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अचानक ऐसा क्या हुआ कि इस राज्य में बीजेपी की सरकार खतरे में आ गई है?

मणिपुर. यहां एन बीरेन सिंह की अगुवाई में बीजेपी की सरकार है. लेकिन बीजेपी के तीन विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस जॉइन कर ली है. वहीं सरकार को समर्थन देने वाले छह विधायकों ने अपना समर्थन वापस ले लिया है. अब 60 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी के पास 18 विधायक रह गए हैं. किसी भी पार्टी को सरकार में बने रहने के लिए कम से कम 31 विधायकों के समर्थन की जरूरत है.

नेशनल पीपुल्स पार्टी के चार विधायक थे. इसने बीजेपी को समर्थन दिया था. इसके तीन विधायक सरकार में मंत्री थे. पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया है. अकेले तृणमूल विधायक और इकलौते निर्दलीय विधायक ने भी बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है.

कांग्रेस को ज्यादा सीटें, पर बीजेपी की बनी सरकार

2017 में मणिपुर में विधानसभा चुनाव हुए थे. किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था. कांग्रेस 28 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. वहीं बीजेपी के 21 विधायक जीते थे. नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) को चार-चार सीटें मिली थीं. वहीं लोक जनशक्ति पार्टी, तृणमूल और निर्दलीय को एक-एक सीट मिली थी.

कांग्रेस विधायक ने बदल लिया था पाला

राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. बीजेपी सभी गैर-कांग्रेसी विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने में कामयाब रही थी. इसके अलावा एक कांग्रेस विधायक श्यामकुमार सिंह भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे.

राज्य की आंद्रो सीट से श्यामकुमार ने चुनाव लड़ा. कांग्रेस के टिकट पर. चुनाव जीता भी. लेकिन श्यामकुमार की पार्टी हार गई. राज्य में बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनती दिख रही थी और श्यामकुमार ने आनन-फानन में कांग्रेस छोड़ी, बीजेपी में आए. पुरस्कार में पा गए मंत्री पद. वन मंत्री बने. इसी साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था.


गलवान घाटी में भारत-चीन की झड़प में शहीद हुए जवानों पर क्या बोले राजनाथ सिंह?

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