैंड में होनी वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की तैयारी कर रही होगी, उसी दौरान दूसरी भारतीय टीम लिमिटेड ओवर्स सीरीज के लिए श्रीलंका का दौरा करेगी.

ऐसे में फ़ैन्स और क्रिकेट विशेषज्ञ लगातार एक सोच रहे हैं कि क्या ये तरीका आगे चलकर कारगर होगा? क्या इसे लम्बे समय के लिए अपनाया जा सकता है? पूर्व भारतीय कप्तान और श्रीलंका जा रही टीम के कोच राहुल द्रविड़ से भी इस मसले पर प्रश्न पूछे गए. श्रीलंका के लिए रवाना होने से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल द्रविड़ ने कहा,

‘इस समय हालात बेहद विचित्र हैं. Covid-19 और क्वॉरंटाइन के चलते काफी चीजें बदल गयीं हैं. ख़ासकर अगर एक देश से दूसरे देश ट्रेवल करने की बात करें तो. ऐसे में हर महीने चीजें बदल रहीं हैं. आप यह एक्सपेक्ट नहीं कर सकते की अगले महीने क्या होगा.फिलहाल के लिए तो यह रणनीति बिलकुल सही है.’

क्या इसे लंबे समय के लिए अपनाया जा सकता है? इस सवाल का जवाब देते हुए द्रविड़ ने कहा,

‘जब एक देश से दूसरे देश जाने पर कुछ पाबंदियां हों तब तक के लिए तो यह रणनीति बिलकुल सही है. लेकिन मेरे लिए यह कहना बहुत मुश्किल होगा कि लॉन्ग टर्म में यह कारगर साबित होगा या नहीं. इसके लिए बाकी सभी बोर्ड्स, स्पॉन्सर्स, मीडिया आदि की सहमति भी जरूरी है.’

हालांकि राहुल द्रविड़ का यह भी मानना है कि इस रणनीति को अपनाने से खिलाड़ियों को काफी हद तक राहत मिलेगी. राहुल द्रविड़ का कहना है कि इस रणनीति को अपनाने से खिलाड़ियों को एक देश से दूसरे देश ट्रेवल करने से होने वाली मानसिक थकान से तो राहत जरूर मिलेगी. द्रविड़ ने कहा,

‘यह खिलाड़ियों के लिए निश्चित तौर पर फायदेमंद है. इससे खिलाड़ियों पर कम प्रेशर पड़ेगा. ख़ासकर जो खिलाड़ी सभी फॉर्मेट में खेलते हैं उनके लिए ऐसे समय में सभी पाबंदियों का पालन करना, उसके बाद ट्रेवल करना काफी मुश्किल हो जाता है.’

भारतीय टीम 28 जून को श्रीलंका के लिए रवाना होगी. 1998 के बाद यह पहला ऐसा मौका होगा जब एक साथ दो अलग अलग भारतीय टीमें दो अलग-अलग दौरे करेंगी. 1998 में अजय जडेजा के नेतृत्व में एक भारतीय टीम कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए मलेशिया गयी थी, जबकि दूसरी भारतीय टीम अजहरुद्दीन के नेतृत्व में सहारा कप खेलने कनाडा गयी थी.


यह स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे प्रवीण नेहरा ने लिखी है.


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